पढ़ें, हुड्डा के पंचकूला दौरे की खास-खास बातें
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हरियाणा के मुख्यमंत्री विधानसभा चुनाव से पहले पंचकूला में पंजाबी समुदाय के लोगों पर मेहरबान दिखे। खुद का जन्म तत्कालीन पंजाब में होने का हवाला देते मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को करीब 20 मिनट तक पंजाबी में ही संबोधित किया।
साथ ही उन्होंने पंजाबी भाषा को राज्य के दूसरे भाषा का दर्जा दिलाने को भी अपनी उपलब्धि करार देते हुए कहा कि हुड्डा ने तूसी जे मैनू सम्मान दित्ती है, मैं कोई एहसान नइ कित्ता। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को सेक्टर-15 में पंजाबी भवन के शिलान्याय के मौके पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान ये बातें कहीं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि काफी लंबे समय से पंजाबी समुदाय की मांग थी, जिसे पूरा किया गया। उन्होंने कहा कि विभाजन के बाद से इस समुदाय के लोगों ने अपनी देश के लिए बलिदान के साथ खूब मेहनत, पढ़ाई कर अपनी स्थिति सुदृढ़ की है।
पूरे प्रदेश के लोगों को कई फायदे
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भवन के निर्माण से पूरे प्रदेश के लोगों को कई फायदे मिलेंगे। हुड्डा ने कहा पानीपत रैली में की गई घोषणाओं को न दोहराते हुए कहा कि वॉक के दौरान मिलने वाले अधिकतर बुजुर्ग मिलते हैं, जिन्हें अब पंजाब की तर्ज पर पेंशन दिए जाएंगे। इसे कैबिनेट में मंजूरी मिल चुकी है।
पंचकूला से पंजाबी उम्मीदवार को टिकट दिए जाने के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि वक्त आने पर इसका पता जल्द लग जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने कहा कि मैंने पंजाबियों से खान पान, पहनावा सहित कई और बातें सीखी हैं। इस भवन के निर्माण के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री कोष से 11 लाख रुपये देने की घोषणा की, जबकि 31 लाख रुपये राज्यसभा सांसद शादीलाल बत्तरा की ओर से सहयोग किया जाएगा। इस मौके पर रोहतक के विधायक बी बी बत्तरा सहित प्रदेश के पंजाबी समुदाय के कई गणमान्य लेग उपस्थित हुए।