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Punjab: युवा किसान शुभकरण के परिवार को 1 करोड़ का चेक, सरकारी नौकरी भी मिली, सीएम मान सौंपा नियुक्ति पत्र
Tue, 09 Jul 2024 01:03 PM IST
अंकेश ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Tue, 09 Jul 2024 01:03 PM IST
सार
किसानों के प्रदर्शन में पंजाब के युवा किसान शुभकरण सिंह की मौत के बाद सरकार की तरफ से परिवार को एक करोड़ रुपये और सरकारी नौकरी दी गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चेक और नौकरी के लिए नियुक्ति पत्र परिवार को दिया है।
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शुभकरण के परिवार को चेक देते सीएम मान।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंजाब के युवा किसान शुभकरण की किसानों के प्रदर्शन के दौरान मौत हो गई थी। मंगलवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान मृतक किसान शुभकरण के परिवार से मिले और उन्होंने परिवार को एक करोड़ रुपये का चेक सौंपा। शुभकरण के परिजन मुख्यमंत्री आवास सीएम मान से मिलने पहुंचे थे। इस दौरान परिवार को 1 करोड़ रुपये का चेक और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी के लिए नियुक्ति पत्र भी दिया गया। शुभकरण की इसी साल फरवरी में किसान प्रदर्शन के दौरान मौत हुई थी।
पंजाब-हरियाणा सीमा पर फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी देने वाले कानून की मांग को लेकर प्रदर्शन के दौरान शुभकरण की मौत हुई थी। घटना 21 फरवरी को घटी थी। आरोप है कि हरियाणा पुलिस द्वारा चलाई गई गोली लगने से उसकी मौत हो गई। इस मामले में पंचकूला निवासी एडवोकेट उदय प्रताप सिंह ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए जांच की मांग की थी।
न्यायिक कमेटी कर रही जांच
हाईकोर्ट ने 7 मार्च को शुभकरण सिंह की मौत की जांच के लिए एक सेवानिवृत्त हाई कोर्ट के जज की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की थी। 3 सदस्यीय कमेटी की अध्यक्षता पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की पूर्व जस्टिस जयश्री ठाकुर को सौंपी गई थी। उनके साथ हरियाणा के एडीजीपी अमिताभ सिंह ढिल्लों व पंजाब के एडीजीपी प्रमोद बन को कमेटी का हिस्सा बनाया गया था। कमेटी को जांच करनी थी कि शुभकरण की मौत हरियाणा के क्षेत्राधिकार में हुई थी या पंजाब के क्षेत्र में, मौत का कारण क्या था और किस हथियार का इस्तेमाल किया गया था। इसके साथ ही आंदोलनकारियों पर बल प्रयोग किया गया था क्या वह परिस्थितियों के अनुरूप था या नहीं और शुभकरण की मौत के मुआवजे को लेकर भी कमेटी को फैसला लेना है।
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पंजाब-हरियाणा सीमा पर फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी देने वाले कानून की मांग को लेकर प्रदर्शन के दौरान शुभकरण की मौत हुई थी। घटना 21 फरवरी को घटी थी। आरोप है कि हरियाणा पुलिस द्वारा चलाई गई गोली लगने से उसकी मौत हो गई। इस मामले में पंचकूला निवासी एडवोकेट उदय प्रताप सिंह ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए जांच की मांग की थी।
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न्यायिक कमेटी कर रही जांच
हाईकोर्ट ने 7 मार्च को शुभकरण सिंह की मौत की जांच के लिए एक सेवानिवृत्त हाई कोर्ट के जज की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की थी। 3 सदस्यीय कमेटी की अध्यक्षता पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की पूर्व जस्टिस जयश्री ठाकुर को सौंपी गई थी। उनके साथ हरियाणा के एडीजीपी अमिताभ सिंह ढिल्लों व पंजाब के एडीजीपी प्रमोद बन को कमेटी का हिस्सा बनाया गया था। कमेटी को जांच करनी थी कि शुभकरण की मौत हरियाणा के क्षेत्राधिकार में हुई थी या पंजाब के क्षेत्र में, मौत का कारण क्या था और किस हथियार का इस्तेमाल किया गया था। इसके साथ ही आंदोलनकारियों पर बल प्रयोग किया गया था क्या वह परिस्थितियों के अनुरूप था या नहीं और शुभकरण की मौत के मुआवजे को लेकर भी कमेटी को फैसला लेना है।
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