चौटाला शासन काल में नियुक्त 3206 शिक्षकों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत
मामले में अर्जी दाखिल करते हुए उस वक्त आवेदन करने और चयनित न होने वाले शिक्षकों ने चयनित शिक्षकों के कार्य करने पर रोक लगाने की अपील की थी। हाईकोर्ट ने कहा कि अब अर्जियों पर सुनवाई का नहीं बल्कि याचिका का निपटारा करने का समय आ गया है।
बुधवार को केस की सुनवाई के दौरान अर्जी के माध्यम से सन 2000 में रिक्त पदों पर आवेदन करने और चयनित न होने वाले शिक्षकों ने विवादित शिक्षकों के कार्य करने पर रोक लगाने की अपील की थी।
यह था पूरा मामला
अर्जी में कहा गया कि 16 साल से इन शिक्षकों को काम करने दिया जा रहा है जबकि इन्हें नियुक्त करने वाले धांधली के आरोप में जेल में हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि इतने लंबे समय से यह मामला चल रहा है और अब वे इसपर देरी नहीं करना चाहते हैं। अर्जी पर हाईकोर्ट को कोई आदेश जारी न करते हुए 5 दिसंबर को सभी पक्षों को कोर्ट में मौजूद रहने के आदेश दिए।
यह था मामला
हाईकोर्ट की एकल बेंच ने 8 जनवरी 2014 को आदेश जारी कर हरियाणा सरकार द्वारा वर्ष 2000 में नियुक्त किए जेबीटी शिक्षकों में से 2984 शिक्षकों की नियुक्ति रद्द कर दी थी।
हाईकोर्ट के जस्टिस के कन्नन ने अपने तीस पन्ने के आदेशों में इन शिक्षकों को हटाकर 4 सप्ताह के भीतर नए सिरे से मैरिट लिस्ट तैयार करने के भी आदेश दे दिए थे। इन आदेशों को चुनौती देते हुए खंडपीठ के समक्ष अपील दाखिल की गई थी जिसपर सुनवाई चल रही है।