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पीयू के इंजीनियरिंग विभाग में चल रहा है रसायन विज्ञान का कोर्स, छात्रों को नहीं मिल रहा अच्छा पैकेज

Tue, 07 Dec 2021 07:51 PM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 07 Dec 2021 07:51 PM IST
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Chemistry course is going on in engineering department in PU, students are not getting good package
चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में वर्षों से केमेस्ट्री विभाग का एक कोर्स कैमिकल इंजीनियरिंग विभाग में चलाया जा रहा है। इससे छात्रों को नुकसान बहुत हो रहा है। न तो उनकी बेहतर प्लेसमेंट हो रही है और न ही अच्छा पैकेज मिल रहा है। छात्रों को अपने भविष्य की चिंता सता रही है। छात्रों ने फिर से पीयू के जिम्मेदार अफसरों को अवगत कराते हुए कहा है कि यह कोर्स दूसरे विश्वविद्यालयों में रसायन विज्ञान के तहत संचालित हो रहा है। इसको लेकर तीन साल पहले छात्रों को आश्वासन दिया गया था कि इस कोर्स को रसायन विज्ञान के अधीन कर सकते हैं, लेकिन अब तक मामला अटका है। यह प्रस्ताव न सीनेट में गया और न सिंडिकेट में। हालांकि पीयू प्रशासन का तर्क है कि वह इस प्रस्ताव पर काम कर रहा है। कमेटी इस पर निर्णय लेगी। छात्रों का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।
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कोर्स में 18 सीटें, सालाना 45 हजार फीस
एमएससी इंडस्ट्रियल केमेस्ट्री कोर्स का संचालन पीयू में वर्षों से केमिकल इंजीनियरिंग विभाग की ओर से किया जा रहा है। इस कोर्स में 18 सीटें हैं। विद्यार्थी पीयू को सालाना 45 हजार रुपये फीस देते हैं। दो साल का यह कोर्स है। इस कोर्स में एडमिशन प्रवेश परीक्षा के आधार पर होता है। छात्रों का आरोप है कि यूआईसीईटी विभाग में इस कोर्स के संचालन से उनकी पढ़ाई बेहतर नहीं हो पाती। साथ ही एमएससी इंडस्ट्रियल केमेस्ट्री के विषय विशेषज्ञ नहीं हैं। सिलेबस भी बिल्कुल अलग है। हर साल प्लेसमेंट के लिए कंपनियां आती हैं, लेकिन वह एमएससी इंडस्ट्रियल केमेस्ट्री के विद्यार्थियों को नौकरी देने में रुचि नहीं दिखाती। आरोप है कि शत प्रतिशत विद्यार्थियों को नौकरी नहीं मिलती। प्लेसमेंट होता भी है तो सालाना पैकेज सवा दो लाख से ढाई लाख रुपये तक जाता है जबकि केमेस्ट्री विभाग से इस कोर्स का संचालन हो तो उनकी प्लेसमेंट अच्छी कंपनियों में होगी। साथ ही पैकेज भी चार लाख से ऊपर पहुंचेगा। यह भी कहा कि वह इसकी पढ़ाई यूआईसीईटी विभाग से करने के बाद प्रोफेसर भी नहीं बन सकते यानी विश्वविद्यालय में शिक्षक बनने का उनका सपना भी पूरा नहीं हो रहा है।
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पीयू को फीस से प्यार, छात्रों के भविष्य से नहीं
छात्रों का गंभीर आरोप है कि इस कोर्स का संचालन यूआईसीईटी विभाग से क्यों किया गया? पीयू केवल फीस का लाभ चाहती है। उन्हें छात्रों की समस्याओं व उनके भविष्य से कोई लेना देना नहीं है। छात्रों ने पीयू प्रशासन को पहले भी पत्र भेजे, लेकिन कार्रवाई किसी ने नहीं की, क्योंकि कोर्स केमेस्ट्री विभाग के अधीन संचालन के लिए लंबी प्रक्रिया का पालन करना होता है। यदि पहले ही यह प्रक्रिया चालू हो जाती तो दर्जनों विद्यार्थियों को भविष्य की चिंता नहीं सताती। वर्तमान में पढ़ाई कर रहे छात्रों ने कहा कि पीयू जल्द निर्णय ले और उन्हें भी केमेस्ट्री विभाग से इस कोर्स के संचालन की डिग्रियां प्रदान करें। जानकारों का कहना है कि 10 साल में यहां से 200 से अधिक विद्यार्थी पासआउट हुए। कुछ को छोड़कर बाकी विद्यार्थियों को बेहतर पैकेज नहीं मिल सके।
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