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सीआईआई नार्दन रीजन ने आम बजट का स्वागत किया

Tue, 01 Mar 2016 12:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 01 Mar 2016 12:45 AM IST
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CII welcome's central budget in chandigarh

कृषि, स्वास्थ्य सेवाओं, नौकरियां पैदा करने के अवसर देने के साथ ही सामाजिक क्षेत्र पर केंद्रित केंद्रीय आम बजट का सीआईआई नार्दर्न रीजन ने स्वागत किया है।

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सीआईआई नार्दर्न रीजन के अध्यक्ष श्रीकांत सोमानी के अनुसार वित्त मंत्री द्वारा 2015-16 के राजकोषीय घाटे को 3.9 फीसदी पर नियंत्रित करने के साथ ही वर्ष 2016-17 में राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 3.5 फीसदी रखने को अच्छी पहल बताया है। क्योंकि 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के कारण अतिरिक्त वित्तीय बोझ बढ़ने के बावजूद उन्होंने राजकोषीय घाटे के लिए 3.5 फीसदी का लक्ष्य रखा है।
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सोमवार को सेक्टर-31 स्थित सीआईआई नार्थ हेडक्वार्टर में आयोजित बजट पर चर्चा के दौरान सोमानी ने कहा कि यह बजट आम आदमी का बजट है जो पूरे भारत पर केंद्रित है। वित्त मंत्री ने इसे नौ सेक्टरों में बांटा है। इनमें एग्रीकल्चर, ग्रामीण सेक्टर, सामाजिक सेक्टर, एजुकेशन और स्किल डेवलपमेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इनवेस्टमेंट, फाइनेंशियल सेक्टर, गवर्नेंस और व्यापार को आसान करने के साथ राजकोषीय अनुशासन और कर सुधार शामिल हैं।
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वहीं सीआईआई नार्दर्न रीजन की डिप्टी चेयरपर्सन रुमझुम चटर्जी के अनुसार यह बजट निवेश को आकर्षित करने और विकास के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के नजरिए से महत्वपूर्ण है। सरकार ने करीब दस हजार किलोमीटर की नेशनल हाईवे की परियोजनाओं को मंजूरी दी है। बजट में 55,000 करोड़ रुपये सड़कों के लिए और 15000 करोड़ रुपये बांड्स के जरिए किया गया है।

सीआईआई चंडीगढ़ काउंसिल के चेयरमैन दिनेश दुआ ने कहा कि सर्विस डिलीवरी और सुशासन के लिए आईटी प्लेटफार्म का उपयोग बजट में बढ़ाना एक महत्वपूर्ण कदम है। इस बजट में कई अलग तरह की पहल की घोषणा की गई है। इसमें स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट्स का डिजिटल डिपाजिट, कॉलेज डिग्री, एकेडमिक अवार्ड और मार्कटशीट महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा सात मेगा सिटी में ई-एसेसमेंट का प्रसार करना और छोटे टैक्स पेयर्स के लिए ई सहयोग सबसे महत्वपूर्ण होगा।

सीआईआई पंजाब स्टेट काउंसिल के चेयरमैन एसएस भोगल के अनुसार इस बजट में रोजगार और जॉब क्रिएशन को खास तवज्जो दी गई है। स्टार्टअप और एमएसएमई के लिए बहुत कुछ है। उनके लिए प्रोविडेंड फंड के लिए 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बजट में सरकार ने एमएसएमई और स्टार्टअप के नए कर्मचारियों के लिए एपीएफओ में पहले तीन साल के लिए 8.33 फीसदी राशि देने का प्रावधान किया है।

इससे रोजगार के अधिक अवसर पैदा होंगे और स्टार्टअप के लिए युवा आगे आएंगे। साथ ही स्टार्टअप्स के लिए पांच साल में से तीन साल तक सौ फीसदी टैक्स में छूट नए एंटरप्रेन्योर के लिए लाभदायक होगा। वहीं रोबो इक्विटी एडवाइजर्स के एमडी राजेश श्रीवास्तव के अनुसार ग्रामीण विकास और एग्रीकल्चर सेक्टर में कंपटीटिवनेस को बढ़ाने देने से ग्रामीण इकोनामी बढ़ेगी।

एमएसएमई के लिए खास
सीआईआई की रीजनल एमएसएमई एंड कंपटीटिवनेस कमेटी के चेयरमैन कैप्टन आलोक शर्मा के अनुसार एमएसएमई के लिए बजट में किए गए प्रावधान सकारात्मक हैं। दो करोड़ रुपये तक के प्रकल्पित कराधान योजना के तहत कारोबार सीमा में वृद्धि एमएसएमई क्षेत्र में निर्धारित की एक बड़ी संख्या के लिए एक बड़ी राहत लाएगा, जिससे विकास और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

सामाजिक क्षेत्र को बढ़ावा
सीआईआई हिमाचल प्रदेश स्टेट काउंसिल के चेयरमैन संजय खुराना के अनुसार बजट में देश के साथ ही हर वर्ग के विकास का ख्याल रखा गया है। बजट से सामाजिक क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा हेल्थ केयर, नई हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम, बीपीएल फैमिली के लिए स्कीम आदि प्रमुख हैं।


स्किल डेवलपमेंट का भी रखा ख्याल
सीआईआई नार्दर्न रीजन के रीजनल डायरेक्टर पिकेंदर पाल सिंह के अनुसार बजट में प्रधानमंत्री की स्किल डेवलपमेंट योजना का भी ख्याल रखा गया है। इसमें 1500 मल्टी स्किल ट्रेेनिंग इंस्टीट्यूट, इंडस्ट्री अकेडमी पार्टनरशिप के साथ नेशनल बोर्ड फॉर स्किल डेवलपमेंट सर्टिफिकेशन का सेटअप अच्छा प्रयास है। इसके अलावा वर्ल्ड क्लास टीचिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के लिए रेगुलेटरी आर्किटेक्टर उपलब्ध करवाना एक महत्वपूर्ण कदम है।

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