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शहीदों की शहादत के साथ शर्मनाक मजाक

Mon, 09 Feb 2015 04:19 PM IST
सुरजीत सिंह सत्ती/अमर उजाला, चंडीगढ़
सुरजीत सिंह सत्ती/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 09 Feb 2015 04:19 PM IST
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Conditions for Post Stams on Freedom Fighters Martyr by Narendra Modi Govt

जहां एक ओर देश अपने सपूतों की शहादत का शताब्दी वर्ष मना रहा है वहीं केंद्र सरकार ने डाक टिकट जारी करने के लिए कई शर्तें रख दी हैं। सरकार का कहना है कि डाक टिकट तभी जारी किए जाएंगे अगर इनका प्रस्ताव भेजने वाला व्यक्ति एक लाख टिकट खरीदने को तैयार है।

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केंद्रीय संचार एवं सूचना तकनीकी मंत्रालय की ओर से लगाई गई शर्तों का खुलासा उस वक्त हुआ जब आजादी के संघर्ष के दौरान लाहौर, दिल्ली व अंबाला जेलों में शहीद हुए 11 देशभक्तों की शहादत के शताब्दी वर्ष पर डाक टिकट जारी करने का आग्रह मंत्रालय को भेजा गया।
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यह आग्रह एडवोकेट एचसी अरोड़ा की ओर से भेजा गया था। उन्हें मंत्रालय के असिस्टेंट डायरेक्टर जनरल (फिलैटली) से पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें कहा गया है कि मंत्रालय की वेबसाइट पर आवेदन का फॉरमेट दिया गया है। डाक टिकट के लिए आग्रह इसी फॉरमेट के माध्यम से किया जा सकता है।
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अब नई छप सकेंगे डाक टिकट

Conditions for Post Stams on Freedom Fighters Martyr by Narendra Modi Govt

-डाक टिकट जारी कराने के लिए एक लाख टिकट खरीदने की अंडरटेकिंग देनी होगी
-आवेदक अगर अंतरराष्ट्रीय संस्थान है (जिसका मुख्यालय भारत से बाहर हो) तो कम से कम 25 लाख रुपये के टिकट खरीदने होंगे
-एक साल में 50 टिकट ही जारी होंगे

नहीं छप सकेंगे टिकट
मंत्रालय की शर्तों के अनुसार डाक टिकट जारी करवाने से दो साल पहले आवेदन करना जरूरी है। ऐसे में जिन शहीदों की जन्म शताब्दी इस साल है, उनके नाम का डाक टिकट अब जारी नहीं हो पाएगा।

देशभक्तों के कारण ही हमें आजादी मिली। ऐसे में उनके नाम पर टिकट जारी करने के लिए एक लाख टिकट खरीदने की शर्त नहीं होनी चाहिए। यह शर्त हटवाने के लिए हम कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।
एडवोकेट एचसी अरोड़ा

इनकी शहादत को हो हुए 100 साल

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वर्ष 1915 में मढ़ौली कलां मोरिंडा के पंडित कांशी राम 27 मार्च को लाहौर जेल में, दिल्ली के अमीर चंद 8 मई को और इसी दिन अबद बिहारी दिल्ली जेल में, बसंत कुमार बिसवास 10 मई को अंबाला जेल में, करतार सिंह सराभा- विष्णु गणेश पिंगले- भाई बख्शीश सिंह- भाई सुरैण सिंह- सुरैण सिंह- भाई हरनाम सिंह सियालकोटी और भाई जगत सिंह 16 नवंबर को लाहौर जेल में शहीद हो गए थे। इन्हीं शहीदों के नाम पर केंद्र सरकार से डाक टिकट जारी करने का आग्रह किया गया था।

कूका लहर पर टिकट के लिए दिए थे छह लाख
पंजाब सरकार ने नामधारी समुदाय की कूका लहर के 150 साल पूरे होने पर केंद्र से कूका लहर के नाम पर डाक टिकट का आग्रह किया था। इसके लिए पंजाब सरकार ने टिकटों की प्रिंटिंग के लिए छह लाख रुपए भी अदा किए थे।

केंद्र ने पांच रुपये के टिकट जारी करने का प्रस्ताव मंजूर कर लिया था। देश की आजादी के लिए कूका लहर सतगुरु राम सिंह ने 12 अप्रैल, 1857 को शुरू की थी। 90 साल के संघर्ष के दौरान 10 नामधारियों को फांसी दी गई थी और अनेक लोगों को जेल में रखा गया था।

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