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Punjab Congress: 11 को पंजाब आएंगे राष्ट्रीय अध्यक्ष, कन्वेंशन के लिए बनी कमेटी में नवजोत सिद्धू का नाम नहीं
Tue, 06 Feb 2024 12:32 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 06 Feb 2024 12:32 PM IST
सार
पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिद्धू पिछले कुछ समय से पार्टी से अलग गतिविधियां चला रहे हैं। कांग्रेस आलाकमान ने हालांकि उन्हें चुनाव समिति में शामिल किया था लेकिन सिद्धू उसकी पहली बैठक में ही शामिल नहीं हुए। पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और पंजाब प्रभारी देवेंद्र यादव नवजोत सिद्धू की शिकायत दे चुके हैं।
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नवजोत सिद्धू
- फोटो : twitter
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विस्तार
पंजाब कांग्रेस की 11 फरवरी को लुधियाना में बुलाई गई रैली भले ही लोकसभा चुनाव में पार्टी का रोडमैप तय करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है, लेकिन प्रदेश इकाई की अंतर्कलह सामने आ गई है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में होने वाली इस कन्वेंशन के सफल आयोजन के लिए गठित 16 सदस्यीय कमेटी में पूर्व प्रदेश प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू को शामिल नहीं किया गया है। इसके अलावा, पार्टी की ओर से प्रदेश के सभी नेताओं को इस कन्वेंशन में हाजिर रहने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
यह पहला मौका है, जब कांग्रेस हाईकमान ने पंजाब कांग्रेस के मामले में नवजोत सिद्धू की अनदेखी की है। इससे पहले हाईकमान ने चुनाव समिति का गठन करते हुए सिद्धू को भारी विरोध के बावजूद जगह दी थी। हालांकि, सिद्धू ने चुनाव समिति की पहली बैठक में शामिल न होते हुए उसके समानांतर अपने समर्थकों की बैठक बुलाकर हाईकमान को झटका दे दिया था।
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सिद्धू इससे पहले भी प्रदेश कांग्रेस के कार्यक्रमों से दूरी बनाकर राज्य में अपने स्तर पर सियासी रैलियों का आयोजन करते रहे हैं, जिसे लेकर प्रदेश इकाई ने कई बार सवाल उठाए, लेकिन सिद्धू पर इसका कोई प्रभाव नहीं हुआ। अब 11 फरवरी की कन्वेंशन में नवजोत सिद्धू शामिल होंगे या नहीं, इस बारे में प्रदेश इकाई के पास कोई जानकारी नहीं है। दूसरी ओर, नवजोत सिद्धू को लेकर पार्टी के किसी भी नेता ने कोई टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया।
दरअसल, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के बाद प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव ने भी सिद्धू के खिलाफ हाईकमान को रिपोर्ट सौंप दी है। प्रदेश प्रधान का कहना है कि कन्वेंशन में सभी नेताओं को हाजिर होने को कहा गया है। उनका कहना है कि यह पहला मौका है, जब पंजाब कांग्रेस में कन्वेंशन होने जा रही है, क्योंकि हाईकमान ने इसका आयोजन हमेशा राष्ट्रीय स्तर पर ही किया है। इसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष की मौजूदगी ने पंजाब कांग्रेस के नेताओं और वर्करों में उत्साह भर दिया है, जिसका फायदा अवश्य ही आगामी चुनाव में भी होगा।
पंजाब में लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी की तैयारियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश इकाई पूरी तरह तैयार है और सभी स्तरों पर नेताओं और वर्करों की कमेटियां गठित कर उन्हें जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। दो साल के कार्यकाल में उन्होंने राज्य में पार्टी के 2145 मंडल प्रधान व 24570 मंडल कमेटी सदस्य, 289 ब्लॉक प्रधान, 8959 ब्लॉक समिति सदस्य, 29 जिला प्रधान व 2675 जिला सदस्य मनोनीत किए हैं, जिनसे हर महीने बैठक करके वह स्थिति की समीक्षा भी कर रहे हैं।
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कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में होने वाली इस कन्वेंशन के सफल आयोजन के लिए गठित 16 सदस्यीय कमेटी में पूर्व प्रदेश प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू को शामिल नहीं किया गया है। इसके अलावा, पार्टी की ओर से प्रदेश के सभी नेताओं को इस कन्वेंशन में हाजिर रहने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
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यह पहला मौका है, जब कांग्रेस हाईकमान ने पंजाब कांग्रेस के मामले में नवजोत सिद्धू की अनदेखी की है। इससे पहले हाईकमान ने चुनाव समिति का गठन करते हुए सिद्धू को भारी विरोध के बावजूद जगह दी थी। हालांकि, सिद्धू ने चुनाव समिति की पहली बैठक में शामिल न होते हुए उसके समानांतर अपने समर्थकों की बैठक बुलाकर हाईकमान को झटका दे दिया था।
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सिद्धू इससे पहले भी प्रदेश कांग्रेस के कार्यक्रमों से दूरी बनाकर राज्य में अपने स्तर पर सियासी रैलियों का आयोजन करते रहे हैं, जिसे लेकर प्रदेश इकाई ने कई बार सवाल उठाए, लेकिन सिद्धू पर इसका कोई प्रभाव नहीं हुआ। अब 11 फरवरी की कन्वेंशन में नवजोत सिद्धू शामिल होंगे या नहीं, इस बारे में प्रदेश इकाई के पास कोई जानकारी नहीं है। दूसरी ओर, नवजोत सिद्धू को लेकर पार्टी के किसी भी नेता ने कोई टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया।
दरअसल, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के बाद प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव ने भी सिद्धू के खिलाफ हाईकमान को रिपोर्ट सौंप दी है। प्रदेश प्रधान का कहना है कि कन्वेंशन में सभी नेताओं को हाजिर होने को कहा गया है। उनका कहना है कि यह पहला मौका है, जब पंजाब कांग्रेस में कन्वेंशन होने जा रही है, क्योंकि हाईकमान ने इसका आयोजन हमेशा राष्ट्रीय स्तर पर ही किया है। इसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष की मौजूदगी ने पंजाब कांग्रेस के नेताओं और वर्करों में उत्साह भर दिया है, जिसका फायदा अवश्य ही आगामी चुनाव में भी होगा।
पंजाब में लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी की तैयारियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश इकाई पूरी तरह तैयार है और सभी स्तरों पर नेताओं और वर्करों की कमेटियां गठित कर उन्हें जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। दो साल के कार्यकाल में उन्होंने राज्य में पार्टी के 2145 मंडल प्रधान व 24570 मंडल कमेटी सदस्य, 289 ब्लॉक प्रधान, 8959 ब्लॉक समिति सदस्य, 29 जिला प्रधान व 2675 जिला सदस्य मनोनीत किए हैं, जिनसे हर महीने बैठक करके वह स्थिति की समीक्षा भी कर रहे हैं।