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दिव्यांगों के विशेष पार्क बनाने में कंपनियों ने नहीं दिखाई रुचि, अब निगम करेगा यह काम
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चंडीगढ़। सेक्टर-22 में बनने वाले दिव्यांगों के विशेष पार्क के लिए किसी भी कंपनी ने रुचि नहीं दिखाई है। दो बाद टेंडर करने के बावजूद जब कोई कंपनी सामने नहीं आई तो स्मार्ट सिटी ने इसे नगर निगम को स्थानांतरित करने की योजना बनाई है। अगले सदन की बैठक में निगम इसके लिए सदन में एजेंडा लेकर आएगी। अनुमति मिलने के बाद नगर निगम इस कार्य को करेगा।
निगम आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने बताया कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत दिव्यांगों के लिए एक विशेष पार्क बनाया जाना है। इस पार्क में दिव्यांग बच्चे झूला भी झूल सकेंगे और मैरी गो राउंड पर मस्ती भी कर सकेंगे। खेल-खेल में बच्चे म्यूजिकल पाइप के साथ ड्रम बजा सकेंगे। वर्ष 2021 में बनी इस योजना के लिए दो बार टेंडर किया गया, लेकिन किसी कंपनी ने रुचि नहीं दिखाई। अब इस योजना को निगम को स्थानांतरित करने जा रहे हैं।
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0.65 एकड़ भूमि पर 1 करोड़ 75 लाख में बनना था पार्क
योजना के अनुसार सेक्टर-22 में गुरुद्वारे के सामने वाले पार्क को इस योजना के लिए चुना गया था। 0.65 एकड़ भूमि पर बनने वाले इस पार्क की लागत 1 करोड़ 75 लाख रुपये थी। निविदा लेने के बाद कंपनी को 9 माह में पार्क बनाकर तैयार करना था। टेंडर लेने वाली कंपनी को पांच साल तक इसका संचालन भी करना था। वहीं पार्क में एक प्रशिक्षक भी लगाना था ताकि बच्चों को किसी तरह का कोई नुकसान न हो। इस दौरान कई ठेकेदारों ने शर्तों को लेकर आपत्ति जताई और योजना में भाग लेने से इनकार कर दिया।
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बच्चों को चोट से बचाने के लिए ईपीडीएम रबर का फर्श लगेगा
इस विशेष पार्क में ईपीडीएम रबर का फर्श लगना है। इससे बच्चों को गिरने से चोट भी नहीं लगेगी। मानसिक रूप से कमजोर बच्चों को ध्यान में रखकर यह पार्क बनाया जा रहा है। उनकी मस्तिष्क क्षमता बढ़ाने के लिए अलग अलग रंग व आकार की रेलिंग भी लगानी है। इसके अलावा व्हील चेयर से चलने वाले दिव्यांग अपनी फिटनेस पर ध्यान दे सकें इसलिए उनके हाथ और कंधे मजबूत करने के लिए विशेष उपकरण लगने हैं। पार्क में विशेष औषधीय गुण वाले पौधे लगाए जाने हैं। इसकी खुशबू और पत्तों के स्वाद से दृष्टिहीन बच्चे पौधे का नाम बता सकेंगे। इसके अलावा कुछ खेल के उपकरणों पर उभरे हुए अक्षर बनने हैं जिससे वे खेल खेल में कुछ सीख सकें। चेन्नई और भुवनेश्वर में ऐसे पार्क बनाए गए हैं। स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने इन पार्कों का निरीक्षण करने के बाद ही इस पार्क की योजना तैयार की गई थी।
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यह सुविधाएं देनी हैं पार्क में
- छोटा बास्केटबॉल कोर्ट
- म्यूजिक पाइप ड्रम के साथ
- मैरी गो राउंड चेयर
- दो सीट वाला झूला
- स्प्रिंग राइडर
- कोंगो ट्रैक
- पाम व्हील
- स्लाइडर
कोट
