फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Childhood stubbornness, flight of dreams: Special children's determination to become Yuvraj and Kohli

बचपन की जिद्, सपनों की उड़ान: स्पेशल बच्चों में युवराज और कोहली बनने की जिद्द

Fri, 24 Apr 2026 02:29 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 24 Apr 2026 02:29 AM IST
विज्ञापन
Childhood stubbornness, flight of dreams: Special children's determination to become Yuvraj and Kohli
चंडीगढ़। शहर की गलियों में गूंजता बल्ला और गेंद का शोर इस बार कुछ खास है। चंडीगढ़ में चल रहे गली क्रिकेट टूर्नामेंट में जब यह स्पेशल बच्चे मैदान पर उतरे तो उनकी आंखों की चमक और खेल के प्रति जज्बा बड़े-बड़े खिलाड़ियों को मात देते हुए दिखाई दिया। यह बच्चे केवल खेल नहीं रहे, बल्कि अपनी शारीरिक और मानसिक चुनौतियों को बाउंड्री के पार पहुंचा रहे हैं। खास बात यह रही कि शहर के विभिन्न स्कूलों में पढ़ाई करने वाले इन स्पेशल बच्चों की क्रिकेट टीम बनाई गई है, यह टीम पहली बार गली क्रिकेट टूर्नामेंट के तहत क्रिकेट मुकाबलों में उतर रही है। खास बात यह रही कि मैदान पर जब यह स्पेशल बच्चे उतरे तो वहां उपस्थित उनके अभिभावकों के चेहरे और आंखों में खुशी साफ झलक रही थी। सेक्टर-23 में स्पेशल बच्चों की ए और बी टीम के बीच मुकाबला रखा गया। इसमें बी टीम ने बी टीम ए 4 रन के मामूली अंतर से हरा दिया।
विज्ञापन

युवराज के छक्के और हरभजन की फिरकी का जादू

मैदान पर उतरे एक स्पेशल बच्चे युवराज की मां दिपी ने बताया कि उनका बेटा जीएमएसएसएस-22 में 7वीं कक्षा में पढ़ाई करता है। बचपन से ही चलने में दिक्कत और काम स्लो तरीके से करता है। मेरे बच्चे के दिलों में युवराज सिंह के छह छक्के बसे है, वह युवराज सिंह जैसा ऑलराउंडर बनना चाहता है।
विज्ञापन

खेल ही इसके लिए महत्पूर्ण है
जीएमएसएसएस-28 के छात्र हार्दिक शर्मा को न्यूयोरोलॉजी डिस है। मैदान पर पहुंची इनकी मां अमिता ने बताया कि मेरे बेटे को नहीं पता कि दुनिया उसे स्पेशल कहती है, उसके लिए तो बस खेलना ही उसकी दुनिया है। वह स्कूल और स्पेशल बच्चों के साथ टूर्नामेंट में बैडमिंटन खेलता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विराट कोहली की तरह खेलना है
जीएमएसएसएस-56 के 10 वीं कक्षा में पढ़ाई करने वाले स्पेशल छात्र मनसरन मोहाली के फेज-1 में रहते है। क्रिकेट मुकाबले में उनके साथ उनकी मां गुरमीत कौर भज्ञी पहुंची। मैच से पहले मरसरन काफी उत्साहित लग रहे थे। उन्होंने कहा कि विराट कोहली मेरे हीरो है। उनकी तरह मैदान पर खेलते हुए रन बनाने हैं।


इन बच्चों को बेहतर प्लेटफॉर्म मिला
गवर्नमेंट स्कूल सेक्टर-29 ए के 7 वीं कक्षा के स्पेशल छात्र माधव शर्मा की मां निशा ने बताया कि वह सेक्टर-30 बी में रहते हैं। मैदान पर अपने बच्चे को क्रिकेट खेलता देख वह काफी खुश है। पहली बार क्रिकेट खेलने का अनुभव वह तमाम उम्र याद रखेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed