चंडीगढ़: नेताओं के वादों की तरह बह गईं सड़कें, गड्ढों से निकलते वक्त लोगों के दिल धड़के
चंडीगढ़ स्वीट्स के सामने और सेक्टर-25 में श्मशानघाट के सामने वाली सड़क तो चुनाव से तत्काल पहले बनी थी, उसके बाद सड़क उखड़ गई।
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चंडीगढ़ में हाल ही में बनीं सड़कें नेताजी के वादों की तरह ही एक बारिश में बह गईं। इन सड़कों पर लोग इतनी बार फिसल कर गिर चुके हैं कि गड्ढों से निकलने में अब उनकी धड़कनें तेज हो जाती हैं। लोगों का कहना है कि नेताओं ने लुभाने के लिए चुनाव से पहले आनन फानन में सड़क बनवा दी। ठेकेदारों ने भी नेताओं के दबाव में कम मैटेरियल के साथ सड़कें बनवा दीं। चुनाव के बाद अब कोई ध्यान देने वाला नहीं है।
शहर हो या गांव, हाल ही में हुई बारिश ने दोनों जगह की सड़कों की पोल खोल दी है। लोगों का कहना है कि सेक्टरों की सड़कों पर खासकर हल्लोमाजरा में दीप कांप्लेक्स के सामने वाली सड़क साल में कई बार सड़क बनती है, लेकिन चलती नहीं। थोड़ी दिन में ही सड़क उखड़कर गड्ढा हो जाता है। इधर, चंडीगढ़ स्वीट्स के सामने और सेक्टर-25 में श्मशानघाट के सामने वाली सड़क तो चुनाव से तत्काल पहले बनी थी, उसके बाद सड़क उखड़ गई। प्रशासन ने दो बार फिर से सड़कों को बना दिया है, उसके बावजूद गिट्टियां उखड़ रही हैं। गांव के लोगों का कहना है कि तीन माह पहले विकास के नाम पर निगम ने सड़कें खोदकर डाल दीं। वैसे तो उबड़ खाबड़ सड़कों से निकलना मुश्किल था, बारिश के बाद तो फिर सड़कों का भी बुरा हाल हो गया। नई सरकार है तो उम्मीद है कि अब सड़कों की समस्या से निजात मिलेगी।
क्या कहते हैं लोग
एक माह में ही गड्ढों में तबदील हो गई सड़क
हल्लोमाजरा में दीप कांप्लेक्स के सामने वाली सड़क एक माह भी नहीं चली। सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे हो गए हैं। यहां पर दो सड़कें मिलती हैं। गड्ढों से बचने के चक्कर में कई बार लोग दुर्घटना के शिकार हो चुके हैं। - अरविंद सिंह, निवासी हल्लोमाजरा
सेक्टर-35 में कुछ महीनों बाद ही टूट गई सड़क
जेडब्ल्यू होटल के पीछे के गेट के साथ की सड़क हर बार बनती है। खराब गुणवत्ता की वजह से सड़क में जल्द ही गड्ढे बन जाते हैं। जो बाइक सवारों के लिए बेहद खतरनाक साबित होते हैं। सड़क के बीचोंबीच कई गड्ढे हैं, जिनमें कोई भी गिर सकता है और उसे गंभीर चोट लग सकती है। - नवीन चंदर, निवासी सेक्टर 35
मिट्टी के कारण हुआ कीचड़, लोगों का चलना दूभर
गुरुद्वारा के पास सीवर की लाइन डाले जाने के लिए काम के कारण खुदाई हुई थी। अब बारिश के कारण मिट्टी की वजह से कीचड़ हो गया है। फिरनी का हाल बेहाल है। नगर निगम इसे तुरंत ठीक करवाए। कीचड़ के कारण जरा भी पैदल नहीं चला जा सकता है। कई बार दोपहिया वाहन चालक यहां फिसल चुके हैं। - गुरदीप सिंह, पूर्व सरपंच, गांव रायपुरकलां
जरा इधर ध्यान दो जनाब, सर्कुलर रोड की दशा बेहद खराब
नगर निगम विकास के कार्य कर रही है, यह ठीक है। लेकिन समयबद्ध तरीके से काम करना भी जरूरी है। सही तरीके से और समय पर काम हो तो लोगों को परेशानी न हो। गांव ही गलियां भी खराब है। सर्कुलर रोड की दशा बेहद ही खराब है। नगर निगम इसे तुरंत ठीक करे। अक्सर यहां दोपहिया वाहन चालक फिसल जाते हैं। इससे कइयों को चोट भी लग चुकी है। - राजविंदर सिंह, गांव रायपुरकलां
सड़क केवल नाम की, जहां देखो, वहीं कीचड़ की कीचड़
गांव की फिरनी कई वर्षों से टूटी है। पाइप लाइन डालने के लिए खुदाई की गई। करीब तीन महीना हो गया। उसे सही तरीके से बराबर नहीं किया गया है। इसकारण स्थिति और बदतर हो गई है। सड़क केवल नाम का है। पूर्ण तौर पर कीचड़ ही कीचड़ भरा हुआ है। - वीरेंद्र गुप्ता, निवासी गांव रायपुरखुर्द
वर्षों से फिरनी की दशा खराब, नहीं दे दिया जा रहा ध्यान
वर्षों से टूटी फिरनी पर ध्यान देने की जरूरत है। अब चुनाव भी हो गया है। जल्द से जल्द गांव की फिरनी को पक्का किया जाए ताकि लोगों को सुविधा मिल सके। गांव के लोगों को भी शहर जैसी सुविधाएं मिलना चाहिए। - परमजीत सिंह, निवासी गांव बहलाना
बारिश में धड़ाधड़ गिरते हैं दो पहिया वाहन चालक
जब भी बारिश होती है तो गांव के लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। सड़क पर पानी भर जाता है। फिरनी पर बने गड्ढों में पानी भरने से गड्ढा दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। बारिश के दिनों में दो पहिया वाहन चालक धड़ाधड़ गिरते हैं। गड्ढों में पानी भरे होने के कारण पता उन्हें पता नहीं चल पाता है। - संजय यादव निवासी गांव बहलाना
एक ही शहर में दो प्रकार की सुविधाएं, प्रशासन ध्यान दे
गांव के लोग भी समय पर टैक्स और हर प्रकार के बिल जमा करते हैं, लेकिन उन्हें सुविधा नहीं मिल पाती। शहर की सड़कों और गांव की फिरनी में बहुत अंतर है। एक ही शहर में दो प्रकार की सुविधाएं मिलती हैं। इसे नगर निगम और प्रशासन सुधारे, ताकि गांव के लोग भी बेहतर तरीके से जीवन जी सकें। - अमित सांगवान निवासी गांव बहलाना
सर्दियों के समय सड़कों का काम बंद कर दिया गया था। जैसे ही सर्दी कम होगी सड़कों के निर्माण का काम फिर से शुरू होगा। गुणवत्ता को ध्यान में रखकर सड़कों का निर्माण कराया जाएगा। जिससे सड़कें ज्यादा से ज्यादा समय तक चल सकें। - सरबजीत कौर, मेयर चंडीगढ़।