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Chandigarh News: स्कूल के समय कक्षाएं नहीं लगा पाएंगे कोचिंग संस्थान
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चंडीगढ़। कोचिंग संस्थानों को स्कूल के समय विद्यार्थियों की कक्षाएं आयोजित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। डमी दाखिले को लेकर मंगलवार को शिक्षा विभाग की 15 कोचिंग संस्थानों के साथ बैठक में यह निर्देश जारी किए हैं। अब कोचिंग के नाम पर बच्चों की स्कूली शिक्षा प्रभावित नहीं होगी।
स्कूल शिक्षा निदेशक हरसुहिंदर पाल सिंह बराड़ के नेतृत्व और जिला शिक्षा अधिकारी बिंदू अरोड़ा की उपस्थिति में चंडीगढ़ के 15 कोचिंग संस्थानों के साथ बैठक की गई। डमी दाखिले को लेकर अपनी सफाई में कोचिंग संस्थानों ने कहा कि सुबह के समय सिर्फ 12वीं पास विद्यार्थियों की कोचिंग होती है। वहीं 11वीं और 12वीं में पढ़ रहे बच्चों के बैच शाम के समय के हैं। विभाग ने सभी संस्थानों को बच्चों की हाजिरी सुनिश्चित करने के लिए कहा। इसके साथ ही कहा गया है कि अगर सुबह के बैच में कोई भी 11वीं और 12वीं का विद्यार्थी है तो उसे तुरंत शाम के बैच में शिफ्ट किया जाए।
डमी दाखिला लेकर बच्चे स्कूल के जरिए 11वीं और 12वीं के पेपर देते हैं पर वहां कक्षाएं लगाने की बजाय कोचिंग सेंटर में पढ़ते हैं। इससे बच्चों की स्कूली शिक्षा प्रभावित होती है और वह सीट व्यर्थ जाती है। शिक्षा निदेशक ने कहा कि कोचिंग बच्चों के लिए जरूरी है लेकिन इससे स्कूली शिक्षा प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
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निजी स्कूलों में भी ऑनलाइन हाजिरी का प्रावधान होगा
सत्र 2022-23 से सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन हाजिरी लगाने की व्यवस्था की गई है। शिक्षा विभाग निजी स्कूलों में भी ऑनलाइन हाजिरी लगाने के प्रावधान पर चर्चा करेगा जिससे हाजिरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के निर्देशानुसार बोर्ड परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए विद्यार्थी की स्कूल में 75 प्रतिशत हाजिरी होना अनिवार्य है। इसके आधार पर शिक्षा विभाग चंडीगढ़ के सभी स्कूलों में न्यूनतम 75 प्रतिशत हाजिरी के प्रावधान का पालन हो, इसके लिए अनुदेश जारी करेगा।
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स्कूल शिक्षा निदेशक हरसुहिंदर पाल सिंह बराड़ के नेतृत्व और जिला शिक्षा अधिकारी बिंदू अरोड़ा की उपस्थिति में चंडीगढ़ के 15 कोचिंग संस्थानों के साथ बैठक की गई। डमी दाखिले को लेकर अपनी सफाई में कोचिंग संस्थानों ने कहा कि सुबह के समय सिर्फ 12वीं पास विद्यार्थियों की कोचिंग होती है। वहीं 11वीं और 12वीं में पढ़ रहे बच्चों के बैच शाम के समय के हैं। विभाग ने सभी संस्थानों को बच्चों की हाजिरी सुनिश्चित करने के लिए कहा। इसके साथ ही कहा गया है कि अगर सुबह के बैच में कोई भी 11वीं और 12वीं का विद्यार्थी है तो उसे तुरंत शाम के बैच में शिफ्ट किया जाए।
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डमी दाखिला लेकर बच्चे स्कूल के जरिए 11वीं और 12वीं के पेपर देते हैं पर वहां कक्षाएं लगाने की बजाय कोचिंग सेंटर में पढ़ते हैं। इससे बच्चों की स्कूली शिक्षा प्रभावित होती है और वह सीट व्यर्थ जाती है। शिक्षा निदेशक ने कहा कि कोचिंग बच्चों के लिए जरूरी है लेकिन इससे स्कूली शिक्षा प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
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निजी स्कूलों में भी ऑनलाइन हाजिरी का प्रावधान होगा
सत्र 2022-23 से सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन हाजिरी लगाने की व्यवस्था की गई है। शिक्षा विभाग निजी स्कूलों में भी ऑनलाइन हाजिरी लगाने के प्रावधान पर चर्चा करेगा जिससे हाजिरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के निर्देशानुसार बोर्ड परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए विद्यार्थी की स्कूल में 75 प्रतिशत हाजिरी होना अनिवार्य है। इसके आधार पर शिक्षा विभाग चंडीगढ़ के सभी स्कूलों में न्यूनतम 75 प्रतिशत हाजिरी के प्रावधान का पालन हो, इसके लिए अनुदेश जारी करेगा।