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सेना को अपशब्द कहने पर छात्र नेताओं में हुई मारपीट, कपड़े तक फाड़ डाले
सुमित श्योराण/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 27 Feb 2017 02:58 PM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में आपस में भिड़े स्टूडेंट्स
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पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में स्टूडेंट सेंटर पर छात्र नेताओं ने जमकर हंगामा और हाथापाई की। मारपीट इतनी बढ़ गई कि एक दूसरे के कपड़े तक फाड़ डाले। पुलिस सभी को पकड़कर थाने ले गई है। मामला धरने के दौरान सेना को अपशब्द कहने का रहा। हुआ यूं कि स्टूडेंट सेंटर पर एबीवीपी और एसएफएस के स्टूडेंट्स बैठे थे।
इस दौरान मामले को लेकर उनके बीच कहासुनी हो गई और देखते ही देखते हंगामा हो गया। बात मारपीट तक पहुंच गई। जैसे ही यह खबर और नेताओं को मिली, वे भी मौके पर पहुंच गए और बवाल हो गया। सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर मारपीट कर रहे नेताओं को पकड़ा और थाने ले गई।
दरअसल, शनिवार को एसएफएस ने दिल्ली के रामजस कॉलेज में उठे विवाद को लेकर शनिवार को स्टूडेंट सेंटर पर एबीवीपी के खिलाफ धरना देते हुए नारेबाजी की थी। इस दौरान एसएफएस के नेताओं ने पंजाब यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स सेंटर पर ह्यूमन राइट कमीशन की रिपोर्ट का हवाला देते हुए सेना केखिलाफ रेपिस्ट शब्द का प्रयोग किया था। उन्होंने कहा कि बस्तर में 16 जनजातीय महिलाओं के साथ सेना के जवानों द्वारा रेप किया गया।
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मामले को लेकर संगठन ने आर्मी की आलोचना की व काफी देर तक नारेबाजी की। इसी दौरान एसएफआई की सदस्य और जीसीजी कॉलेज की छात्रा अंबिका ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि देश के जवानों को रेपिस्ट कहना ठीक नहीं है। उसने कहा कि उसके पिता भी पैरामिलिट्री फोर्स में हैं जो अपनी हर ड्यूटी निभाते हैं। यह कहते कहते लड़की काफी भावुक हो गई थी और इसके बाद माहौल काफी गरमा गया।
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इस दौरान मामले को लेकर उनके बीच कहासुनी हो गई और देखते ही देखते हंगामा हो गया। बात मारपीट तक पहुंच गई। जैसे ही यह खबर और नेताओं को मिली, वे भी मौके पर पहुंच गए और बवाल हो गया। सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर मारपीट कर रहे नेताओं को पकड़ा और थाने ले गई।
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दरअसल, शनिवार को एसएफएस ने दिल्ली के रामजस कॉलेज में उठे विवाद को लेकर शनिवार को स्टूडेंट सेंटर पर एबीवीपी के खिलाफ धरना देते हुए नारेबाजी की थी। इस दौरान एसएफएस के नेताओं ने पंजाब यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स सेंटर पर ह्यूमन राइट कमीशन की रिपोर्ट का हवाला देते हुए सेना केखिलाफ रेपिस्ट शब्द का प्रयोग किया था। उन्होंने कहा कि बस्तर में 16 जनजातीय महिलाओं के साथ सेना के जवानों द्वारा रेप किया गया।
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मामले को लेकर संगठन ने आर्मी की आलोचना की व काफी देर तक नारेबाजी की। इसी दौरान एसएफआई की सदस्य और जीसीजी कॉलेज की छात्रा अंबिका ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि देश के जवानों को रेपिस्ट कहना ठीक नहीं है। उसने कहा कि उसके पिता भी पैरामिलिट्री फोर्स में हैं जो अपनी हर ड्यूटी निभाते हैं। यह कहते कहते लड़की काफी भावुक हो गई थी और इसके बाद माहौल काफी गरमा गया।