फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   CM Bhagwant Mann seal is yet to be put on file regarding release of Navjot Singh Sidhu

Punjab: एडीजीपी जेल ने दोबारा भेजी नवजोत सिद्धू की रिहाई की फाइल, सीएम मान के फैसले पर टिकी नजरें

Wed, 08 Feb 2023 02:28 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 08 Feb 2023 02:28 PM IST
सार

नवजोत सिद्धू को केंद्र सरकार की ‘आजादी का महोत्सव’ के तहत बनी नीति के तहत अन्य कैदियों के साथ 26 जनवरी को रिहा किया जाना था, लेकिन जेल विभाग ने ऐसे कैदियों की एक सूची ही मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी, जबकि प्रत्येक ऐसे कैदी के बारे में अलग-अलग फाइल भेजना जरूरी था।

विज्ञापन
CM Bhagwant Mann seal is yet to be put on file regarding release of Navjot Singh Sidhu
नवजोत सिंह सिद्धू - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू की जेल से रिहाई का मुद्दा सियासी बनकर रह गया है। 26 जनवरी को उन्हें रिहा किए जाने संबंधी फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जेल विभाग को तकनीकी कारणों से लौटाने के बाद अब विभाग के एडीजीपी ने नए सिरे से जो फाइल मुख्यमंत्री के पास भेजी है, उनमें से उम्र कैदियों की रिहाई के आदेश तो जारी हो गए हैं लेकिन सिद्धू समेत तीन अन्य कैदी जिन्हें कम से कम एक साल की सजा हुई है, की रिहाई संबंधी फाइल पर अभी तक मुख्यमंत्री की मुहर नहीं लगी है।
विज्ञापन


नवजोत सिद्धू को केंद्र सरकार की ‘आजादी का महोत्सव’ के तहत बनी नीति के तहत अन्य कैदियों के साथ 26 जनवरी को रिहा किया जाना था, लेकिन जेल विभाग ने ऐसे कैदियों की एक सूची ही मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी, जबकि प्रत्येक ऐसे कैदी के बारे में अलग-अलग फाइल भेजना जरूरी था। इस तकनीकी गड़बड़ी के चलते फाइल विभाग को लौटा दी गई और सिद्धू की रिहाई नहीं हो सकी। केंद्र की नीति के अनुसार, ऐसे कैदी जिन्हें एक साल से अधिक सजा नहीं हुई, उनका आचरण अच्छा रहा हो और वह अपनी 66 फीसदी सजा पूरी कर चुका हो, तो उसे 26 जनवरी को रिहा किया जा सकता है। नवजोत सिद्धू का केस, इस नीति के तहत पूरी तरह खरा उतरता था और उनकी रिहाई तय मानी जा रही थी।
विज्ञापन


जानकारी के अनुसार, एडीजीपी (जेल) द्वारा सिरे से भेजी फाइल पर मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रियों के साथ विचार-विमर्श के बाद पांच उम्र कैदियों की रिहाई का प्रस्ताव कैबिनेट की बैठक में पारित किया लेकिन उन्होंने नवजोत सिद्धू और दो अन्य कैदियों की रिहाई संबंधी फाइल को फिलहाल अपने पास ही रखा है और उस पर फैसला नहीं लिया है। इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी का कहना है कि यह मामला मुख्यमंत्री के विचाराधीन है। मुख्यमंत्री इस पर कब फैसला लेंगे, यह उनके विवेक पर निर्भर है और इसकी कोई समय सीमा नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


गौरतलब है कि प्रक्रिया के अनुसार, आम माफी संबंधी केस जेल अधीक्षक द्वारा विभाग प्रमुख को भेजे जाते हैं। यह फाइल विभाग प्रमुख द्वारा जेल मंत्री को भेजी जाती है, जिसे वह कैबिनेट के समय विचार के लिए रखते हैं। इस फाइल पर कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे राज्यपाल के पास भेज दिया जाता है और फिर संबंधित कैदी की रिहाई को विधिवत आदेश जारी होते हैं। सिद्धू की रिहाई को लेकर कांग्रेस प्रदेश प्रधान राजा वड़िंग ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर आरोप लगाया गया है कि वह सिद्धू को रिहा नहीं करना चाहते, इसी लिए उनकी फाइल को लटकाए हुए हैं।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed