{"_id":"65d36c0e0e29bd920c0eba1a","slug":"coaching-federation-submitted-memorandum-to-the-education-minister-gave-suggestions-and-put-forward-demands-chandigarh-news-c-16-1-pkl1007-356614-2024-02-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: कोचिंग फेडरेशन ने शिक्षा मंत्री को सौंपा ज्ञापन, सुझाव दिए और मांगें रखीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: कोचिंग फेडरेशन ने शिक्षा मंत्री को सौंपा ज्ञापन, सुझाव दिए और मांगें रखीं
विज्ञापन
कोचिंग फेडरेशन आफ इंडिया की मांग, नियमों में दी जाए छूट
कई विभागों से एनओसी के लिए सिंगल विंडो सिस्टम हो
चंडीगढ़। प्रदेश सरकार की ओर से कोचिंग संस्थानों पर निगरानी के लिए लाए जा रहे हरियाणा कोचिंग इंस्टीट्यूट (कंट्रोल एंड रेगुलेशन) बिल 2024 को लेकर कोचिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की चंडीगढ़ चैप्टर की टीम ने शिक्षा मंत्री कंवरपाल से मुलाकात की। इस दौरान फेडरेशन के पदाधिकारियों ने अपना पक्ष रखा और मांग की कि बिल को लागू करने से पहले फेडरेशन से भी सुझाव लिए जाए। मंत्री ने आश्वासन दिया कि राय रखने का पूरा मौका दिया जाएगा।
कोचिंग फेडरेशन के डायरेक्टर अनुराग अग्रवाल ने कहा कि फेडरेशन हरियाणा सरकार की इस पहल का स्वागत करती है, लेकिन बिल तैयार करने से पहले कोचिंग सेंटर संचालकों से भी राय ली जाए और उनकी समस्याओं को भी जाना जाए। उपप्रधान हरजिंदर ने कहा कि नए नियम काफी सख्त हैं, इनको पूरा करना कोचिंग संस्थानों के लिए मुमकिन नहीं है। इसलिए इनमें बदलाव की जरूरत है। संयुक्त सचिव अंजना नारंग ने कोचिंग इंस्टीट्यूट की समस्याएं मंत्री के सामने रखी और अपने सुझाव भी दिए। इस मौके पर फेडरेशन पदाधिकारी दलजीत, जान्हवी क्वात्रा भी मौजूद रहे। मंत्री कंवरपाल ने आश्वासन दिया कि बिल सभी के अधिकारों को ध्यान में रखते ही बनाया जाएगा।
ये हैं फेडरेशन की मांगें
बिल की गाइडलाइन में शर्त है कि कोचिंग संस्थान में प्रति विद्यार्थी एक स्क्वेयर मीटर जगह जरूरी है। फेडरेशन का कहना है कि कमर्शियल जगह में इतनी जगह फिजिकली संभव नहीं है। साथ ही पंजीकरण से लेकर तमाम विभागों से एनओसी लेने के लिए सिंगल विंडो बनाई जाए। तीसरा, हर कोचिंग संस्थान में एक साइकोलॉजिस्ट रखना संभव नहीं है। ऐसा किया गया तो फीस बढ़ेगी और इसका सीधा असर विद्यार्थियों और अभिभावकों पर पड़ेगा। इसके लिए फेडरेशन ने सुझाव दिया कि कुछ साइकोलाॅजिस्ट पैनल पर रखे जाएं।
विज्ञापन
सरकार तैयार कर रही ड्राफ्ट
कोचिंग संस्थानों पर निगरानी, उनके कामकाज को विनियमित करने, भ्रामक विज्ञापनों और छात्रों के बीच बढ़ते तनाव जैसे मुद्दों के समाधान के लिए हरियाणा सरकार कानून बनाने जा रही है। इसके लिए ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है। सरकार ने पिछले महीने हरियाणा कोचिंग संस्थान (नियंत्रण और विनियमन) विधेयक, 2024 का एक मसौदा सार्वजनिक पटल पर रखा था और जनता से इसके लिए राय मांगी थी। संभावना है कि बजट सत्र में इसे सदन में लाया जाएगा।
विज्ञापन
कई विभागों से एनओसी के लिए सिंगल विंडो सिस्टम हो
चंडीगढ़। प्रदेश सरकार की ओर से कोचिंग संस्थानों पर निगरानी के लिए लाए जा रहे हरियाणा कोचिंग इंस्टीट्यूट (कंट्रोल एंड रेगुलेशन) बिल 2024 को लेकर कोचिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की चंडीगढ़ चैप्टर की टीम ने शिक्षा मंत्री कंवरपाल से मुलाकात की। इस दौरान फेडरेशन के पदाधिकारियों ने अपना पक्ष रखा और मांग की कि बिल को लागू करने से पहले फेडरेशन से भी सुझाव लिए जाए। मंत्री ने आश्वासन दिया कि राय रखने का पूरा मौका दिया जाएगा।
कोचिंग फेडरेशन के डायरेक्टर अनुराग अग्रवाल ने कहा कि फेडरेशन हरियाणा सरकार की इस पहल का स्वागत करती है, लेकिन बिल तैयार करने से पहले कोचिंग सेंटर संचालकों से भी राय ली जाए और उनकी समस्याओं को भी जाना जाए। उपप्रधान हरजिंदर ने कहा कि नए नियम काफी सख्त हैं, इनको पूरा करना कोचिंग संस्थानों के लिए मुमकिन नहीं है। इसलिए इनमें बदलाव की जरूरत है। संयुक्त सचिव अंजना नारंग ने कोचिंग इंस्टीट्यूट की समस्याएं मंत्री के सामने रखी और अपने सुझाव भी दिए। इस मौके पर फेडरेशन पदाधिकारी दलजीत, जान्हवी क्वात्रा भी मौजूद रहे। मंत्री कंवरपाल ने आश्वासन दिया कि बिल सभी के अधिकारों को ध्यान में रखते ही बनाया जाएगा।
विज्ञापन
ये हैं फेडरेशन की मांगें
बिल की गाइडलाइन में शर्त है कि कोचिंग संस्थान में प्रति विद्यार्थी एक स्क्वेयर मीटर जगह जरूरी है। फेडरेशन का कहना है कि कमर्शियल जगह में इतनी जगह फिजिकली संभव नहीं है। साथ ही पंजीकरण से लेकर तमाम विभागों से एनओसी लेने के लिए सिंगल विंडो बनाई जाए। तीसरा, हर कोचिंग संस्थान में एक साइकोलॉजिस्ट रखना संभव नहीं है। ऐसा किया गया तो फीस बढ़ेगी और इसका सीधा असर विद्यार्थियों और अभिभावकों पर पड़ेगा। इसके लिए फेडरेशन ने सुझाव दिया कि कुछ साइकोलाॅजिस्ट पैनल पर रखे जाएं।
विज्ञापन
सरकार तैयार कर रही ड्राफ्ट
कोचिंग संस्थानों पर निगरानी, उनके कामकाज को विनियमित करने, भ्रामक विज्ञापनों और छात्रों के बीच बढ़ते तनाव जैसे मुद्दों के समाधान के लिए हरियाणा सरकार कानून बनाने जा रही है। इसके लिए ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है। सरकार ने पिछले महीने हरियाणा कोचिंग संस्थान (नियंत्रण और विनियमन) विधेयक, 2024 का एक मसौदा सार्वजनिक पटल पर रखा था और जनता से इसके लिए राय मांगी थी। संभावना है कि बजट सत्र में इसे सदन में लाया जाएगा।