{"_id":"57f134744f1c1b9074577403","slug":"cm-parkash-singh-badal-on-fensing-farmers","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सीएम का ऐलान, नुकसान हुआ तो फेंसिंग पार फसल का मिलेगा मुआवजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएम का ऐलान, नुकसान हुआ तो फेंसिंग पार फसल का मिलेगा मुआवजा
ब्यूरो/अमर उजाला, अटारी/तरनतारन
Updated Mon, 03 Oct 2016 01:35 AM IST
विज्ञापन
बॉर्डर से सटे गांवों का दौरा करने पहुंचे मुख्यमंत्री बादल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का कहना है कि पंजाब के सरहदी क्षेत्र के किसानों को अगर फसल का नुकसान होता है तो उन्हें इसका मुआवजा दिया जाएगा। इस बारे में संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
दूसरी ओर, सरकार की तरफ से कंटीली तार के पार किसानों की जमीन की गिरदावरी कराने के लिए भेजे गए पटवारियों को बीएसएफ ने खाली हाथ लौटा दिया। केंद्र सरकार के आदेश के बावजूद बीएसएफ ने पटवारियों के लिए गेट नहीं खोले। लोगों के मसले सुनने और उनका हल करने के लिए रविवार को मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और राजस्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने रविवार को सरहदी क्षेत्रों का दौरा किया।
सुबह से शुरू हुए इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री अमृतसर के पाक के साथ लगते आठ गांवों में पहुंचे। सरकार की ओर से अलर्ट जारी होने और 10 किमी के घेरे में पड़ते गांव खाली करने के दिए आदेशों के बावजूद अपने घरों में रह रहे लोगों की प्रशंसा करते हुए सीएम ने कहा कि असली देशभक्त यह लोग हैं। यह वही हैं जिन्होंने पाकिस्तान के साथ पहले हुए युद्धों के समय फौज के बंकरों तक जवानों को रोटी-पानी पहुंचाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
दूसरी ओर, सरकार की तरफ से कंटीली तार के पार किसानों की जमीन की गिरदावरी कराने के लिए भेजे गए पटवारियों को बीएसएफ ने खाली हाथ लौटा दिया। केंद्र सरकार के आदेश के बावजूद बीएसएफ ने पटवारियों के लिए गेट नहीं खोले। लोगों के मसले सुनने और उनका हल करने के लिए रविवार को मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और राजस्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने रविवार को सरहदी क्षेत्रों का दौरा किया।
विज्ञापन
सुबह से शुरू हुए इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री अमृतसर के पाक के साथ लगते आठ गांवों में पहुंचे। सरकार की ओर से अलर्ट जारी होने और 10 किमी के घेरे में पड़ते गांव खाली करने के दिए आदेशों के बावजूद अपने घरों में रह रहे लोगों की प्रशंसा करते हुए सीएम ने कहा कि असली देशभक्त यह लोग हैं। यह वही हैं जिन्होंने पाकिस्तान के साथ पहले हुए युद्धों के समय फौज के बंकरों तक जवानों को रोटी-पानी पहुंचाया।
विज्ञापन
'धान काटने पर किसी किसान को कोई परेशानी नहीं आएगी'
बॉर्डर से सटे गांवों का दौरा करने पहुंचे मुख्यमंत्री बादल
सरहद पर बसे होने के कारण इन बहादुर लोगों को कई मुश्किलें आती हैं लेकिन ये देश के लिए इनका सामना करते रहे हैं। बादल ने कहा कि इस क्षेत्र के नवयुवकों को फौज और अर्द्ध सुरक्षा बलों में प्राथमिकता के आधार पर विशेष कैंप लगाकर भर्ती करने का मामला वह केंद्र सरकार के समक्ष उठाएंगे।
बादल ने कहा कि तार के पार वाली जमीनों से धान काटने पर किसी किसान को कोई परेशानी नहीं आएगी। उन्होंने इस बाबत केंद्रीय गृह मंत्री के साथ बात कर ली है। किसी किसान को बीएसएफ की ओर से परेशानी आती है तो वह डीसी के साथ संपर्क कायम कर सकता है।
देश की रक्षा के लिए सीमावर्ती क्षेत्र में बनी ड्रेनों पर बने तंग पुलों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पुल चौड़े करना समय की बड़ी जरूरत है। यह मामला केंद्रीय रक्षा मंत्री के समक्ष उठाकर शीघ्र ही इसका हल करेंगे ताकि भविष्य में कोई घटना न हो। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार की ओर से दिए गए निर्देशों पर ही सरहद से 10 किमी का हिस्सा खाली करवाने के निर्देश दिए गए थे। उनकी सलाह के साथ ही लोगों से वापस घरों में आने की अपील की जाएगी।
बादल ने कहा कि तार के पार वाली जमीनों से धान काटने पर किसी किसान को कोई परेशानी नहीं आएगी। उन्होंने इस बाबत केंद्रीय गृह मंत्री के साथ बात कर ली है। किसी किसान को बीएसएफ की ओर से परेशानी आती है तो वह डीसी के साथ संपर्क कायम कर सकता है।
देश की रक्षा के लिए सीमावर्ती क्षेत्र में बनी ड्रेनों पर बने तंग पुलों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पुल चौड़े करना समय की बड़ी जरूरत है। यह मामला केंद्रीय रक्षा मंत्री के समक्ष उठाकर शीघ्र ही इसका हल करेंगे ताकि भविष्य में कोई घटना न हो। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार की ओर से दिए गए निर्देशों पर ही सरहद से 10 किमी का हिस्सा खाली करवाने के निर्देश दिए गए थे। उनकी सलाह के साथ ही लोगों से वापस घरों में आने की अपील की जाएगी।
फसल देखने के लिए किसान परेशान
बॉर्डर पर एरिया में फसल काटते हुए लोग
- फोटो : फाइल फोटो
अपने घर छोड़ने के बाद सीमावर्ती इलाकों को किसान सीमा पार अपनी फसल देखने के लिए परेशान हैं। इन किसानों ने केंद्र सरकार के आदेश के बाद भी बीएसएफ पर गेट नहीं खोलने का आरोप लगाया है।
किसानों का यह भी आरोप है कि फसलों की गिरदावरी करने गए पटवारियों को भी खाली हाथ लौटना पड़ा। बार्डर के सीमावर्ती किसान वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष रघबीर सिंह भंगाला ने बताया कि फिरोजपुर की बीएसएफ 70 बटालियन ने फिरोजपुर व तरनतारन में आते कंटीली तार के नजदीकी गेट नहीं खोले। किसान और पटवारियों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
किसानों का यह भी आरोप है कि फसलों की गिरदावरी करने गए पटवारियों को भी खाली हाथ लौटना पड़ा। बार्डर के सीमावर्ती किसान वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष रघबीर सिंह भंगाला ने बताया कि फिरोजपुर की बीएसएफ 70 बटालियन ने फिरोजपुर व तरनतारन में आते कंटीली तार के नजदीकी गेट नहीं खोले। किसान और पटवारियों को मायूस होकर लौटना पड़ा।