फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Children will get relief from school bags after summer vacations

गर्मी की छुट्टियों के बाद बच्चों को स्कूल बस्ते से मिलेगी निजात

Fri, 20 May 2022 02:00 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 20 May 2022 02:00 AM IST
विज्ञापन
Children will get relief from school bags after summer vacations
चंडीगढ़। शहर के स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को अब गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूल बस्ते के भार से निजात मिल जाएगी। यूटी शिक्षा विभाग के छुट्टियों के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की स्कूल बैग पॉलिसी-2020 को लागू करने जा रहा है। इसे लेकर स्कूलों को निर्देश भी दिए गए हैं।
विज्ञापन

शिक्षा विभाग की ओर से पिछले सत्र में स्कूल बैग पॉलिसी को लागू करने को लेकर स्कूलों को निर्देश दिए गए थे लेकिन कोरोना महामारी के कारण स्कूल बंद होने पर इसे लागू नहीं कर पाए थे इसलिए अब दोबारा से स्कूलों को निर्देशित किया गया है। इसके तहत स्कूल बस्ते का भार बच्चे के शारीरिक वजन के दस प्रतिशत से अधिक नहीं होगा। साथ ही दूसरी कक्षा तक के विद्यार्थियों को स्कूल के लिए बैग की जरूरत नहीं होगी।
विज्ञापन

मंत्रालय के विद्यालय शिक्षा और साक्षरता विभाग की ओर से तैयार पॉलिसी में विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए स्कूल बस्ते के न्यूनतम वजन से लेकर कक्षाओं में ही पाठ्यक्रम के अधिकतम हिस्से को कवर करवाने और गृह कार्य दिए जाने को लेकर सुझाव शामिल हैं। डॉक्यूमेंट के अनुसार विद्यार्थियों के लिए पाठ्यक्रम या कोर्स की योजना के समय ही सेल्फ-स्टडी या गृह कार्य दोनों को मिलाकर पढ़ाई के घंटों को ध्यान में रखा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

पॉलिसी के दस्तावेज के मुताबिक स्कूलों में दूसरी कक्षा तक के विद्यार्थियों को गृह कार्य नहीं दिए जाने का जिक्र है। इसके साथ ही तीसरी से लेकर पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को हर हफ्ते अधिकतम 2 घंटे का गृह कार्य दिए जाने का प्रावधान है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के पॉलिसी डॉक्यूमेंट के अनुसार स्कूलों में मिडल कक्षाओं यानी छठी से लेकर आठवीं तक के विद्यार्थियों को अधिकतम एक घंटे का गृह कार्य दिया जाएगा। इस प्रकार सप्ताह में गृह कार्य की अवधि 5 घंटे या 6 घंटे से अधिक नहीं होनी चाहिए।
9वीं से 12वीं के छात्रों को दो घंटे का मिलेगा गृह कार्य
नौवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए गृह कार्य की अवधि दो घंटे से अधिक नहीं होनी चाहिए। इन कक्षाओं में साप्ताहिक रूप से 10 से 12 घंटे तक का गृह कार्य स्कूल की तरफ से दिया जाएगा। इसके लिए शिक्षकों को स्कूल स्तर पर कम गृह कार्य की योजना घंटों के अनुसार बनानी होगी। नई पॉलिसी के अनुसार स्कूल वोकेशनल गतिविधियों को बढ़ावा देना होगा। इसके लिए विद्यार्थियों को मिट्टी के बर्तन बनाने, बागवानी, कढ़ाई इत्यादि कलात्मक गतिविधियों में शामिल करना होगा।

कक्षा शरीर भार किलो में बैग वजन किलो
प्री प्राइमरी 10 से 16 नो बैग
पहली 16 से 22 1.6 से 2.2
दूसरी 16 से 22 1.6 से 2.2
तीसरी 17 से 25 1.7 से 2.5
चौथी 17 से 25 1.7 से 2.5
पांचवीं 17 से 25 1.7 से 2.5
छठी 20 से 30 2 से 3
सातवीं 20 से 30 2 से 3
आठवीं 25 से 40 2 से 4.5
नौवीं 25 से 45 2.5 से 4.5
दसवीं 25 से 45 2.5 से 4.5
कोट्स
छुट्टियों के बाद स्कूल बैग पॉलिसी होगी लागू
शहर के स्कूलों में मंत्रालय के निर्देशानुसार गर्मियों की छुट्टियों के बाद स्कूल बैग पॉलिसी लागू की जाएगी। अभी अगले हफ्ते से बच्चों का ग्रीष्मावकाश शुरू हो रहा है। इसके बाद बच्चों के गृह कार्य और बैग के भार में बदलाव कर दिया जाएगा। - डॉ. पालिका अरोड़ा, शिक्षा निदेशक, यूटी शिक्षा विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed