फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Claims of crop damage in more than 7 lakh acres of land in Haryana

Haryana: 7.30 लाख एकड़ में फसल खराब होने का दावा, आज से फिर खुलेगा पोर्टल, मंडियों में नहीं पहुंचा बारदाना

Mon, 03 Apr 2023 01:13 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Mon, 03 Apr 2023 01:13 AM IST
सार

हरियाणा सरकार का दावा है कि मंडियों से 24 घंटों में उठान किया जाएगा और जे फार्म कटने के 72 घंटों के बाद किसानों को सीधे खाते में भुगतान किया जाएगा। इस बार एमएमएस सिस्टम लागू नहीं रहेगा। जिस भी किसान का मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण है, वह मंडी में फसल लेकर आ सकता है।

विज्ञापन
Claims of crop damage in more than 7 lakh acres of land in Haryana
हरियाणा में गेहूं खरीद। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हरियाणा में बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि से अब तक 7.30 लाख एकड़ फसल खराब होने का दावा किया गया है। प्रदेश के पांच हजार गांवों के 1.30 लाख किसानों ने यह दावा क्षतिपूर्ति पोर्टल पर किया है। आज फसल में नुकसान होने का दावा करने की अंतिम तिथि है। हालांकि, सरकार कह चुकी है कि इस पोर्टल को दोबारा से भी खोला जाएगा। फसल खराब होने का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। ये स्थिति तब है कि जब पोर्टल में बार-बार तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। अब भी काफी संख्या में ऐसे किसान हैं, जो फसल खराब होने की जानकारी पोर्टल पर अपलोड नहीं कर पाए हैं। 

विज्ञापन


मंडियों में नहीं पहुंचा बारदाना, कैसे खरीदा जाएगा दाना-दाना
गेहूं खरीद को लेकर किए जा रहे हरियाणा सरकार के तमाम दावों को बारिश ने धोकर रख दिया है। दो दिन के बाद भी प्रदेश की मंडियों में गेहूं की सुचारू खरीद नहीं हो पाई है। इसका सबसे बड़ा कारण तो बारिश ही है लेकिन इसके अलावा मंडियों में बारदाना नहीं पहुंचना भी खरीद में बाधा बना हुआ है। हरियाणा सरकार ने तीन लाख बेल्स (15 करोड़ कट्टे) बारदाने की खरीद तो कर ली है लेकिन अभी तक यह बारदाना एजेसियां मंडियों में नहीं पहुंचा पाई हैं। इसके चलते खरीद शुरू नहीं हो पाई है, क्योंकि जब तक बारदाना नहीं होगा तो गेहूं को रखा कहां पर जाएगा। बता दें कि अंबाला, पानीपत, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, कैथल, हिसार, भिवानी, सिरसा, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, महेंद्रगढ़-नारनौल और रेवाड़ी में खरीद एजेंसियों के पास बारदाना पहुंच चुका है। जबकि जींद और करनाल में अभी तक नहीं पहुंचा है।
विज्ञापन


हरियाणा में इस बार 408 मंडियों में गेहूं खरीद होगी। सरकार द्वारा एफसीआई, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन, हैफेड तथा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद का निर्देश दिया गया है। एक अप्रैल से आधिकारिक रूप से गेहूं की खरीद शुरू हो गई है लेकिन मंडियों में बारदाना नहीं पहुंचा है। बारिश से बचने के लिए किसान अपने फसल लेकर मंडियों में पहुंच रहे हैं लेकिन अभी तक मंडियों में खरीद एजेसिंयां ही सक्रिय नहीं हो पाई हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

मंडी में किसान की फसल बचाने की जिम्मेदारी आढ़ती की
बदलते मौसम और बारिश से किसानों की फसलों को बचाने की जिम्मेदारी आढ़तियों की होती है। इसके लिए उनको तिरपाल समेत पॉलिथीन की व्यवस्था करनी होती है लेकिन आढ़ती इसको लेकर खानापूर्ति करते हैं। नियमों के तहत अगर कोई ऐसा नहीं करता है तो उस आढ़ती का लाइसेंस सस्पेंड करने का नियम है। हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के नियमों में साफ लिखा है कि इन नियमों का पालन कराने के लिए मार्केट कमेटी सचिव जिम्मेदार होंगे।

72 घंटे में भुगतान के दावे, इस बार नहीं एसएमएस सिस्टम
हरियाणा सरकार का दावा है कि मंडियों से 24 घंटों में उठान किया जाएगा और जे फार्म कटने के 72 घंटों के बाद किसानों को सीधे खाते में भुगतान किया जाएगा। इस बार एमएमएस सिस्टम लागू नहीं रहेगा। जिस भी किसान का मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण है, वह मंडी में फसल लेकर आ सकता है। इससे पहले कमेटी किसान को फसल लाने का मैसेज भेजती थी, इसका किसानों ने विरोध किया था।

288 किसान मंडियों में लेकर पहुंचे गेहूं, खरीदा एक दाना भी नहीं
हरियाणा में दूसरे दिन भी गेहूं की खरीद नहीं हो पाई। हालांकि, 14 जिलों में 288 किसान 1396 मीट्रिक टन गेहूं लेकर मंडियों में पहुंचे। अभी तक केवल पानीपत में दो किसानों का 19 टन गेहूं खरीदा गया है। शेष किसानों का गेहूं मंडियों में पड़ा है। बारिश के चलते कम संख्या में किसान पहुंच रहे हैं। मंडी अधिकारियों का कहना है कि अभी सीजन में तेजी आने में कम से कम एक सप्ताह तक लग सकता है।

मंडियों में गेहूं तो आने लगा है लेकिन न तो बारदाना है और न ही अभी तक खरीद एजेंसियों के कर्मचारी मंडियों में आए हैं। नियमों के तहत खरीद से पहले मंडियों में बारदाना पहुंचाया जाता है लेकिन अभी तक सरकार की तरफ से मंडियों में कोई बारदाना नहीं भेजा गया है। जब तक बारदाना नहीं आएगा तो खरीद कैसे होगी। हमने अधिकारियों के सामने यह समस्या रखी है। -रजनीश चौधरी, चेयरमैन, आढ़ती एसोसिएशन हरियाणा। 


 

सरकार ने बारदाने की पुख्ता व्यवस्था की है। तीन लाख बेल्स बारदाना खरीदा गया है और मंडियों में भेजा जा रहा है। बारिश के चलते जरूर कुछ असर पड़ा है, किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। सभी एजेंसियों को आदेश जारी किया गया है। - दुष्यंत चौटाला, डिप्टी सीएम।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed