{"_id":"6218f5b8d48f0a0af17778c3","slug":"check-whether-the-cab-driver-has-deposited-the-entry-fee-or-not-before-sitting-in-the-cab-chandigarh-news-pkl443072785","type":"story","status":"publish","title_hn":"कैब चालक ने प्रवेश शुल्क जमा कराया या नहीं, कैब में बैठने से पहले जांचें लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कैब चालक ने प्रवेश शुल्क जमा कराया या नहीं, कैब में बैठने से पहले जांचें लोग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। यूटी प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे कैब में सफर करने से पहले ये जांच लें कि कैब चालक ने प्रवेश शुल्क जमा करवाया है या नहीं। स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) अभियान चलाकर ऐसे कैब चालकों का चालान काट रही है।
शुक्रवार को प्रशासन की तरफ से एक जनसूचना जारी कर कहा गया है कि ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट के साथ ओला, उबर कंपनियों के साथ काम कर रहे कई कैब चालकों ने चंडीगढ़ में प्रवेश शुल्क जमा नहीं कराया है। इससे प्रशासन को भी काफी राजस्व का नुकसान हो रहा है। एसटीए की ओर से पंजाब, हरियाणा व अन्य राज्यों में पंजीकृत कैब चालकों से पिक एंड ड्रॉप के लिए ये प्रवेश शुल्क वसूला जाता है। तीन माह के लिए विभाग ने एक हजार रुपये प्रवेश शुल्क तय किया है, जबकि नजदीकी राज्यों में प्रवेश शुल्क अलग-अलग है। प्रशासन के बार-बार अपील के बावजूद कैब चालक नियमित रूप से प्रवेश शुल्क जमा नहीं करवा रहे हैं। यही कारण है कि कैब चालकों से एक बार फिर प्रशासन ने अपील की है कि वह जल्द ही कार्रवाई से बचने के लिए एंट्री फीस जमा करवा दें।
बता दें कि वीरवार को प्रशासन ने प्रवेश शुल्क जमा न करवाने वाले कैब चालकों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया था और इस दौरान 53 कैब चालकों के चालान काटे गए थे। विभाग की इस कार्रवाई का कैब चालकों ने विरोध किया था। सभी कैब चालक एसटीए ऑफिस में इकट्ठे हो गए थे और उनके चालान रद्द करने की मांग पर अड़ गए थे। हालांकि, विभाग ने साफ कर दिया है कि अब उन्हें ये चालान भुगतने पड़ेंगे, क्योंकि पिछले काफी समय से वह उनको प्रवेश शुल्क जमा करवाने के लिए अपील कर रहे हैं। विभाग ने जल्द ही ओला-उबर कंपनी के अधिकारियों के साथ बैठक करने का आश्वासन दिया है, ताकि कैब चालकों को समय-समय पर प्रवेश शुल्क जमा करवाने के संबंध में जागरूक किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
शुक्रवार को प्रशासन की तरफ से एक जनसूचना जारी कर कहा गया है कि ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट के साथ ओला, उबर कंपनियों के साथ काम कर रहे कई कैब चालकों ने चंडीगढ़ में प्रवेश शुल्क जमा नहीं कराया है। इससे प्रशासन को भी काफी राजस्व का नुकसान हो रहा है। एसटीए की ओर से पंजाब, हरियाणा व अन्य राज्यों में पंजीकृत कैब चालकों से पिक एंड ड्रॉप के लिए ये प्रवेश शुल्क वसूला जाता है। तीन माह के लिए विभाग ने एक हजार रुपये प्रवेश शुल्क तय किया है, जबकि नजदीकी राज्यों में प्रवेश शुल्क अलग-अलग है। प्रशासन के बार-बार अपील के बावजूद कैब चालक नियमित रूप से प्रवेश शुल्क जमा नहीं करवा रहे हैं। यही कारण है कि कैब चालकों से एक बार फिर प्रशासन ने अपील की है कि वह जल्द ही कार्रवाई से बचने के लिए एंट्री फीस जमा करवा दें।
विज्ञापन
बता दें कि वीरवार को प्रशासन ने प्रवेश शुल्क जमा न करवाने वाले कैब चालकों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया था और इस दौरान 53 कैब चालकों के चालान काटे गए थे। विभाग की इस कार्रवाई का कैब चालकों ने विरोध किया था। सभी कैब चालक एसटीए ऑफिस में इकट्ठे हो गए थे और उनके चालान रद्द करने की मांग पर अड़ गए थे। हालांकि, विभाग ने साफ कर दिया है कि अब उन्हें ये चालान भुगतने पड़ेंगे, क्योंकि पिछले काफी समय से वह उनको प्रवेश शुल्क जमा करवाने के लिए अपील कर रहे हैं। विभाग ने जल्द ही ओला-उबर कंपनी के अधिकारियों के साथ बैठक करने का आश्वासन दिया है, ताकि कैब चालकों को समय-समय पर प्रवेश शुल्क जमा करवाने के संबंध में जागरूक किया जाए।
विज्ञापन