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Chandigarh News: गांधी परिवार से पुराने संबंधों के दम पर फिर कांग्रेस हाईकमान से जोड़ा नाता

Mon, 11 Mar 2024 02:10 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 11 Mar 2024 02:10 AM IST
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Chaudhary Birendra Singh again established relations with Congress high command on the basis of old relations with Gandhi family
ज्वाइनिंग के समय हरियाणा के दोनों गुटों में से कोई भी नेता नहीं रहा मौजूद
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राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ अजय माकन और हरियाणा प्रभारी ने किया स्वागत


अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। ट्रेजडी किंग के नाम से मशहूर चौधरी बीरेंद्र सिंह ने अपने सांसद बेटे की कांग्रेस ज्वाइनिंग को लेकर बड़ी राजनीतिक सुझबूझ का परिचय दिया है। उन्होंने हरियाणा कांग्रेस की गुटबाजी से बचते हुए गांधी परिवार से अपने पुराने रिशतों के दम पर सीधे हाईकमान से बेटे की ज्वाइनिंग कराई है। खास बात ये है कि उनके कांग्रेस में शामिल होने के दौरान न तो नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेशाध्यक्ष उदयभान मौजूद रहे और न ही दूसरा एसआरके गुट के कुमारी सैलजा, रणदीप सुरजेवाला और किरण चौधरी मौजूद रहे। अगर दोनों धड़ों के नेताओं में से एक भी नेता होता तो गुटबाजी के आरोप लगते है। बीरेंद्र सिंह ने गुटबाजी से बचने का पूरा ख्याल रखा है।
दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में हुए कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, वरिष्ठ नेता अजय माकन, केसी वेणुगोपाल और हरियाणा के प्रभारी दीपक बाबरिया मौजूद रहे। हरियाणा में कांग्रेस की गुटबाजी जगजाहिर है। मौजूदा समय में हुड्डा कांग्रेस का बड़ा चेहरा हैं और कुमारी सैलजा जनसंदेश यात्रा के माध्यम से टक्कर देती नजर आ रही हैं। बीरेंद्र सिंह के कांग्रेस ने आने के बाद पार्टी के अंदर भी समीकरण बदलेंगे। दूसरा, इससे पहले, हिसार से हुड्डा के समर्थक जेपी उम्मीदवार रह चुके हैं और इस बार भी दावेदार हैं। कुमारी सैलजा हिसार से बृजेंद्र सिंह को चुनाव लड़ाने के हक में है। सूत्रों का दावा है कि बेटे की ज्वाइनिंग से पहले चौधरी बीरेंद्र सिंह ने प्रदेश के नेताओं से बात की थी और हिसार सीट पर दावा जताया था। बीरेंद्र सिंह फिर से अपने बेटे को संसद भेजना चाह रहे हैं, इसलिए वह हरियाणा की गुटबाजी में नहीं पड़ना चाह रहे। कुमारी सैलजा समेत अन्य नेताओं की रजामंदी मिलने के बाद बीरेंद्र सिंह ने सीधे गांधी परिवार से अपने पुराने संबंधों के दम पर फिर से कांग्रेस में आने का रास्ता साफ किया। वहीं, बेटे ने ज्वाइनिंग के बाद हुड्डा के घर जाकर उनको व प्रदेशाध्यक्ष को बुके देकर शिष्टाचार भेंटकर ये भी जता दिया कि किसी के खिलाफ नहीं हैं।
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बता दें कि दस साल पहले जब बीरेंद्र सिंह ने कांग्रेस छोड़ी थी और आज तक उन्होंने गांधी परिवार पर कभी हमला नहीं बोला। वह कांग्रेस की गुटबाजी पर जरूर बोलते रहे हैं, लेकिन गांधी परिवार के रिश्तों को वह कभी बीच में नहीं लाए। देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ उनके मित्रता के संबंध रहे हैं।
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कुमारी सैलजा ने किया स्वागत
बृजेंद्र सिंह के स्वागत में सबसे पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने ट्वीट किया। इसमें उन्होंने दिल खोलकर बृजेंद्र सिंह का कांग्रेस में स्वागत किया। इसके बाद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी बृजेंद्र सिंह का कांग्रेस में स्वागत करते हुए पोस्ट डाली। फिर पूर्व मंत्री किरण चौधरी का भी ट्वीट आ गया।


हिसार में एसआरके की मजबूती का लाभ बृजेंद्र सिंह को
हिसार लोकसभा में हिसार जिले की हिसार, नारनौंद, आदमपुर, हांसी, नलवा, उकलाना, बरवाला विधानसभा आती हैं, जबकि जींद की उचाना व भिवानी की बवानी खेड़ा विधानसभा आती हैं। उचाना विधानसभा तो खुद बृजेंद्र सिंह के परिवार का गृह क्षेत्र है। बवानी खेड़ा किरण चौधरी, उकलाना में कुमारी सैलजा का खासा प्रभाव है। हिसार में सुरजेवाला का अच्छा प्रभाव है।
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