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Chandigarh News: विदेश भेजने के नाम पर हिमाचल के दो युवकों से 1.80 लाख रुपये की ठगी

Mon, 17 Apr 2023 01:53 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 17 Apr 2023 01:53 AM IST
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Cheating of Rs 1.80 lakh from two youths of Himachal in the name of sending them abroad
चंडीगढ़। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के दो युवकों को विदेश भेजने के नाम पर 1.80 लाख रुपये की ठगी हुई है। उन्हें ठगी का पता दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट पकड़ते वक्त लगा। इस मामले में चंडीगढ़ सेक्टर-34ए स्थित एक इमीग्रेशन कंपनी के प्रबंधकों के खिलाफ डीजीपी और सेक्टर 34 थाना प्रभारी को मामले में शिकायत की गई है। शिकायतकर्ता ने कहा है कि उन्हें अवैध ई वीजा प्रदान किया गया। ऐसे में उनके साथ जालसाजी हुई, आपराधिक स्तर पर विश्वासघात हुआ एवं उन्हें धमकाया गया। उनके साथ 1.80 हजार रुपये की लूट हुई। आरोपों के मुताबिक इमीग्रेशन एक्ट के अंतर्गत अपराध हुआ है।
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शिकायतकर्ता पक्ष ने कहा है कि वह कांगड़ा जिले के गरीब ग्रामीण हैं। उन्होंने विदेश जाने के लिए रिश्तेदारों से रुपये का प्रबंध किया था। रिफंड के साथ एयर टिकट के 49 हजार रुपये भी वापस दिलवाने की मांग की गई है। शिकायतकर्ताओं में कांगड़ा जिले के गांव जोंटा निवासी श्याम सुंदर और गांव कुल्हर के रोहित कुमार शामिल हैं। वहीं कंपनी के मैनेजर ने संबंधित आरोपों से इंकार किया है।
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दायर शिकायत में शिकायतकर्ता ने कहा है कि फेसबुक पर कंपनी के विज्ञापन को देख उन्होंने इससे संपर्क किया था। कंपनी ने विदेश में वीजा और जॉब वर्क का ऑफर दिया था। शिकायतकर्ता को आश्वासन दिया गया कि कंपनी ने कई लोगों को विजिटिंग वीजा पर विदेश भेजा है और कंपनी विजिटर्स को काम भी दिलवाती है।
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1.26 लाख रुपये मासिक वेतन की बात कही
शिकायतकर्ता को कहा गया कि पहले वह टूरिस्ट वीजा प्रदान करवाएगी और बाकू (रिपब्लिक ऑफ अजरनेजान, विदेश मामले मंत्रालय) पहुंचकर एजेंट वर्क वीजा प्रदान करवा देगा। वहीं एजेंट उन्हें बहुराष्ट्रीय कंपनियों में मासिक 1.26 लाख रूपए वेतन पर नौकरी लगवा देंगे। ऐसे में शिकायतकर्ता पक्ष ने बहकावे में आकर 1.80 लाख रुपये जमा करवा दिए। इसके बाद उन्हें अनुभव सर्टिफिकेट, पासपोर्ट तथा अन्य दस्तावेज जमा करवाने को कहा गया। साथ ही आश्वासन दिया गया कि एक से दो महीनों में उन्हें भेज दिया जाएगा। 24 मार्च 2023 को उन्हें बताया गया कि संबंधित देश ने उनका वर्क वीजा मंजूर कर लिया है। इसके बाद उन्हें पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट बनवाने और एयर टिकट बुक करवाने को कहा। ऐसे में शिकायतकर्ता पक्ष ने 49 हजार रुपये की एयर टिकट बुक करवा ली। 27 मार्च को पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट बनवा आगे कंपनी को सौंप दिया।

एयरपोर्ट पर पता लगा ठगी हुई
12 अप्रैल को आरोपियों ने शिकायतकर्ता पक्ष को वीजा दिया और जब 13 अप्रैल को शिकायतकर्ता फ्लाइट पकड़ने दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे। यहां वीजा दिखाने पर उन्हें बताया गया कि उनका ई वीजा वैध नहीं है। उन्हें तुरंत वहां से जाने को कहा गया अन्यथा डिटेन किए जाने की बात कही गई।


रिफंड से इंकार किया
शिकायतकर्ता पक्ष ने जब संबंधित देश की एंबेसी से दिल्ली में बात की तो कहा गया कि वह विजिटर्स को ई वीजा पर नहीं बुलाते। सिर्फ एंबेसी से जारी वीजा ही वैध है। कहा गया कि ऐसा ई वीजा 1500 रुपये में मिल जाता है। वहीं एजेंट से रिफंड की सलाह दी गई। इसके बाद जब शिकायतकर्ता पक्ष एजेंट से मिले और रिफंड मांगा तो उन्होंने कहा कि वह इसके लिए जिम्मेवार नहीं हैं और उन्होंने सिर्फ वीजा प्रदान करवाना था। ऐसे में धमकाते हुए रिफंड देने से मना कर दिया।
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