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Hindi News ›   Chandigarh ›   Complaints of fraud by women players in Union Territory Cricket Association

Chandigarh: फर्जी दस्तावेज लगा यूटीसीए से खेल रहीं खिलाड़ी, शिकायत दबाकर बैठे अधिकारी

Sun, 16 Oct 2022 02:04 PM IST
निवेदिता वर्मा नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sun, 16 Oct 2022 02:04 PM IST
सार

शिकायतकर्ता ने यूटीसीए को मेल कर बताया था कि दो महिला खिलाड़ियों ने फर्जी दस्तावेज लगाए हैं। एक पंजाब की रहने वाली है लेकिन चंडीगढ़ से स्थायी खिलाड़ी के रूप में टीम से खेल रही है। दूसरी खिलाड़ी भी पंजाब से है और उसने फर्जी स्टांप लगाकर दस्तावेज तैयार किए हैं।

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Complaints of fraud by women players in Union Territory Cricket Association
Cricket - फोटो : iStock

विस्तार

यूनियन टेरिटरी क्रिकेट एसोसिएशन (यूटीसीए) में महिला खिलाड़ियों के फर्जीवाड़े की शिकायत के बावजूद अधिकारी मामला दबाकर बैठे हैं। हाल यह है कि जांच के बजाय खिलाड़ियों को टीम में चयनित कर बीसीसीआई के घरेलू मैचों के लिए बाहर भेज दिया गया। जब शिकायतकर्ता ने इस संबंध में यूटीसीए के अधिकारियों से फोन पर बात की और पुलिस व बीसीसीआई तक जाने की बात कही तो वे मिन्नतें कर टीम के लौटने पर कार्रवाई की बात करने लगे। इस संबंध में बीसीसीआई को भी शिकायत भेज दी गई है। 

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शिकायतकर्ता ने यूटीसीए को मेल कर बताया था कि दो महिला खिलाड़ियों ने फर्जी दस्तावेज लगाए हैं। एक पंजाब की रहने वाली है लेकिन चंडीगढ़ से स्थायी खिलाड़ी के रूप में टीम से खेल रही है। दूसरी खिलाड़ी भी पंजाब से है और उसने फर्जी स्टांप लगाकर दस्तावेज तैयार किए हैं। शिकायतकर्ता ने यूटीसीए को तीन बार मेल भेजा लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। चार अक्तूबर को उन्होंने बीसीसीआई और उनकी एंटी करप्शन टीम, यूटीसीए और इसके अध्यक्ष संजय टंडन और सैयद बाबा करीम को मेल भेजकर शिकायत की। उसके बाद अधिकारी हरकत में आए।
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पंजाब के हिस्से को चंडीगढ़ का बताने पर अड़े अधिकारी, सत्यापन तक नहीं कराया
शिकायतकर्ता ने यूटीसीए के ऑपरेशन हेड मंजीत से बात की तो उन्होंने संजय डबास से बात करने को कहा। संजय डबास से बात करने पर पहले तो वह पंजाब के उस हिस्से को चंडीगढ़ का बताना शुरू कर दिया, जिसके दस्तावेज खिलाड़ी ने लगाए हैं। बाद में उन्होंने उसे पंजाब का तो माना लेकिन दस्तावेजों को लेकर असमंजस में दिखे और कहा कि खिलाड़ी ने चंडीगढ़ के मूल निवासी के दस्तावेज दिए हैं।
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शिकायतकर्ता ने पूछा कि क्या खिलाड़ी के पते का सत्यापन किया गया है तो वह चुप हो गए। बाद में उल्टा यह पूछने लगे कि खिलाड़ी के घर पर जाकर सत्यापन करना जरूरी होता है क्या। शिकायतकर्ता ने कहा कि आपने पंजाब की एक और खिलाड़ी के स्टांप तक चेक नहीं किए जबकि वह फर्जी है। चंडीगढ़ पुलिस और बीसीसीआई से शिकायत की बात कहने पर वह मिन्नतें करने लगे कि कृपया ऐसा न करें। इससे हमारी बेइज्जती होगी। 


हमें शिकायत मिली है। अभी खिलाड़ी टूर पर हैं। जैसे ही वापस आएंगे पूरे मामले की जांच कराएंगे। इससे पहले भी ऐसे प्रकरण आए हैं, उसमें खिलाड़ियों को प्रतिबंधित किया गया है। - संजय टंडन, अध्यक्ष, यूटी क्रिकेट एसोसिएशन

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