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साथियों की रिहाई के लिए सड़क पर उतरे कंप्यूटर शिक्षक
गुरदासपुर ।
Updated Sat, 04 Oct 2014 10:48 PM IST
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कंप्यूटर अध्यापकों ने नाभा जेल में बंद साथियों की रिहा की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस बीच उन्होंने शहर में कैंडल मार्च निकाला। सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए उन्होंने मांग की कि उन्हें शिक्षा विभाग से जोड़ा जाए।
कैंडल मार्च स्थानीय नेहरू पार्क से शुरू हुआ। कंप्यूटर अध्यापक सांझा फ्रंट से जुड़े शिक्षक नेताओं ने कहा कि 2 सितम्बर 2011 से मोहाली के डीजीएसई कार्यालय के बाहर अध्यापकों द्वारा शांतपूर्ण ढंग से आंदोलन चलाया जा रहा था। इस बीच 26 सितंबर को अचानक मोहाली की पुलिस ने अनशन पर बैठे साथी परमिन्द्र सिंह समेत अन्य आंदोलनकारियों को गिरफ्तार कर लिया।
उनके साथ आंदोलनकारी अब जेल में हैं। साथियों को छुड़वाने के लिए पंजाब भर के अध्यापक पहुंचे तो उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया। इनमें से लगभग 54 साथी अभी तक रिहा किए गए है। जबकि अन्य अध्यापक अभी तक जेल में बंद हैं। अध्यापक नेताओं ने कहा कि सरकार उनके संघर्ष को कुचलना चाहती है।
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उनका मांग वाजिब है। शिक्षा विभाग से उन्हें जोड़ने से सरकार द्वारा इंकार किया जा रहा है। मार्च में अमरजीत शास्त्री, कुलदीप सिंह पुरोवाल, सुरिन्द्र सिंह, ओंकार सिंह, ठाकुर गुरपिन्द्र सिंह, परमिन्द्र सिंह, गुरजिन्द्र सिंह, गुरिन्द्र सिंह, रमनदीप सिंह, नरिन्द्र पाल सिंह, जीवन ज्योति, बरिन्द्र सिंह, हरप्रीत सिंह शामिल थे।
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कैंडल मार्च स्थानीय नेहरू पार्क से शुरू हुआ। कंप्यूटर अध्यापक सांझा फ्रंट से जुड़े शिक्षक नेताओं ने कहा कि 2 सितम्बर 2011 से मोहाली के डीजीएसई कार्यालय के बाहर अध्यापकों द्वारा शांतपूर्ण ढंग से आंदोलन चलाया जा रहा था। इस बीच 26 सितंबर को अचानक मोहाली की पुलिस ने अनशन पर बैठे साथी परमिन्द्र सिंह समेत अन्य आंदोलनकारियों को गिरफ्तार कर लिया।
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उनके साथ आंदोलनकारी अब जेल में हैं। साथियों को छुड़वाने के लिए पंजाब भर के अध्यापक पहुंचे तो उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया। इनमें से लगभग 54 साथी अभी तक रिहा किए गए है। जबकि अन्य अध्यापक अभी तक जेल में बंद हैं। अध्यापक नेताओं ने कहा कि सरकार उनके संघर्ष को कुचलना चाहती है।
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उनका मांग वाजिब है। शिक्षा विभाग से उन्हें जोड़ने से सरकार द्वारा इंकार किया जा रहा है। मार्च में अमरजीत शास्त्री, कुलदीप सिंह पुरोवाल, सुरिन्द्र सिंह, ओंकार सिंह, ठाकुर गुरपिन्द्र सिंह, परमिन्द्र सिंह, गुरजिन्द्र सिंह, गुरिन्द्र सिंह, रमनदीप सिंह, नरिन्द्र पाल सिंह, जीवन ज्योति, बरिन्द्र सिंह, हरप्रीत सिंह शामिल थे।