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इधर बिकी कहानियां तो उधर बिका खाना खजाना
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 18 Nov 2013 06:13 PM IST
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शहर के बच्चों में भी किताबों का क्रेज है। अधिकतर स्टालों पर बच्चों की चहक-कदमी देखी गई। बच्चों का रुझान हिंदी की कहानियों की ओर था। चाहे वे भोंदू व भोलू हों या फिर पंचतंत्र की कहानियां।
बच्चों के साथ पेरेंट्स भी चाहते है कि उनके बच्चे हिंदी की किताबें पढ़ें। उनका मानना था कि उनके बच्चे हिंदी से दूर होते जा रहे हैं। दिन भर कार्टून से चिपके रहते हैं।
स्कूलों में भी पढ़ाई अंग्रेजी में है। ऐसे में हिंदी की कहानियां उनके अंदर दिलचस्पी पैदा करेंगे। रंगी-बिरंगी आकर्षक किताबों की वजह से कुछ देर के लिए वे टीवी से दूर भी रहेंगे।
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सेक्टर-11 से आए गोकुल सुरी ने बताया कि उनके बच्चों ने हिंदी की कहानियों की किताबें ली हैं। छोटी-छोटी कहानियों में नैतिक शिक्षा की सीख है।
इससे बच्चों को दोस्ती, ईमानदारी और बड़ों का सम्मान करने जैसी बातों का पता चलेगा। बच्चों को ये बातें पता चलेंगी तो वे अच्छे नागरिक बनेंगे।
सेक्टर-24 निवासी समीर ने बताया कि उनके बच्चों ने भी हिंदी की किताबें खरीदी हैं। नेशनल बुक ट्रस्ट से जुड़े लोगों ने बताया कि उनके स्टाल पर हिंदी और अंग्रेजी की कहानियों की किताबें खूब बिक रही हैं।
महिलाओं को पसंद खाना खजाना
बुक फेयर में साहित्य, ऑटोबायोग्राफी और कहानियों की किताबे खूब बिक रही हैं। इसके अलावा खाना खजाना से जुड़ी किताबें भी खूब खरीदी जा रही हैं।
महिलाओं की रुचि इन पुस्तकों में ज्यादा है। बुक फेयर में एंट्री करते सबसे पहला स्टाल नीता मेहता का है। नीता मेहता की किताबें किचन एक्सपर्ट के रूप में मानी जाती हैं।
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बच्चों के साथ पेरेंट्स भी चाहते है कि उनके बच्चे हिंदी की किताबें पढ़ें। उनका मानना था कि उनके बच्चे हिंदी से दूर होते जा रहे हैं। दिन भर कार्टून से चिपके रहते हैं।
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स्कूलों में भी पढ़ाई अंग्रेजी में है। ऐसे में हिंदी की कहानियां उनके अंदर दिलचस्पी पैदा करेंगे। रंगी-बिरंगी आकर्षक किताबों की वजह से कुछ देर के लिए वे टीवी से दूर भी रहेंगे।
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सेक्टर-11 से आए गोकुल सुरी ने बताया कि उनके बच्चों ने हिंदी की कहानियों की किताबें ली हैं। छोटी-छोटी कहानियों में नैतिक शिक्षा की सीख है।
इससे बच्चों को दोस्ती, ईमानदारी और बड़ों का सम्मान करने जैसी बातों का पता चलेगा। बच्चों को ये बातें पता चलेंगी तो वे अच्छे नागरिक बनेंगे।
सेक्टर-24 निवासी समीर ने बताया कि उनके बच्चों ने भी हिंदी की किताबें खरीदी हैं। नेशनल बुक ट्रस्ट से जुड़े लोगों ने बताया कि उनके स्टाल पर हिंदी और अंग्रेजी की कहानियों की किताबें खूब बिक रही हैं।
महिलाओं को पसंद खाना खजाना
बुक फेयर में साहित्य, ऑटोबायोग्राफी और कहानियों की किताबे खूब बिक रही हैं। इसके अलावा खाना खजाना से जुड़ी किताबें भी खूब खरीदी जा रही हैं।
महिलाओं की रुचि इन पुस्तकों में ज्यादा है। बुक फेयर में एंट्री करते सबसे पहला स्टाल नीता मेहता का है। नीता मेहता की किताबें किचन एक्सपर्ट के रूप में मानी जाती हैं।