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अमृतसरः मूल नानकशाही कैलेंडर जारी करने से दल खालसा को रोका, खींचातानी में फटा कैलेंडर
Sat, 07 Mar 2020 10:31 AM IST
खुशबू गोयल
अशोक नीर, अमृतसर
अशोक नीर, अमृतसर
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 07 Mar 2020 10:31 AM IST
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नानक शाही कैलेंडर
- फोटो : अमर उजाला
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अलगाववादी संगठन दल खालसा की तरफ से श्री अकाल तख्त साहिब के प्रांगण से मूल नानकशाही कैलेंडर-2020 जारी करने पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और दल खालसा के सदस्यों के बीच विवाद पैदा हो गया। इस दौरान दोनों के बीच जमकर बहसबाजी हुई।
दल खालसा के जनरल सेक्रेटरी कंवर पाल सिंह ने शुक्रवार को श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय के बाहर खड़े होकर इस कैलेंडर को जारी करने की कोशिश की तो सुरक्षा कर्मचारियों ने कंवर पाल सिंह ने इस कैलेंडर को छीनने का प्रयास किया। इस खींचातानी के दौरान कंवरपाल सिंह के हाथों में पकड़ा कैलेंडर फट गया।
इस बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहसबाजी हुई। एक बार तो तनाव पैदा हो गया था लेकिन इसके बावजूद दल खालसा ने कैलेंडर को जारी कर दिया।
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दल खालसा के जनरल सेक्रेटरी कंवर पाल सिंह ने शुक्रवार को श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय के बाहर खड़े होकर इस कैलेंडर को जारी करने की कोशिश की तो सुरक्षा कर्मचारियों ने कंवर पाल सिंह ने इस कैलेंडर को छीनने का प्रयास किया। इस खींचातानी के दौरान कंवरपाल सिंह के हाथों में पकड़ा कैलेंडर फट गया।
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इस बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहसबाजी हुई। एक बार तो तनाव पैदा हो गया था लेकिन इसके बावजूद दल खालसा ने कैलेंडर को जारी कर दिया।
सुरक्षा कर्मचारियों ने भी दुर्व्यवहार किया
मीडिया से बातचीत में कंवरपाल सिंह ने कहा कि एक तरफ तो जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह कह रहे हैं कि श्री अकाल तख्त साहिब सभी सिख संगठनों का सांझा है, लेकिन दूसरी तरफ दल खालसा जैसे संगठन को श्री अकाल तख्त में प्रवेश करने से रोका जा रहा है। दल खालसा ने पहले श्री अकाल तख्त साहिब के प्रांगण से अरदास की थी।
अरदास के बाद टास्क फोर्स ने उन्हें कहा कि वह यहां कैलेंडर जारी न करें। उन्होंने उसी समय कहा कि वह इसे श्री अकाल तख्त सचिवालय के बाहर जारी करेंगे। जब वह अपने साथियों के साथ सचिवालय पहुंचे तो यहां तैनात सुरक्षा कर्मचारियों ने भी उनके साथ दुर्व्यवहार किया। कैलेंडर जारी करते समय उनके और एक सुरक्षा कर्मचारी के बीच हुई खींचातानी में कैलेंडर फट गया।
इसके बाद जब ज्ञानी हरप्रीत सिंह के निजी सचिव को इस बारे में जानकारी दी गई तो उन्होंने कैलेंडर जारी करने की अनुमति दी। उन्होंने कहा कि मूल नानकशाही कैलेंडर को एसजीपीसी ने 2010 में तीन बार संशोधित कर दिया था। एसजीपीसी ने कुछ ताकतों के दबाव के बाद इस कैलेंडर को संशोधित कर दिया है।
विक्रमी कैलेंडर को नानक शाही कैलेंडर का नाम देकर उसी के आधार पर गुरुपर्व और अन्य ऐतिहासिक दिन मनाए जा रहे हैं।
अरदास के बाद टास्क फोर्स ने उन्हें कहा कि वह यहां कैलेंडर जारी न करें। उन्होंने उसी समय कहा कि वह इसे श्री अकाल तख्त सचिवालय के बाहर जारी करेंगे। जब वह अपने साथियों के साथ सचिवालय पहुंचे तो यहां तैनात सुरक्षा कर्मचारियों ने भी उनके साथ दुर्व्यवहार किया। कैलेंडर जारी करते समय उनके और एक सुरक्षा कर्मचारी के बीच हुई खींचातानी में कैलेंडर फट गया।
इसके बाद जब ज्ञानी हरप्रीत सिंह के निजी सचिव को इस बारे में जानकारी दी गई तो उन्होंने कैलेंडर जारी करने की अनुमति दी। उन्होंने कहा कि मूल नानकशाही कैलेंडर को एसजीपीसी ने 2010 में तीन बार संशोधित कर दिया था। एसजीपीसी ने कुछ ताकतों के दबाव के बाद इस कैलेंडर को संशोधित कर दिया है।
विक्रमी कैलेंडर को नानक शाही कैलेंडर का नाम देकर उसी के आधार पर गुरुपर्व और अन्य ऐतिहासिक दिन मनाए जा रहे हैं।
नानकशाही कैलेंडर में पाकिस्तान का महिमामंडन
दल खालसा द्वारा जारी किए गए मूल नानकशाही कैलेंडर में पाकिस्तान सरकार को महिमामंडित किया गया है। इस कैलेंडर के दायीं तरफ करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन के समय की पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की एक फोटो भी प्रकाशित की गई है।
साथ ही कैलेंडर में गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के प्रांगण में स्थापित की गई तेग (छोटी किरपान) की बड़ी फोटो भी लगाई गई है। इस कैलेंडर में अंग्रेजी के बड़े अक्षरों में लिखा गया है थैंक यू पाकिस्तान। कैलेंडर के नीचे दल खालसा ने अपना लोगो बाज का निशान है।
पाकिस्तान के डेरा बाबा नानक से पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा करतारपुर साहिब तक बनाए गए कॉरिडोर को पाकिस्तान सरकार द्वारा दिया गया तोहफा बताते हुए कंवर पाल सिंह ने कहा कि यह कैलेंडर इसी कॉरिडोर को समर्पित है। इस कैलेंडर के माध्यम से पाकिस्तान सरकार का धन्यवाद भी किया गया।
कैलेंडर में उन ताकतों को भी खबरदार किया गया है, जो इस कॉरिडोर के अस्तित्व के लिए बाधाएं खड़ी करते रहे हैं।
साथ ही कैलेंडर में गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के प्रांगण में स्थापित की गई तेग (छोटी किरपान) की बड़ी फोटो भी लगाई गई है। इस कैलेंडर में अंग्रेजी के बड़े अक्षरों में लिखा गया है थैंक यू पाकिस्तान। कैलेंडर के नीचे दल खालसा ने अपना लोगो बाज का निशान है।
पाकिस्तान के डेरा बाबा नानक से पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा करतारपुर साहिब तक बनाए गए कॉरिडोर को पाकिस्तान सरकार द्वारा दिया गया तोहफा बताते हुए कंवर पाल सिंह ने कहा कि यह कैलेंडर इसी कॉरिडोर को समर्पित है। इस कैलेंडर के माध्यम से पाकिस्तान सरकार का धन्यवाद भी किया गया।
कैलेंडर में उन ताकतों को भी खबरदार किया गया है, जो इस कॉरिडोर के अस्तित्व के लिए बाधाएं खड़ी करते रहे हैं।