कैप्टन लॉकडाउन बढ़ाने के पक्ष में, बोले- ग्रीन, ऑरेंज, रेड जोन तय करने का हक राज्यों पर छोड़ें
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने लॉकडाउन बढ़ाने का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि ऐसा करते समय राज्यों के आर्थिक सशक्तीकरण पर ध्यान देते हुए सावधानीपूर्वक ऐसी रणनीति बनाई जाए, ताकि लोगों का जीवन बचाने के साथ-साथ उनकी रोजी-रोटी को भी सुरक्षित किया जा सके।
प्रधानमंत्री के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान सोमवार को मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्तर पर कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर सख्ती से लॉकडाउन जारी रखने का पक्ष लिया। उन्होंने कहा कि राज्यों को निचले स्तर पर योजनाबंदी के लिए और ज्यादा छूट देने की जरूरत है। राज्यों को सूक्ष्म, छोटे और मझोले उद्योगों को रेड जोन में उचित सुरक्षा उपायों के साथ चलाने की अनुमति देनी चाहिए। रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन का चयन करने का फैसला भी राज्यों पर छोड़ दिया जाना चाहिए क्योंकि उन्हें जमीनी हकीकत की ज्यादा जानकारी होती है।
कैप्टन ने कोविड-19 के कारण राजस्व घाटे की पूर्ति और खर्च किए गए फंडों के लिए राज्यों को तीन महीने के लिए राजस्व अनुदान देने की मांग की। इसके अलावा उन्होंने राज्यों को उनकी कम-से-कम 33 प्रतिशत प्रतिबद्ध देनदारियों के लिए केंद्र से तुरंत वित्तीय सहायता देने का भी आग्रह किया। उन्होंने टेस्टिंग संबंधी राष्ट्रीय रणनीति बनाने का भी आह्वान किया।
Chief Minister said that states need to be given greater flexibility in micro-planning as part of a carefully planned exit strategy, encompassing both #COVID19 containment and a defined path of economic revival: Punjab Chief Minister's Office https://t.co/yfXu98Zvh1
— ANI (@ANI) May 11, 2020
प्रधानमंत्री से टेस्टिंग क्षमता बढ़ाने की मांग की
सीएम ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर पंजाब और चंडीगढ़ में केंद्र सरकार की संस्थाओं को टेस्टिंग क्षमता बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि पंजाब ने अब तक 40962 टेस्ट किए हैं। इस समय पर टेस्टों की दर प्रतिदिन 2500 है और राज्य सरकार ने महीने के अंत तक प्रति दिन टेस्ट 6000 तक बढ़ाने की योजना बनाई है।
कैप्टन ने पंजाब द्वारा साफ-सफाई के नियमों और सामाजिक दूरी को मुकम्मल रूप में अपनाते हुए 115 लाख टन गेहूं की खरीद करने का भी जिक्र किया। उन्होंने मोदी से धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य और किसानों द्वारा धान की पराली न जलाने के लिए वित्तीय रियायत का अग्रिम एलान करने की भी अपील की।
पंजाब को हर माह 3000 करोड़ का राजस्व घाटा
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि पंजाब को प्रति माह 3000 करोड़ का राजस्व घाटा सहन करना पड़ रहा है। अप्रैल महीने में आमदनी 88 फीसदी कम रही। इसके साथ ही पंजाब पॉवर कारपोरेशन लिमिटेड को रोजाना 30 करोड़ का घाटा हो रहा है, जो 30 फीसदी बनता है। उन्होंने अपनी मांग दोहराते हुए कहा कि केंद्र सरकार पंजाब के जीएसटी के बकाया 4365.37 करोड़ रुपये तुरंत जारी करे।
महामारी के कारण हालात में आए बदलाव को देखते हुए 15वें वित्त आयोग को चालू वर्ष के लिए अपनी रिपोर्ट की समीक्षा करने के साथ-साथ पांच वर्षों के लिए फंडों के वितरण की सिफारिश को 2020 की बजाय 1 अप्रैल, 2021 से शुरू करना चाहिए। इसके लिए आयोग की समय सीमा एक और वर्ष के लिए बढ़ानी चाहिए।
कैप्टन ने दोहराई राज्यों की कर्ज सीमा बढ़ाने की मांग
कैप्टन ने प्रधानमंत्री से यह भी अपील की कि राज्यों को अपनी वित्तीय जिम्मेदारियां निभाने के योग्य बनाने के लिए कर्ज सीमा राज्यों के कुल घरेलू उत्पादन की 3 फीसदी से बढ़ाकर 4 फीसदी की जाए।