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पब्लिक टायलेट मामला: सीएचबी ने जांच के लिए बनाई कमेटी
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Updated Sat, 13 Aug 2016 01:38 AM IST
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सीएचबी
- फोटो : DEMO Pics
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आईएएस दीपक कुमार द्वारा सीएचबी चेयरमैन पर सेलवेल कंपनी पर फेवर का आरोप लगाने का मामला भी बोर्ड की बैठक में शुक्रवार को उठा। इसके बाद एक कमेटी का गठन किया गया। इसके साथ ही यह भी तय किया गया है कि जिन अधिकारियों के कारण पब्लिक टायलेट का टेंडर नहीं हो पाया, उसकी जिम्मेवारी भी तय की जाएगी। बैठक में बोर्ड द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी की फेवर नहीं की गई, बल्कि डा. दीपक कुमार ने टेंडर का शुरूआती प्रक्रिया में देरी की, जिससे बोर्ड को 50 लाख का नुकसान हुआ।
बोर्ड के अनुसार कमेटी पब्लिक टायलेट के लिए अलॉट होने वाले टेंडर के नए नियम एवं शर्ते भी तय करेगी। यह भी देखेगी कि पब्लिक टायलेट अलॉट न होेन के कारण अभी तक जो नुकसान हुआ है उसमें किस -किस अधिकारी की जिम्मेवारी बनती है। इसके साथ ही सचिव को यह भी निर्देश दिए गया है कि अभी तक जिन अधिकारियों के कारण बोर्ड के अंतगर्त आने वाले पब्लिक टायलेट के टेंडर फाइनल नहीं हो सके, उनकी जिम्मेवारी तय करें। बोर्ड की बैठक में जो कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी में हाउसिंग बोर्ड के सचिव को चेयरमैन, चीफ इंजीनियर, चीफ अकाउंट अधिकारी और सीनियर ला अधिकारी को सदस्य नियुक्त किया गया है।
यह भी निर्देश दिया गया है कि सेलवेल कंपनी के संबंध में वर्तमान स्टेटस भी नगर निगम से जाना जाए। मालूम हो कि पब्लिक टायलेट में विज्ञापन लगाने के बदले में नगर निगम को सेलवेल कंपनी से करोड़ों रुपये की रिकवरी लेनी है। बैठक में वित्त सचिव ने भी सेलवेल कंपनी का वर्तमान स्टेटस जानने के लिए कहा।
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बोर्ड को हर महीने 6.5 लाख का नुकसान
बोर्ड के सेक्टर-34 में 5 और सेक्टर-38 में एक और सेक्टर-48 में एक पब्लिक टायलेट है, जिसकी अलाटमेंट न होने के कारण बोर्ड को हर माह साढ़े छह लाख का नुकसान हो रहा है।
ई बोली होने वाली प्रापर्टी का रेट तय करेगी कमेटी
चंडीगढ़। बोर्ड की बैठक में शहर की खाली पड़ी रेजिडेंट्स प्रापर्टी की ई बोली द्वारा बेचने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया यह कमेटी बाजार का निरीक्षण करके सभी नीलाम होने वाले फ्लैट्स का रिजर्व प्राइस तय करेगी। इस कमेटी के लिए चेयरमैन बोर्ड के सचिव को बनाया गया है जबकि तहसीलदार, चीफ इंजीनियर और अकाउंट अफसर को सदस्य बनाया गया है। यह कमेटी मार्केट का सर्वे करके 15 दिन में अपनी रिपोर्ट बोर्ड को देगी जिसके बाद ई बोली करवाई जाएगी
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बोर्ड के अनुसार कमेटी पब्लिक टायलेट के लिए अलॉट होने वाले टेंडर के नए नियम एवं शर्ते भी तय करेगी। यह भी देखेगी कि पब्लिक टायलेट अलॉट न होेन के कारण अभी तक जो नुकसान हुआ है उसमें किस -किस अधिकारी की जिम्मेवारी बनती है। इसके साथ ही सचिव को यह भी निर्देश दिए गया है कि अभी तक जिन अधिकारियों के कारण बोर्ड के अंतगर्त आने वाले पब्लिक टायलेट के टेंडर फाइनल नहीं हो सके, उनकी जिम्मेवारी तय करें। बोर्ड की बैठक में जो कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी में हाउसिंग बोर्ड के सचिव को चेयरमैन, चीफ इंजीनियर, चीफ अकाउंट अधिकारी और सीनियर ला अधिकारी को सदस्य नियुक्त किया गया है।
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यह भी निर्देश दिया गया है कि सेलवेल कंपनी के संबंध में वर्तमान स्टेटस भी नगर निगम से जाना जाए। मालूम हो कि पब्लिक टायलेट में विज्ञापन लगाने के बदले में नगर निगम को सेलवेल कंपनी से करोड़ों रुपये की रिकवरी लेनी है। बैठक में वित्त सचिव ने भी सेलवेल कंपनी का वर्तमान स्टेटस जानने के लिए कहा।
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बोर्ड को हर महीने 6.5 लाख का नुकसान
बोर्ड के सेक्टर-34 में 5 और सेक्टर-38 में एक और सेक्टर-48 में एक पब्लिक टायलेट है, जिसकी अलाटमेंट न होने के कारण बोर्ड को हर माह साढ़े छह लाख का नुकसान हो रहा है।
ई बोली होने वाली प्रापर्टी का रेट तय करेगी कमेटी
चंडीगढ़। बोर्ड की बैठक में शहर की खाली पड़ी रेजिडेंट्स प्रापर्टी की ई बोली द्वारा बेचने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया यह कमेटी बाजार का निरीक्षण करके सभी नीलाम होने वाले फ्लैट्स का रिजर्व प्राइस तय करेगी। इस कमेटी के लिए चेयरमैन बोर्ड के सचिव को बनाया गया है जबकि तहसीलदार, चीफ इंजीनियर और अकाउंट अफसर को सदस्य बनाया गया है। यह कमेटी मार्केट का सर्वे करके 15 दिन में अपनी रिपोर्ट बोर्ड को देगी जिसके बाद ई बोली करवाई जाएगी