सीएम मनोहर लाल बोले-साफ-सुधरी और स्थायी सरकार देना हमारा एजेंडा, इससे पीछे नहीं हटेंगे
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हम अपने एजेंडे से पीछे नहीं हटेंगे, हमारा लक्ष्य है साफ सुधरी सरकार देना। अगर इसको लेकर कोई बात भी करनी पड़े तो मिल बैठकर बात करेंगे। भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी सरकार देने के लिए हम कटिबद्ध हैं। प्रदेश और जनता के हित के काम करना हमारी प्राथमिकता है और मुझे नहीं लगता कि साफ सुधरी सरकार देने में किसी को भी दिक्कत होगी, बाकि चीजें व्यवस्थाओं पर निर्भर करती है।
जहां तक पर्ची और खर्ची का सवाल है तो हम पहले ही ऐसी व्यवस्था बना चुके हैं कि ये चीजें समाप्त हो चुकी हैं। पहले सबसे बड़ा दोष ग्रुप डी और सी में इंटरव्यू का था, गड़बड़ी इंटरव्यू में ही होती थी, लेकिन इन दोनों वर्गों में साक्षात्कार समाप्त किया जा चुका है। ऐसे में गड़बड़ी की आशंका अपने आप ही खत्म हो जाती है।
इसके अलावा, जहां तक नौकरियों के लिए परीक्षा की बात तो इस सिस्टम को भी काफी मजबूत किया जा चुका है, अगर कहीं पर कोई खामी होगी तो उसे दूर किया जाएगा। आगे भी परीक्षा और योग्यता के आधार पर ही युवाओं को ही नौकरियां दी जाएंगी।
मनोहर लाल दोबारा से सीएम बनने के बाद सोमवार को करनाल के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में मीडिया से मुखातिब हुए। पर्ची और खर्ची वालों से गठबंधन के सवाल पर सीएम मनोहर लाल ने कहा कि बीती ताई बिसार दे, आगे की सुध ले। लोकतंत्र में स्थाई सरकार देना हमारी जिम्मेदारी है। क्योंकि जनता ने किसी भी दल को बहुमत नहीं दिया है, लेकिन सरकार को चलाने के लिए गठबंधन करने पड़ते हैं।
एक अन्य सवाल के जवाब में सीएम ने कहा कि दोनों ही दलों के संकल्प पत्रों को देखा गया है, कुछ चीजें दोनों की समान हैं। इसके अलावा, एक समन्वय समिति का गठन किया जाएगा। इसके तहत ही मिनिमम कॉमन प्रोग्राम तैयार किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मिलीजुली सरकार में पार्टी की मुख्य विचारधारा के साथ-साथ सहयोगी दलों की विचारधारा से समन्वय स्थापित करके कार्य करना होता है और सभी विधायकों का एक मात्र उदेश्य प्रदेश का विकास और जनकल्याण को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग दलों की प्राथमिकताएं अलग हो सकती है, लेकिन प्रदेश के विकास को लेकर सभी विचारधाराएं एक जैसी है।
75 पार नहीं होने के कई कारण हैं, करेंगे मंथन
75 पार का लक्ष्य पूरा नहीं होने को लेकर पूछे गए सवाल पर सीएम ने कहा कि इसके पीछे कई कारण सामने आए हैं। कुछ और कारण हैं जो सामने आने हैं। लक्ष्य पूरा नहीं करने को लेकर मंथन किया जाएगा और उन कमियों को दूर किया जाएगा, जिनके कारण पूर्ण बहुमत नहीं मिल पाया।
हालांकि, सीएम ने कहा कि मतदान का वोट प्रतिशत कम होने के बावजूद भाजपा का वोट प्रतिशत 33 से बढ़कर 36 प्रतिशत हो गया है। साथ ही पहली बार ऐसा हुआ है कि भाजपा का हारा हुआ उम्मीदवार भी 20 हजार वोटों से नीचे नहीं है।
वहीं, मतदान कम होने के पीछे सीएम ने कहा कि एक तो सोमवार को दिन होने के कारण कम मतदान हुआ, क्योंकि इससे पहले दो दिन की छुटिटयां हो गई और शहरी मतदाता बाहर कम निकले। इसके अलावा, उसी दिन अहोई अष्टमी का त्योहार था, इसलिए महिलाओं का व्रत था, ये भी एक कारण रहा। वाहन चालान की राशि कम करने को लेकर सीएम ने कहा कि अभी इस पर कोई विचार नहीं किया है, जल्द ही मंत्रिमंडल के साथ बैठक करेंगे।
रामराज की जिम्मेदारी
सीएम ने कहा कि यह भी पूरे देश में पहली बार हुआ है कि किसी सरकार के मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री ने दीपावली के दिन शपथ ग्रहण की है। उन्होंने कहा कि दीपावली के दिन शपथ लेने के निर्णय को कुछ लोगों द्वारा राजतिलक की संज्ञा दी है और राजतिलक की जनता की इस भावना को राम राज्य लाकर सार्थक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में सरकार ने शासन के नाते सुशासन की व्यवस्था की है और विभिन्न वर्गों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास किया है।