सावधान मनचलों! बस में छेड़ा तो अब खैर नहीं
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बस के अंदर गलत कमेंट करना या फिर लड़कियों से बदतमीजी से पेश आना भारी पड़ सकता है। सीटीयू की सभी महिला कंडक्टर अब कमांडो ट्रेनिंग लेंगी। चंडीगढ़ पुलिस की स्पेशल कमांडो टीम महिला कंडक्टरों को आत्मरक्षा के साथ हुड़दंगियों को सबक सिखाने के लिए ट्रेंड करेगी। पहला बैच ट्रेंड हो भी चुका है।
बसों में भीड़ का फायदा उठाकर कई बार मनचले महिलाओं के साथ गलत हरकतें करने की कोशिश करते हैं। साथ ही अपशब्द या कमेंट से बाज नहीं आते। ऐसे लोगों को सबक सिखाने के लिए ट्रांसपोर्ट विभाग ने चंडीगढ़ पुलिस की मदद से खास तैयारी की है। सीटीयू में अभी 72 महिला कंडक्टर हैं।
चंडीगढ़ पुलिस के स्पेशल कमांडो 25 महिला कंडक्टरों को यह विशेष ट्रेंनिग दे भी चुके हैं। अगले बैच में फिर 25 कंडक्टरों को ट्रेनिंग दी जाएगी। उसके बाद बचे तीसरे बैच का नंबर आएगा।
महिला कंडक्टर को इस तरह से ट्रेंड किया है कि वह 4 लोगों से भी पल भर में निपट सकती हैं। अपनी चोटी के बल पर ही मनचलों को सबक सिखा सकती हैं। इतनी फुर्ती से वह हाथ पैर चलाएंगी कि सामने वाला देखता ही रह जाएगा।
बसों में लगे सीसीटीवी
बसों में सीसीटीवी कैमरे पहले ही लगे हैं। अगर कोई ऐसी अपरिहार्य घटना होती भी है तो बस के अंदर का वाकया कैमरे में कैद होगा। ऐसे में मनचलों पर महिला कंडक्टर और सीसीटीवी कैमरे दोनों की पैनी नजर होगी।
बस के अंदर हुई घटनाएं भी कारण
पिछले दिनों हरियाणा में दो बहनों के साथ युवकों की मारपीट की घटना काफी चर्चित रही। घटना के बाद कंडक्टर और ड्राइवर की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे।
ऐसी घटना की गवाह सीटीयू न बने इसकी तैयारी ट्रांसपोर्ट विभाग ने की है। साथ ही दिल्ली का निर्भया कांड भी इसकी वजह है। महिलाओं का सफर बसों में सुरक्षित हो, इसकी कवायद का यह एक हिस्सा है।
हरियाणा में बस में वर्दी में फ्री सफर करेंगे पुलिस कर्मी
महिलाओं की सुरक्षा के मद्देनजर ही हरियाणा में पुलिस मुलाजिमों को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मुहैया कराई गई है। उनसे कहा गया है कि जब भी वे यात्रा करें, महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अपनी जिम्मेदारी निभाने से पीछे न हटें। यह बात हरियाणा के डीजीपी की ओर से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में दाखिल जवाब में कही गई है।
हाईकोर्ट ने निर्भया कांड के बाद सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी निर्देशों पर अमल के बारे में पंजाब, हरियाणा और यूटी के पुलिस प्रमुखों से जवाब मांगा था। इस संबंध में हाईकोर्ट में एक अवमानना याचिका दायर की गई थी।
याचिका में हाईकोर्ट से पंजाब और हरियाणा के पुलिस प्रमुखों तथा यूटी के आईजी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। अब इस मामले में हरियाणा, पंजाब और यूटी के पुलिस प्रमुखों ने हाईकोर्ट में अपना जवाब दाखिल कर दिया है।
कहा गया था कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया। अब इस मामले में जवाब दाखिल होने के बाद इसे रिकार्ड पर ले लिया गया है। मामले की सुनवाई 24 अगस्त के लिए स्थगित कर दी गई है।