फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Congress-backed Goyal Group won all six seats in PU Senate Faculty category election

पीयू सीनेट के संकाय वर्ग चुनाव में कांग्रेस समर्थित गोयल ग्रुप ने लहराया परचम, सभी छह सीटें जीतीं

Thu, 02 Sep 2021 02:29 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 02 Sep 2021 02:29 AM IST
विज्ञापन
Congress-backed Goyal Group won all six seats in PU Senate Faculty category election
चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट के संकाय वर्ग चुनाव में कांग्रेस समर्थित गोयल ग्रुप का कब्जा हो गया है। सभी छह सीटों पर प्रत्याशियों की जीत हुई है। भाजपा के हाथ एक भी सीट नहीं लगी। दोनों ही दलों के कुछ मंत्री व नेता वोट डालने पहुंचे थे। भाजपा अपनी हार के कारणों की समीक्षा कर रही है।
विज्ञापन

पीयू के लॉ ऑडिटोरियम में सुबह नौ से शाम सात बजे तक मतदान हुआ। छह सीटों के लिए 12 उम्मीदवार मैदान में थे। हर संकाय के लिए मतदान का समय निर्धारित था। एक संकाय के मतदान होने के बाद उनकी मतगणना हुई। परिणाम जैसे ही गोयल ग्रुप के पक्ष में आने लगे तो सभी के चेहरे खिल उठे। वहीं भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की धड़कने बढ़ने लगीं। शाम सात बजे तक सभी संकायों के परिणाम आ चुके थे। इसमें गोयल ग्रुप की बड़ी जीत हुई। कला संकाय से जहां प्रो. रोनकी राम ने जीत हासिल की, वहीं मेडिकल साइंस संकाय से अशोक गोयल ने। भाषा संकाय से प्रो. राजेश गिल, कंबाइंट संकाय से प्रो. केशव मल्होत्रा, विज्ञान संकाय से प्रो. नवदीप गोयल और कानून संकाय से अनु चतरथ विजेता बनीं। इस चुनाव के लिए कुल 755 वोटर थे।
विज्ञापन

किसेे कितने वोट मिले
कला संकाय
प्रो. रोनकी राम : 53
प्रो. अंजू सूरी : 47
मेडिकल विज्ञान संकाय
अशोक गोयल : 47
डॉ. सर्वदीप सिंह : 29
भाषा संकाय
प्रो. राजेश गिल : 48
डॉ. गुरपाल सिंह संधू : 35
कंबाइंड संकाय
प्रो. केशव मल्होत्रा : 141
प्रो. नवल किशोर : 107
विज्ञान संकाय
प्रो. नवदीप गोयल : 90
प्रो. प्रोमिला पाठक : 38
कानून संकाय
अनु चतरथ : 37
जगजोत सिंह लल्ली : 10
कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों की जीत के कारण
कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों की जीत का प्रमुख कारण यही माना जा रहा है कि उन्होंने यूनिवर्सिटी को बखूबी समझा है और हर वोटर पर उनकी पकड़ है। वह अपने वोटरों का गणित पहले ही लगा लेते हैं। साथ ही सीनेट के चुनाव बार-बार स्थगित करने का प्रभाव भी परिणामों पर पड़ा है। इसी कारण कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी विजयी हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन

भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की हार के कारण
भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की हार का कारण गुटबाजी को माना जा रहा है। कई गुटों में यहां भाजपा के लोग बंटे हैं, कुछ इस वर्ग के लोग दूसरे दलों के प्रत्याशियों के लिए वोट मांगते नजर आए। भाजपाई जब तक एक नहीं दिखेंगे तब तक संकाय वर्ग पर काबिज होना मुश्किल माना जा रहा है। एक कारण हार का यह भी माना जा रहा है कि भाजपा के सदस्यों को अपने वोटरों की पहचान नहीं है। वह चुनाव से एक दिन पहले का गणित नहीं लगा पाए। हालांकि भाजपा के अपने वोटर गिनती के हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed