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चंडीगढ़ में घर बनाने पर आएगा यह फैसला : लाल डोरा बढ़ेगा या नहीं, जांचने को कमेटी बनाई
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चंडीगढ़। लाल डोरा की सीमा बढ़ाने के प्रस्ताव पर यूटी प्रशासन ने अभी तक कोई फैसला नहीं किया है। अब इस मामले में प्रशासन ने एक विशेषज्ञ कमेटी का गठन किया है, जिसे जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा बंगलूरू की कंपनी को भी सभी गांवों का सर्वे कराने का काम सौंपा है। इन दोनों की रिपोर्ट के बाद तय होगा कि लाल डोरा बढ़ेगा या नहीं।
प्रशासन ने विशेषज्ञ कमेटी व सर्वे टीम को जिम्मा सौंपा है कि वह जाकर देखे कि किस तरीके से और कितने अवैध निर्माण लाल डोरे की सीमाओं के बाहर हो चुके हैं। टीम जांचेगी कि लाल डोरे से बाहर फिलहाल कितनी जमीन बाकी है, जिसे चंडीगढ़ के साथ जोड़ा जा सकता है। इन इलाकों का विकास कैसे हो सकता है और अगर घरों को लाल डोरा में शामिल किया जाता है तो प्रशासन पर कितना बोझ पड़ेगा। इन मामलों की रिपोर्ट के आधार पर ही फैसला होगा। हालांकि, इस काम में प्रशासन की तरफ से काफी सुस्त रवैया अपनाया जा रहा है। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि लाल डोरे की समस्या नगर निगम चुनाव से पहले हल नहीं हो पाएगी।
इस मुद्दे पर यूटी प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा का कहना है कि सर्वे व विशेषज्ञ कमेटी अपने स्तर पर एक-एक गांव के मॉडल को देखेगी, परखेगी और इसकी रिपोर्ट बनाकर प्रशासन को देगी, जिसके बाद इस पर प्रशासक कोई अंतिम फैसला लेंगे। हालांकि, यह सर्वे कब तक होगा, इसे लेकर भी प्रशासन की ओर से कोई अंतिम मियाद तय नहीं की गई है।
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गौरतलब है कि जबसे शहर में लाल डोरे के बाहर के निर्माण को नियमित करने की बातें शुरू हुई हैं, उसके बाद से लाल डोरे के बाहर अवैध निर्माण काफी बढ़ गया है। यूटी प्रशासन को बीते कई महीनों से लाल डोरे के बाहर हो रहे निर्माण की शिकायतें मिल रहीं थीं, लेकिन प्रशासन के अधिकारियों ने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की है।
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प्रशासन ने विशेषज्ञ कमेटी व सर्वे टीम को जिम्मा सौंपा है कि वह जाकर देखे कि किस तरीके से और कितने अवैध निर्माण लाल डोरे की सीमाओं के बाहर हो चुके हैं। टीम जांचेगी कि लाल डोरे से बाहर फिलहाल कितनी जमीन बाकी है, जिसे चंडीगढ़ के साथ जोड़ा जा सकता है। इन इलाकों का विकास कैसे हो सकता है और अगर घरों को लाल डोरा में शामिल किया जाता है तो प्रशासन पर कितना बोझ पड़ेगा। इन मामलों की रिपोर्ट के आधार पर ही फैसला होगा। हालांकि, इस काम में प्रशासन की तरफ से काफी सुस्त रवैया अपनाया जा रहा है। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि लाल डोरे की समस्या नगर निगम चुनाव से पहले हल नहीं हो पाएगी।
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इस मुद्दे पर यूटी प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा का कहना है कि सर्वे व विशेषज्ञ कमेटी अपने स्तर पर एक-एक गांव के मॉडल को देखेगी, परखेगी और इसकी रिपोर्ट बनाकर प्रशासन को देगी, जिसके बाद इस पर प्रशासक कोई अंतिम फैसला लेंगे। हालांकि, यह सर्वे कब तक होगा, इसे लेकर भी प्रशासन की ओर से कोई अंतिम मियाद तय नहीं की गई है।
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गौरतलब है कि जबसे शहर में लाल डोरे के बाहर के निर्माण को नियमित करने की बातें शुरू हुई हैं, उसके बाद से लाल डोरे के बाहर अवैध निर्माण काफी बढ़ गया है। यूटी प्रशासन को बीते कई महीनों से लाल डोरे के बाहर हो रहे निर्माण की शिकायतें मिल रहीं थीं, लेकिन प्रशासन के अधिकारियों ने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की है।