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टैगोर थिएटर में कामेडी नाइट, असरानी के डॉयलाग पर जमकर लगे ठहाके
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 17 Oct 2016 09:25 AM IST
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असरानी और चितराशी ने अभिनय से जीता लोगों का दिल
- फोटो : अमर उजाला
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डिपार्टमेंट ऑफ कल्चरल अफेयर्स, यूटी प्रशासन और टैगोर थिएटर सोसाइटी की ओर से रविवार को हिंदी कॉमेडी नाटक ‘बाप का बाप’ का मंचन किया गया। नाटक में बड़े पर्दे पर अपनी पहचान बना चुके नामी कलाकार असरानी, पदमिनी कोल्हापुरे और चितराशी रावत ने प्रस्तुति दी। दो घंटे के इस नाटक को नवीन बावा ने लिखा और निर्देशित किया है।
नाटक में असरानी अपने पंचों से दर्शकों को हंसने पर मजबूर कर दिया। उनके डायलाग पर दर्शक लोटपोट होते रहे। थिएटर में जमकर ठहाके लगे। वहीं, एनआरआई लड़की बनी चितराशी रावत के अभिनय को भी दर्शकों ने खूब सराहा। नाटक में बच्चा बने नवीन बावा ने अपनी शायरी से दर्शकों का मनोरंजन करने की कोशिश की।
सेट की बात की जाए तो उसमें एक साधारण कमरे का सीन दिखाया गया जोकि एक मिडल क्लास फेमिली के दृश्य को चित्रित कर रहा था। नाटक की कहानी चार पात्रों के इर्दगिर्द घूमती है।
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नाटक में असरानी अपने पंचों से दर्शकों को हंसने पर मजबूर कर दिया। उनके डायलाग पर दर्शक लोटपोट होते रहे। थिएटर में जमकर ठहाके लगे। वहीं, एनआरआई लड़की बनी चितराशी रावत के अभिनय को भी दर्शकों ने खूब सराहा। नाटक में बच्चा बने नवीन बावा ने अपनी शायरी से दर्शकों का मनोरंजन करने की कोशिश की।
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सेट की बात की जाए तो उसमें एक साधारण कमरे का सीन दिखाया गया जोकि एक मिडल क्लास फेमिली के दृश्य को चित्रित कर रहा था। नाटक की कहानी चार पात्रों के इर्दगिर्द घूमती है।
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असरानी और चितराशी ने अभिनय से जीता लोगों का दिल
असरानी और चितराशी ने अभिनय से जीता लोगों का दिल
- फोटो : अमर उजाला
नाटक में जवान बने असरानी अपने बेटे बच्चा ( नवीन बावा) की शादी करने के लिए लड़कियां ढूंढता है। लेकिन उसे कोई लड़की नहीं मिलती।
जवान का एनआरआई लड़की नमकीन से अफेयर होता है। दोनों अपने परिवार से चोरी छिपे मिलते हैं। जवान के बेटे बच्चा को एक विधवा औरत मिठाई (पदमिनी कोल्हापुरे) से प्यार हो जाता है। नाटक उस समय नया मोड़ लेता है जब बच्चे को अपने पिता के उस लड़की से संबंध होने के बारे में पता चलता है और यह भी पता चलता है कि वह लड़की उसकी होने वाली पत्नी मिठाई की बेटी है।
सेक्टर 44 की रहने वाली डॉक्टर समिता ने बताया कि उन्हें सबसे ज्यादा असरानी और चितराशी की एक्टिंग पसंद आई। जिन कलाकरों को हम टीवी पर देखते थे आज उन्हें लाइव देखने का मौका
सेक्टर 33 में निवासी शालिनी ने कहा कि नाटक में कॉमेडी इतनी ज्यादा नहीं थीं। एक्टिंग सबकी अच्छी थी, लेकिन नाटक में कॉमेडी उतने लेवल की नहीं थी। पंचकूला से विशेष तौर पर नाटक देखने पहुंची मानसी ने नाटक को एवरेज बताया। उन्होंने बताया कि नाटक देखने के लिए मैंने हफ्ता पहले टिकट खरीद लिए थे।
जवान का एनआरआई लड़की नमकीन से अफेयर होता है। दोनों अपने परिवार से चोरी छिपे मिलते हैं। जवान के बेटे बच्चा को एक विधवा औरत मिठाई (पदमिनी कोल्हापुरे) से प्यार हो जाता है। नाटक उस समय नया मोड़ लेता है जब बच्चे को अपने पिता के उस लड़की से संबंध होने के बारे में पता चलता है और यह भी पता चलता है कि वह लड़की उसकी होने वाली पत्नी मिठाई की बेटी है।
सेक्टर 44 की रहने वाली डॉक्टर समिता ने बताया कि उन्हें सबसे ज्यादा असरानी और चितराशी की एक्टिंग पसंद आई। जिन कलाकरों को हम टीवी पर देखते थे आज उन्हें लाइव देखने का मौका
सेक्टर 33 में निवासी शालिनी ने कहा कि नाटक में कॉमेडी इतनी ज्यादा नहीं थीं। एक्टिंग सबकी अच्छी थी, लेकिन नाटक में कॉमेडी उतने लेवल की नहीं थी। पंचकूला से विशेष तौर पर नाटक देखने पहुंची मानसी ने नाटक को एवरेज बताया। उन्होंने बताया कि नाटक देखने के लिए मैंने हफ्ता पहले टिकट खरीद लिए थे।