Haryana: 7.30 लाख एकड़ में फसल खराब होने का दावा, आज से फिर खुलेगा पोर्टल, मंडियों में नहीं पहुंचा बारदाना
हरियाणा सरकार का दावा है कि मंडियों से 24 घंटों में उठान किया जाएगा और जे फार्म कटने के 72 घंटों के बाद किसानों को सीधे खाते में भुगतान किया जाएगा। इस बार एमएमएस सिस्टम लागू नहीं रहेगा। जिस भी किसान का मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण है, वह मंडी में फसल लेकर आ सकता है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा में बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि से अब तक 7.30 लाख एकड़ फसल खराब होने का दावा किया गया है। प्रदेश के पांच हजार गांवों के 1.30 लाख किसानों ने यह दावा क्षतिपूर्ति पोर्टल पर किया है। आज फसल में नुकसान होने का दावा करने की अंतिम तिथि है। हालांकि, सरकार कह चुकी है कि इस पोर्टल को दोबारा से भी खोला जाएगा। फसल खराब होने का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। ये स्थिति तब है कि जब पोर्टल में बार-बार तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। अब भी काफी संख्या में ऐसे किसान हैं, जो फसल खराब होने की जानकारी पोर्टल पर अपलोड नहीं कर पाए हैं।
मंडियों में नहीं पहुंचा बारदाना, कैसे खरीदा जाएगा दाना-दाना
गेहूं खरीद को लेकर किए जा रहे हरियाणा सरकार के तमाम दावों को बारिश ने धोकर रख दिया है। दो दिन के बाद भी प्रदेश की मंडियों में गेहूं की सुचारू खरीद नहीं हो पाई है। इसका सबसे बड़ा कारण तो बारिश ही है लेकिन इसके अलावा मंडियों में बारदाना नहीं पहुंचना भी खरीद में बाधा बना हुआ है। हरियाणा सरकार ने तीन लाख बेल्स (15 करोड़ कट्टे) बारदाने की खरीद तो कर ली है लेकिन अभी तक यह बारदाना एजेसियां मंडियों में नहीं पहुंचा पाई हैं। इसके चलते खरीद शुरू नहीं हो पाई है, क्योंकि जब तक बारदाना नहीं होगा तो गेहूं को रखा कहां पर जाएगा। बता दें कि अंबाला, पानीपत, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, कैथल, हिसार, भिवानी, सिरसा, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, महेंद्रगढ़-नारनौल और रेवाड़ी में खरीद एजेंसियों के पास बारदाना पहुंच चुका है। जबकि जींद और करनाल में अभी तक नहीं पहुंचा है।
हरियाणा में इस बार 408 मंडियों में गेहूं खरीद होगी। सरकार द्वारा एफसीआई, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन, हैफेड तथा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद का निर्देश दिया गया है। एक अप्रैल से आधिकारिक रूप से गेहूं की खरीद शुरू हो गई है लेकिन मंडियों में बारदाना नहीं पहुंचा है। बारिश से बचने के लिए किसान अपने फसल लेकर मंडियों में पहुंच रहे हैं लेकिन अभी तक मंडियों में खरीद एजेसिंयां ही सक्रिय नहीं हो पाई हैं।
मंडी में किसान की फसल बचाने की जिम्मेदारी आढ़ती की
बदलते मौसम और बारिश से किसानों की फसलों को बचाने की जिम्मेदारी आढ़तियों की होती है। इसके लिए उनको तिरपाल समेत पॉलिथीन की व्यवस्था करनी होती है लेकिन आढ़ती इसको लेकर खानापूर्ति करते हैं। नियमों के तहत अगर कोई ऐसा नहीं करता है तो उस आढ़ती का लाइसेंस सस्पेंड करने का नियम है। हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के नियमों में साफ लिखा है कि इन नियमों का पालन कराने के लिए मार्केट कमेटी सचिव जिम्मेदार होंगे।
72 घंटे में भुगतान के दावे, इस बार नहीं एसएमएस सिस्टम
हरियाणा सरकार का दावा है कि मंडियों से 24 घंटों में उठान किया जाएगा और जे फार्म कटने के 72 घंटों के बाद किसानों को सीधे खाते में भुगतान किया जाएगा। इस बार एमएमएस सिस्टम लागू नहीं रहेगा। जिस भी किसान का मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण है, वह मंडी में फसल लेकर आ सकता है। इससे पहले कमेटी किसान को फसल लाने का मैसेज भेजती थी, इसका किसानों ने विरोध किया था।
288 किसान मंडियों में लेकर पहुंचे गेहूं, खरीदा एक दाना भी नहीं
हरियाणा में दूसरे दिन भी गेहूं की खरीद नहीं हो पाई। हालांकि, 14 जिलों में 288 किसान 1396 मीट्रिक टन गेहूं लेकर मंडियों में पहुंचे। अभी तक केवल पानीपत में दो किसानों का 19 टन गेहूं खरीदा गया है। शेष किसानों का गेहूं मंडियों में पड़ा है। बारिश के चलते कम संख्या में किसान पहुंच रहे हैं। मंडी अधिकारियों का कहना है कि अभी सीजन में तेजी आने में कम से कम एक सप्ताह तक लग सकता है।
मंडियों में गेहूं तो आने लगा है लेकिन न तो बारदाना है और न ही अभी तक खरीद एजेंसियों के कर्मचारी मंडियों में आए हैं। नियमों के तहत खरीद से पहले मंडियों में बारदाना पहुंचाया जाता है लेकिन अभी तक सरकार की तरफ से मंडियों में कोई बारदाना नहीं भेजा गया है। जब तक बारदाना नहीं आएगा तो खरीद कैसे होगी। हमने अधिकारियों के सामने यह समस्या रखी है। -रजनीश चौधरी, चेयरमैन, आढ़ती एसोसिएशन हरियाणा।
सरकार ने बारदाने की पुख्ता व्यवस्था की है। तीन लाख बेल्स बारदाना खरीदा गया है और मंडियों में भेजा जा रहा है। बारिश के चलते जरूर कुछ असर पड़ा है, किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। सभी एजेंसियों को आदेश जारी किया गया है। - दुष्यंत चौटाला, डिप्टी सीएम।