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सिटी की तलवारबाज छवि कोहली का अगला टारगेट एशियन गेम्स में मेडल लाना
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तलवारबाज छवि कोहली।
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चंडीगढ़। सिटी की महिला तलवारबाज खिलाड़ी छवि कोहली अब एशियन गेम्स में विदेशी खिलाड़ियाें से सामना करने के लिए तैयार हो रही हैं। छवि ने इसी हफ्ते पंजाब यूनिवर्सिटी में खेली गई ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी तलवारबाजी चैंपियनशिप में तीन मेडल जिसमें दो गोल्ड मेडल और एक सिल्वर मेडल है, जीतने में कामयाबी पाई है। इनमें 2 गोल्ड और 1 सिल्वर मेडल शामिल है।
इस चैंपियनशिप में देश की जानी-मानी यूनिवर्सिटी की तलवारबाज टीमों ने हिस्सा लिया था। इसमें छवि कोहली ने एप्पी, फॉयल इवेंट में हिस्सा लिया। इस दौरान छवि ने विरोधी खिलाड़ियाें को अपनी तलवार की नोक पर चने चबाने पर मजबूर कर दिया। छवि ने एप्पी इवेंट में एकल वर्ग में गोल्ड मेडल जीता। एप्पी और टीम इवेंट में सिल्वर मेडल और फ ॉयल सब्रे इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने में कामयाबी पाई।
9 साल की उम्र से शुरू हुआ सफर - छवि कोहली ने बताया कि जब वह 9 साल की थीं, तो कई गेम्स में हिस्सा लेना शुरू किया। इसके बाद छवि का तलवारबाजी के खेल में रूझान बढ़ा। वह पहले एनआईएस पटियाला में ट्रेनिंग लेती थीं। इसके बाद चंडीगढ़ में पढ़ाई के लिए आई और सेक्टर-10 स्थित गवर्नमेंट स्कूल में तलवारबाजी ट्रेनिंग सेंटर की मुख्य कोच चरणजीत कौर से ट्रेनिंग ले रही हैं। छवि सेक्टर-32 स्थित एसडी कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष की स्टूडेंट हैं।
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राष्ट्रपति ने किया सम्मानित - तलवारबाजी में नेशनल और इंटरनेशनल स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन के चलते छवि को पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी वर्ष 2015 में सम्मानित कर चुके हैं। छवि को यह सम्मान एक्सीलेंस अवॉर्ड इन स्पोर्ट्स के तहत दिया गया। इस युवा तलवारबाज खिलाड़ी का अगला टारगेट एशियन गेम्स में हिस्सा लेते हुए भारत के लिए मेडल जीतना है।
यहां जीत चुकीं मेडल - छवि कोहली लगातार नेशनल और इंटरनेशनल स्तर की चैंपियनशिप में हिस्सा लेते हुए मेडल जीतकर देश का नाम रोशन कर रही हैं। उनकी कोच चरणजीत कौर ने बताया कि छवि एक मेहनती औरबेहतरीन खिलाड़ी है। छवि ने दो बार कॉमन वेल्थ गेम्स में हिस्सा लिया। इनमें 2015 में साउथ अफ्रीका में टीम इंडिया की ओर से खेलते हुए सिल्वर मेडल जीता। वर्ष 2018 में इंग्लैंड में अंडर-17 में खेलते हुए टीम के लिए ब्रोंज मेडल जीता।
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इस चैंपियनशिप में देश की जानी-मानी यूनिवर्सिटी की तलवारबाज टीमों ने हिस्सा लिया था। इसमें छवि कोहली ने एप्पी, फॉयल इवेंट में हिस्सा लिया। इस दौरान छवि ने विरोधी खिलाड़ियाें को अपनी तलवार की नोक पर चने चबाने पर मजबूर कर दिया। छवि ने एप्पी इवेंट में एकल वर्ग में गोल्ड मेडल जीता। एप्पी और टीम इवेंट में सिल्वर मेडल और फ ॉयल सब्रे इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने में कामयाबी पाई।
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9 साल की उम्र से शुरू हुआ सफर - छवि कोहली ने बताया कि जब वह 9 साल की थीं, तो कई गेम्स में हिस्सा लेना शुरू किया। इसके बाद छवि का तलवारबाजी के खेल में रूझान बढ़ा। वह पहले एनआईएस पटियाला में ट्रेनिंग लेती थीं। इसके बाद चंडीगढ़ में पढ़ाई के लिए आई और सेक्टर-10 स्थित गवर्नमेंट स्कूल में तलवारबाजी ट्रेनिंग सेंटर की मुख्य कोच चरणजीत कौर से ट्रेनिंग ले रही हैं। छवि सेक्टर-32 स्थित एसडी कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष की स्टूडेंट हैं।
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राष्ट्रपति ने किया सम्मानित - तलवारबाजी में नेशनल और इंटरनेशनल स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन के चलते छवि को पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी वर्ष 2015 में सम्मानित कर चुके हैं। छवि को यह सम्मान एक्सीलेंस अवॉर्ड इन स्पोर्ट्स के तहत दिया गया। इस युवा तलवारबाज खिलाड़ी का अगला टारगेट एशियन गेम्स में हिस्सा लेते हुए भारत के लिए मेडल जीतना है।
यहां जीत चुकीं मेडल - छवि कोहली लगातार नेशनल और इंटरनेशनल स्तर की चैंपियनशिप में हिस्सा लेते हुए मेडल जीतकर देश का नाम रोशन कर रही हैं। उनकी कोच चरणजीत कौर ने बताया कि छवि एक मेहनती औरबेहतरीन खिलाड़ी है। छवि ने दो बार कॉमन वेल्थ गेम्स में हिस्सा लिया। इनमें 2015 में साउथ अफ्रीका में टीम इंडिया की ओर से खेलते हुए सिल्वर मेडल जीता। वर्ष 2018 में इंग्लैंड में अंडर-17 में खेलते हुए टीम के लिए ब्रोंज मेडल जीता।