फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Children's examinations on the head, the administration broke the house ... where to go now

Chandigarh News: बच्चों की परीक्षाएं सिर पर, प्रशासन ने तोड़ दिया आशियाना... अब कहां जाएं

Mon, 27 Feb 2023 02:02 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 27 Feb 2023 02:02 AM IST
विज्ञापन
Children's examinations on the head, the administration broke the house ... where to go now
मोहाली/चंडीगढ़। बड़ी मेहनत से पैसे कमाकर आशियाना बनाया था। 20 साल से यहां रह रहे थे। सोचा नहीं था कि एक दिन प्रशासन हमारे मकान को चंद मिनटों में मिट्टी के ढेर में बदल देगा। कजहेड़ी में रहने वाले रणजीत ने रोते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि हम सारी रात खुले आसमान के नीचे रहे। अभी भी सामान खुले में पड़ा है। समझ नहीं आ रहा कि अब हम कहां जाएं।शुक्रवार को यूटी प्रशासन ने कजहेड़ी में अभियान चलाकर आठ एकड़ जमीन खाली कराने की कोशिश की। इस दौरान वहां रह रहे करीब 50 परिवारों ने अधिकारियों के आगे अपने आशियाने न तोड़ने की गुहार लगाई लेकिन उनकी एक न चली। यूटी प्रशासन की जेसीबी ने वहां करीब 20-25 घरों को तोड़ डाला। इस दौरान बड़ों के मन में जहां आशियाना खोने का गम था वहीं बच्चे कार्रवाई देखकर चिल्लाने लगे।
विज्ञापन

बस्ती में रहने वाली मीना ने बताया कि कभी भी कोई निर्माण तोड़ने से पहले नोटिस देना जरूरी होता है लेकिन यूटी प्रशासन की ओर से उनके घर गिराने से पहले उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया। विभाग के अधिकारी शाम करीब चार बजे आए और उन्होंने लोगों को घर खाली करने के लिए कहा। लोगों ने कहा कि उन्हें थोड़ा समय दिया जाए। वे हट जाएंगे लेकिन अधिकारियों ने एक नहीं सुनी। इस दौरान उन्होंने जमीन के मालिक को फोन कर आने को कहा लेकिन उनके आने तक विभाग ने काफी घरों को गिरा दिया। उन्होंने मौके पर आकर जब कागजात दिखाकर अधिकारियों से बात की तब उन्होंने कार्रवाई रोकी।
विज्ञापन


बच्चों की परीक्षाएं तो होने देते
यूटी प्रशासन को अगर कार्रवाई करनी थी तो लोगों को थोड़ा समय देते ताकि हम अपना इंतजाम कर लेते। यहां पर रहने वाले सब गरीब लोग हैं। बच्चों की परीक्षाएं सिर पर हैं। विभाग अगर परीक्षाओं के बाद कार्रवाई करता और थोड़ा समय देता तो सही होता।
विज्ञापन
विज्ञापन

-राकेश, बस्ती में रहने वाले

नाले के पार तोड़ने थे निर्माण, इधर ऐसे ही कर दी कार्रवाई
हमारे घरों को विभाग ने यूं ही तोड़ दिया। आदेश तो नाले के पार के निर्माण को तोड़ने के थे। फिर भी अगर इस बस्ती को तोड़ा जाना था तो कम से उन्हें नोटिस दिया जाता ताकि वे लोग अपना रहने का इंतजाम कर लेते।

-रणजीत, बस्ती में रहने वाले


तीन महीने पहले शुरू कर दी गई थी प्रक्रिया
यूटी प्रशासन के चीफ इंजीनियर सीबी ओझा ने कहा कि कजहेड़ी में अवैध निर्माण तोड़ने के लिए प्रक्रिया तीन पहले ही शुरू कर दी गई थी। लोगों को जानकारी देते हुए की विडियोग्राफी कराई गई है। पूरी मार्किंग की गई थी, कौन से घरों का कोर्ट केस है और कौन से घर तोड़ने हैं। पूरा चार्ट बना हुआ था। मौके पर एस्टेट ऑफिस, एलएओ समेत सभी अधिकारी भी थे। लोगों ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया हुआ था, जिसको लेकर लगातार शिकायतें आ रहीं थीं। ये अभियान एक हफ्ते पहले ही चलाना था। लोगों को इसकी जानकारी भी दे दी गई थी लेकिन पुलिस बल नहीं मिलने की वजह से अभियान को एक हफ्ते के लिए टाला गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed