{"_id":"6075af74dc926e734419aaae","slug":"chief-minister-captain-amarinder-singh-answer-on-congress-ticket-distribution-by-prashant-kishor-in-punjab","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"टिकट वितरण पर कैप्टन का जवाब : टिकटों पर फैसले का प्रशांत किशोर को हक नहीं, वो सिर्फ सलाहकार हैं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टिकट वितरण पर कैप्टन का जवाब : टिकटों पर फैसले का प्रशांत किशोर को हक नहीं, वो सिर्फ सलाहकार हैं
Tue, 13 Apr 2021 08:19 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 13 Apr 2021 08:19 PM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने वर्ष 2022 की विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की टिकटों को अंतिम रूप देने में प्रशांत किशोर की किसी भी तरह की भूमिका को खारिज किया है।
मंगलवार को मुख्यमंत्री ने अपने नए प्रमुख सलाहकार प्रशांत किशोर द्वारा टिकटों के बारे में फ़ैसला लेने संबंधी पंजाब कांग्रेस में नाराजगी संबंधी रिर्पोटों के बारे में कहा कि इस संबंधी सवाल ही पैदा नहीं होता। किशोर का इस मामले से कोई संबंध नहीं है।
कैप्टन ने कहा कि कांग्रेस में टिकट वितरण के लिए नियम और मापदंड निर्धारित हैं, जो सभी राज्यों में सभी चुनावों में अपनाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी विधानसभा चुनाव से पहले हाईकमान द्वारा राज्य स्तरीय चयन समिति का गठन किया जाता है, जो सभी नामों पर विचार करती है और चुनाव मैदान में उतारे जाने वाले उम्मीदवारों के बारे में फ़ैसला करती है।
विज्ञापन
उसके बाद चुने गए नामों की सूची स्क्रीनिंग कमेटी को भेजी जाती है और इस कमेटी में कांग्रेस प्रधान समेत पार्टी की शिखर की लीडरशिप शामिल होती है। उन्होंने कहा कि अंतिम फ़ैसला केंद्रीय चयन समिति करती है और इसमें व्यक्तिगत तौर पर किसी की भूमिका नहीं होती।
विज्ञापन
मंगलवार को मुख्यमंत्री ने अपने नए प्रमुख सलाहकार प्रशांत किशोर द्वारा टिकटों के बारे में फ़ैसला लेने संबंधी पंजाब कांग्रेस में नाराजगी संबंधी रिर्पोटों के बारे में कहा कि इस संबंधी सवाल ही पैदा नहीं होता। किशोर का इस मामले से कोई संबंध नहीं है।
विज्ञापन
कैप्टन ने कहा कि कांग्रेस में टिकट वितरण के लिए नियम और मापदंड निर्धारित हैं, जो सभी राज्यों में सभी चुनावों में अपनाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी विधानसभा चुनाव से पहले हाईकमान द्वारा राज्य स्तरीय चयन समिति का गठन किया जाता है, जो सभी नामों पर विचार करती है और चुनाव मैदान में उतारे जाने वाले उम्मीदवारों के बारे में फ़ैसला करती है।
विज्ञापन
उसके बाद चुने गए नामों की सूची स्क्रीनिंग कमेटी को भेजी जाती है और इस कमेटी में कांग्रेस प्रधान समेत पार्टी की शिखर की लीडरशिप शामिल होती है। उन्होंने कहा कि अंतिम फ़ैसला केंद्रीय चयन समिति करती है और इसमें व्यक्तिगत तौर पर किसी की भूमिका नहीं होती।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समिति द्वारा टिकटों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में स्वतंत्र एजेंसियों के साथ-साथ पार्टी की प्रांतीय इकाई समेत आंतरिक और बाहरी पक्ष से जानकारी हासिल की जाती है। उन्होंने कहा कि यही प्रक्रिया वर्ष 2017 में अपनाई गई थी और इस बार भी इसी प्रक्रिया के अनुसार चला जाएगा। ऐसे में इस समूची प्रक्रिया में प्रशांत किशोर कहां है?
प्रशांत सिर्फ सलाहकार, फैसला लेने का उसे हक नहीं : कैप्टन
कैप्टन ने स्पष्ट किया कि टिकटों के मसले पर विचार करने और फ़ैसला लेने का काम किशोर का नहीं, कांग्रेस का है। मुख्यमंत्री ने कहा, प्रशांत किशोर का रोल मेरे प्रमुख सलाहकार तक सीमित है। यह पद केवल सलाहकारी के लिए है, जिसमें फ़ैसला लेने का अधिकार नहीं होता।
प्रशांत सिर्फ सलाहकार, फैसला लेने का उसे हक नहीं : कैप्टन
कैप्टन ने स्पष्ट किया कि टिकटों के मसले पर विचार करने और फ़ैसला लेने का काम किशोर का नहीं, कांग्रेस का है। मुख्यमंत्री ने कहा, प्रशांत किशोर का रोल मेरे प्रमुख सलाहकार तक सीमित है। यह पद केवल सलाहकारी के लिए है, जिसमें फ़ैसला लेने का अधिकार नहीं होता।