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बोरवेल में गिरे मासूम ने खाए बिस्किट, आर्मी गड्ढे को चौड़ा करने में जुटी

Thu, 21 Mar 2019 11:36 AM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हिसार/बालसमंद (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हिसार/बालसमंद (हरियाणा) Published by: शाहरुख खान Updated Thu, 21 Mar 2019 11:36 AM IST
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Child falls in borewell in Hisar of Haryana
राहत एवं बचाव कार्य जारी

जिले के गांव बालसमंद से करीब आधा किलोमीटर दूर स्थित ढाणी के पास बने बोरवेल में बुधवार शाम को गिरे बच्चे को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी हैं। फिलहाल बच्चे ने बिस्किट खाए हैं, हालांकि उसने दूध नहीं पिया। 

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जानकारी मिली है कि बच्चे ने सुबह 9 बजे बिस्किट खाए। बच्चा अभी तक स्वस्थ है। ग्रामीणों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। आर्मी का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। अभी खुदाई का काम जारी है, गड्ढे की चौड़ाई कम होने के चलते उसे चौड़ा किया जा रहा है। 
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आपको बता दें कि बुधवार शाम पांच बजकर 20 मिनट पर डेढ़ साल का मासूम नदीम बोरवेल में गिर गया। नदीम अपनी मां, बड़ी बहन, बड़े भाई व तीन-चार अन्य बच्चों के साथ बेर खाने के लिए गया था। अचानक दस दिन पहले खोदे गए बोरवेल में मासूम गिर गया। 
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नदीम के बोरवेल में गिरते ही अन्य बच्चों ने चिल्लाना शुरू कर दिया। आसपास के खेतों में काम कर रहे किसान और परिजन मौके पर पहुंचे। उन्होंने मामले की सूचना बालसमंद चौकी पुलिस व सदर थाना पुलिस के पास दी। हालात को देखते हुए सेना को बुलाया गया। शाम सात बजे कैंट से पहुंची सेना की टीम ने रात 8:41 बजे नदीम को बोरवेल से बाहर निकालने के लिए जेसीबी से बोरवेल के आसपास खुदाई शुरू की।

2:45 बजे तक गड्ढा 47 फुट खोद जा चुका है। 2:40 बजे डॉक्टरों का कैमरा अंदर डाला गया था और दूध भेजा गया था, दूध तो नही पिया, लेकिन जब वह बच्चे को टच किया तो नदीम में हलचल हुई थी। डॉक्टरों का कैमरा निकल लिया गया है, अब सेना का कैमरा अंदर डाला जाएगा। रेस्क्यू ऑपरेशन सुबह 6:30 से 7 बजे तक चलने की उम्मीद है। समाचार लिखे जाने तक चार जेसीबी खुदाई करने में जुटी हुई थीं।

सूचना पाकर उपायुक्त अशोक कुमार मीणा, पुलिस अधीक्षक शिवचरण, बीडीपीओ संदीप भारद्वाज, तहसीलदार संजय बिश्नोई मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। फायर ब्रिगेड की गाड़ी के अलावा आर्य नगर और बालसमंद से एंबुलेंस भी मंगवा ली गई। आर्यनगर सीएचसी के एसएमओ अपनी टीम के साथ मौके पर डटे रहे। 

डेढ़ घंटे तक तकनीक अपनाने के लिए मशविरा करते रहे अधिकारी

Child falls in borewell in Hisar of Haryana
राहत एवं बचाव कार्य में लगी जेसीबी

अधिकारियों के समक्ष बड़ी चुनौती बच्चे को बोरवेल से बाहर निकालने के लिए तकनीक अपनाने की रही। डीसी-एसपी के साथ आर्मी के अधिकारी करीब डेढ़ घंटे तक सलाह-मशविरा करते रहे। बीच-बीच में अधिकारी बोरवेल के पास जाकर बच्चे के रोने की आवाज सुनते रहे, ताकि बच्चे की स्थिति को समझा जा सके। 

इसी बीच हिसार से बोरवेल खुदाई करने वाली मशीन मंगवाई गई। मशीन आने में देरी होत देख आखिरकार 8 बजकर 41 मिनट पर जेसीबी से बोरवेल के साथ 15 मीटर दूर से जगह खोदनी शुरू की गई। कुछ देर बाद एक और मशीन मंगवाई गई। इस तरह खुदाई में चार जेसीबी लगाई गईं।

10 दिन पहले पंचायती जमीन पर तेलूराम ने खुदवाया था बोरवेल
ग्रामीणों के अनुसार जिस जगह पर बोरवेल खोदा गया है, वह पंचायती जमीन है। बोरवेल गांव के तेलूराम ने दस दिन पहले खुदवाया है। बोरवेल को खोदने के बाद खुला छोड़ दिया गया। न तो उसे ढका गया और न ही सुरक्षा के अन्य प्रबंध किए गए।

रस्से लगाकर ग्रामीणों को किया दूर

Child falls in borewell in Hisar of Haryana
बोरवेल में गिरा मासूम

ज्यों-ज्यों घटना की जानकारी मिलती गई, त्यों-त्यों लोगों का जमावड़ा ढाणी में लगता रहा। सैकड़ों की संख्या में आसपास के लोग वहां पहुंच गए। इस कारण पुलिस ने सबसे पहले रस्सा बांधकर बोरवेल की जगह से आसपास के ग्रामीणों को करीब एक एकड़ की दूरी पर खड़ा किया। किसी को भी बोरवेल के नजदीक नहीं जाने दिया गया। यहां तक की परिजनों को भी रोक दिया गया।