योजना के तहत दो बाद टेंडर लगाया गया, लेकिन कोई कंपनी टेंडर लेने के लिए नहीं आई। इसलिए स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत इस योजना को रद्द कर नगर निगम को स्थानांतरित कर रहे हैं ताकि वह अपने स्तर पर इसका निर्माण कर सके। इसके लिए सदन की बैठक में भी प्रस्ताव लाया जाएगा।
- आनिंदिता मित्रा, आयुक्त, नगर निगम
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निगम आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने बताया कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत दिव्यांगों के लिए एक विशेष पार्क बनाया जाना है। इस पार्क में दिव्यांग बच्चे झूला भी झूल सकेंगे और मैरी गो राउंड पर मस्ती भी कर सकेंगे। खेल-खेल में बच्चे म्यूजिकल पाइप के साथ ड्रम बजा सकेंगे। वर्ष 2021 में बनी इस योजना के लिए दो बार टेंडर किया गया, लेकिन किसी कंपनी ने रुचि नहीं दिखाई। अब इस योजना को निगम को स्थानांतरित करने जा रहे हैं।
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0.65 एकड़ भूमि पर 1 करोड़ 75 लाख में बनना था पार्क
योजना के अनुसार सेक्टर-22 में गुरुद्वारे के सामने वाले पार्क को इस योजना के लिए चुना गया था। 0.65 एकड़ भूमि पर बनने वाले इस पार्क की लागत 1 करोड़ 75 लाख रुपये थी। निविदा लेने के बाद कंपनी को 9 माह में पार्क बनाकर तैयार करना था। टेंडर लेने वाली कंपनी को पांच साल तक इसका संचालन भी करना था। वहीं पार्क में एक प्रशिक्षक भी लगाना था ताकि बच्चों को किसी तरह का कोई नुकसान न हो। इस दौरान कई ठेकेदारों ने शर्तों को लेकर आपत्ति जताई और योजना में भाग लेने से इनकार कर दिया।
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बच्चों को चोट से बचाने के लिए ईपीडीएम रबर का फर्श लगेगा
इस विशेष पार्क में ईपीडीएम रबर का फर्श लगना है। इससे बच्चों को गिरने से चोट भी नहीं लगेगी। मानसिक रूप से कमजोर बच्चों को ध्यान में रखकर यह पार्क बनाया जा रहा है। उनकी मस्तिष्क क्षमता बढ़ाने के लिए अलग अलग रंग व आकार की रेलिंग भी लगानी है। इसके अलावा व्हील चेयर से चलने वाले दिव्यांग अपनी फिटनेस पर ध्यान दे सकें इसलिए उनके हाथ और कंधे मजबूत करने के लिए विशेष उपकरण लगने हैं। पार्क में विशेष औषधीय गुण वाले पौधे लगाए जाने हैं। इसकी खुशबू और पत्तों के स्वाद से दृष्टिहीन बच्चे पौधे का नाम बता सकेंगे। इसके अलावा कुछ खेल के उपकरणों पर उभरे हुए अक्षर बनने हैं जिससे वे खेल खेल में कुछ सीख सकें। चेन्नई और भुवनेश्वर में ऐसे पार्क बनाए गए हैं। स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने इन पार्कों का निरीक्षण करने के बाद ही इस पार्क की योजना तैयार की गई थी।
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यह सुविधाएं देनी हैं पार्क में
- छोटा बास्केटबॉल कोर्ट
- म्यूजिक पाइप ड्रम के साथ
- मैरी गो राउंड चेयर
- दो सीट वाला झूला
- स्प्रिंग राइडर
- कोंगो ट्रैक
- पाम व्हील
- स्लाइडर
कोट
योजना के तहत दो बाद टेंडर लगाया गया, लेकिन कोई कंपनी टेंडर लेने के लिए नहीं आई। इसलिए स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत इस योजना को रद्द कर नगर निगम को स्थानांतरित कर रहे हैं ताकि वह अपने स्तर पर इसका निर्माण कर सके। इसके लिए सदन की बैठक में भी प्रस्ताव लाया जाएगा।
- आनिंदिता मित्रा, आयुक्त, नगर निगम