Punjab News: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की बैठक में CM भगंवत मान बोले- ड्रोन का रजिस्ट्रेशन हो अनिवार्य
सोमवार को नई दिल्ली में उत्तरी राज्यों में मादक पदार्थों की तस्करी और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर आयोजित नौ राज्यों की बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग द्वारा हिस्सा लेते हुए मुख्यमंत्री मान ने अमित शाह के सामने सीमा पार से हो रही नशा तस्करी का मुद्दा उठाया।
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नशे के खिलाफ राज्य सरकार की कार्रवाई के बारे में सीएम भगवंत मान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जानकारी दी। सीएम मान ने इससे निपटने के लिए मौजूदा कानूनों में सख्त प्रावधान जोड़ने की वकालत की है। केंद्रीय गृह मंत्री के नेतृत्व में सोमवार को ‘नशा तस्करी और राष्ट्रीय सुरक्षा’ संबंधी हुई वर्चुअल मीटिंग में हिस्सा लेते हुए भगवंत मान ने अवगत करवाया कि पंजाब पहला राज्य है, जिसने नशा सप्लाई चेन तोड़ने, नशा तस्करी और तस्करों की गिरफ्तारी के लिए कानून को प्रभावशाली तरीके से लागू करने के लिए विशेष टास्क फोर्स और एसटीएफ थानों का गठन किया है।
राज्य सरकार ने तीन-आयामी रणनीति लागू की गई है, जिसमें कानून लागू करने, नशा मुक्ति और नशों की रोकथाम ( ईडीपी) शामिल है। ईडीपी में नशा तस्करी के विरुद्ध कानून लागू करना, नशा पीड़ितों को नशा मुक्त करना और विद्यार्थियों, नौजवानों और आम लोगों को नशों से बचाना शामिल है।
उन्होंने मांग की है कि ड्रोनों के रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य किया जाना चाहिए क्योंकि ड्रोनों का इस्तेमाल हथियार/हेरोइन/ विस्फोटक सामग्री की सरहद पार से तस्करी करने के लिए होती है, जो चिंता का विषय है। ड्रोनों से नशों की सप्लाई रोकने के लिए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है और 2019 के बाद अब तक 491 ड्रोन देखे गए हैं और 51 बरामद किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जिले में एंटी-नारकोटिक्स सेल कायम किए गए हैं और एनडीपीएस एक्ट के मामलों में जल्द सुनवाई के लिए प्रत्येक जिले में विशेष अदालतें बनाईं गई हैं। इसी तरह एसएएस नगर में एक फॉरेंसिक लैबोरेटरी और लुधियाना, बठिंडा व अमृतसर में नशों की जांच के लिए तीन क्षेत्रीय एफएसएल स्थापित की गई हैं। राज्य सरकार ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के लिए 2000 वर्ग गज का प्लॉट अलॉट किया है और रिजनल दफ्तर, जोनल रेजिडेंशियल सेंटर और नार्को फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी के निर्माण के लिए अमृतसर में 2.5 एकड़ जमीन जारी कर दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में नशा तस्करी पाकिस्तान, गुजरात, दिल्ली, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर से होती है।
सीमा पर ड्रोन विरोधी जैमर लगाने की मांग
मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान के साथ लगती पंजाब की समूची अंतरराष्ट्रीय सरहद पर ड्रोन विरोधी टेक्नोलॉजी/जैमर लगाने की मांग की ताकि नशे और हथियारों की तस्करी को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि इसी तरह अत्याधुनिक क्षेत्रीय ड्रोन फॉरेंसिक लैब पंजाब खास तौर पर अमृतसर में स्थापित की जाए ताकि ड्रोन उड़ने और पहुंचने वाली जगह और इनके रूट मैप का पता लग सके।
एनडीपीएस एक्ट में नशे की व्यापारिक मात्रा कम हो
मुख्यमंत्री ने हेरोइन की व्यापारिक मात्रा को मौजूदा 250 ग्राम से घटा कर 25 ग्राम करने पर भी जोर दिया जिससे निचले स्तर पर ही तस्करी को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि हेड कांस्टेबल को सक्षम बनाते हुए छोटी मात्रा की परिभाषा और नारकोटिक ड्रग एंड साइकोट्रोपिक सबस्टैंस एक्ट की धारा- 27 के अधीन आने वाले मामलों के संबंध में निर्धारित ड्यूटियां निभाने के लिए शक्तियां दी जानी चाहिए। इससे जांच अफसरों की संख्या बढ़ेगी और जांच के अधीन मामलों की संख्या घटेगी। मुख्यमंत्री ने एनडीपीएस एक्ट की धारा-39(1) और 64-ए में संशोधन करने की भी मांग की, जिससे पीड़ितों और तस्करों में फर्क करने के लिए छोटी मात्रा में वसूली को आपराधिक श्रेणी से बाहर किया जाए।
ड्रोनों से आई 1000 किलो हेरोइन व हथियार
मुख्यमंत्री ने कहा कि 16 मई तक ड्रोनों द्वारा तस्करी के दौरान करीब एक हजार किलो हेरोइन के साथ-साथ 56 हथगोले, 126 पिस्तौल/रिवॉल्वर, 11 एके-47 और अन्य राइफल, 9.5 किलो आरडीएक्स बरामद किया गया है। एक अप्रैल 2022 से 13 जुलाई 2023 तक एनडीपीएस एक्ट के अधीन 16,554 केस दर्ज किए गए हैं और 22,349 तस्कर गिरफ्तार किए गए हैं। समर्थ अथॉरिटी ने नशा तस्करी के 66 मामलों में 26.72 करोड़ रुपये की जायदाद जब्त की है।