पांच भाई-बहनों में सबसे छोटा है नदीम
ढाणी निवासी आजम खान चिनाई मिस्त्री का काम करता है। पहले वह ईरान में काम करता था। तीन साल से यहीं रह रहा है। उसकी तीन बेटी व दो बेटे हैं। बड़ा बेटा 12 वर्षीय समीर खान दिव्यांग हैं, जबकि बड़ी बेटी आईना 14 साल की है। आइसा आठ साल और साजिदा पांच साल की है। जिस समय हादसा हुआ, उस समय आजम काम पर गया था, जबकि अन्य परिजन ढाणी में काम पर लगे थे।

पाइप से की ऑक्सीजन की व्यवस्था
बोरवेल में गिरे बच्चे को सांस लेने में तकलीफ न हो, इसलिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने करीब 6:20 बजे एक पाइप बोरवेल में डालकर ऑक्सीजन सिलिंडर से जोड़ा। इस तरह संकरे बोरवेल में फंसे बच्चे तक ऑक्सीजन पहुंचाइ जा रही है।

ढाणी के पास में ही बेर का पेड़ है। उसके पास ही बोरवेल खोदा गया था। नदीम की मां व अन्य बच्चे बेर खाने चले गए। साथ ही अंगुली पकड़कर नदीम भी चला आया। इसी बीच वह बोरवेल में गिर गया। फोन पर मुझे जानकारी मिली तो मैं तुरंत ढाणी आया। -आजम खान, मासूम नदीम के पिता।

बच्चे के बोरवेल में गिरने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंच गई। आर्मी की भी मदद ली गई है। आर्मी ने पूरा प्लान बनाकर जेसीबी से खुदाई शुरू करवा दी। बच्चे को सुरक्षित बोरवेल से बाहर निकालना ही हमारे लिए प्राथमिकता है। उसके बाद जांच होगी कि घटनाक्रम कैसे हुआ। - अशोक कुमार मीणा, उपायुक्त, हिसार

गाजियाबाद से आई एनडीआरएफ की टीम

बुधवार देर रात करीब 11 बजे गाजियाबाद से राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन बल की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। टीम के 10 से 12 सदस्यों ने पहले पूरे हालात का जायजा लिया। इसके बाद सेना के जवानों के साथ इस टीम के सदस्य भी बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने में जुट गए।

बीएसएफ ने लीड किया अभियान
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के नेतृत्व में यह पूरा बचाव अभियान चलाया गया। इस दौरान बल के 25 जवान बचाव कार्य में लगे रहे। जबकि 20 जवानों को रिजर्व में रखा गया। इसके अलावा सदर थाना पुलिस और बालसमंद पुलिस चौकी के 40 पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद रहे।

लाइट के लिए लेकर आए दो जेनरेटर
खेतों में लाइट की बेहतर व्यवस्था नहीं होने के कारण प्रशासन ने मौके पर दो बड़े जेनरेटर मंगवाए। इन जेनरेटरों के सहारे मर्करी और बड़ी लाइटों से रोशनी की गई। उसके बाद नदीम को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए ऑपरेशन आगे बढ़ाया गया।

रात 11:20 बजे घटनास्थल से लौटे डीसी और एसपी

बीएसएफ और एनडीआरएफ की टीम द्वारा मोर्चा संभालने के बाद डीसी अशोक मीणा और एसपी शिवचरण रात 11 बजकर 20 मिनट पर घटनास्थल से चले गए। हालांकि दोनों अधिकारियों ने बच्चे के सुरक्षित बाहर निकलते ही तुरंत सूचना देने के लिए अपने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिए।

मां बोलीं- ऊपर वाले से यही दुआ, बस मेरा बेटा सुरक्षित बाहर आ जाए
बोरवेल में गिरे मासूम नदीम की मां गुलशन ने बताया कि बच्चों के चिल्लाने की आवाज सुनकर मैं दौड़कर वहां गई। बच्चों ने बताया कि नदीम बोरवेल में गिर गया। मैंने झांककर आवाज लगाई तो नदीम के रोने की आवाज आई। इसके बाद परिजनों ने मुझे ढाणी में भेज दिया। ऊपर वाले से यही दुआ है कि मेरा बेटा सुरक्षित बोरवेल से बाहर आ जाए। रात 11:34 बजे तक 22 फुट गड्ढा खोदा जा चुका है। 

जब तक बच्चा सुरक्षित बाहर नहीं आ जाता, तब तक पूरा गांव नहीं मनाएगा होली
बालसमंद गांव के सरपंच प्रतिनिधि महेंद्र सिंह का कहना है कि मुझे घटना के 10 मिनट बाद मामले की सूचना मिल गई थी और मैं तुरंत मौके पर पहुंच गया था। बच्चे के लिए दो बार दूध भेजा गया लेकिन बच्चा दोनों बार सोया हुआ मिला। जब तक बच्चा सुरक्षित बाहर नहीं आएगा, तब तक पूरा गांव होली नहीं मनाएगा।

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