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Chandigarh News: चार्जिंग स्टेशन विवादः प्रशासन ने नगर निगम की कमेटी को दिया समय, बोले- सात दिन में सौंपे रिपोर्ट

Thu, 26 Oct 2023 02:07 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 26 Oct 2023 02:07 AM IST
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Charging station dispute: Administration gave time to Municipal Corporation Committee, said - submit report in seven days
चंडीगढ़। इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग स्टेशन को लेकर अब प्रशासन ने नगर निगम को आखिरी सात दिन का समय दिया है। कहा गया है कि नगर निगम की सदन ने जिस कमेटी का सुझाव दिया है, वह साइट्स का सर्वे करे और सात दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपे। उसी के आधार पर चार्जिंग स्टेशन लगाने का फैसला लिया जाएगा। पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित के साथ बुधवार को हुई बैठक में यह तय हुआ है। इलेक्ट्रिक वाहन नीति के अनुसार यूटी प्रशासन, नगर निगम की 32 पार्किंग में चार्जिंग स्टेशन और बैटरी स्वैपिंग स्टेशन स्थापित करना चाहता है। नगर निगम की सदन की बैठक में दो बार यह प्रस्ताव आया लेकिन पास नहीं किया किया। आखिरी बार 17 अक्तूबर को यह कहते हुए प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया कि नगर निगम की एक कमेटी बनेगी, जो चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए साइट्स का दौरा करेगी। सदन में मेयर और पार्षदों ने कहा था कि चार्जिंग स्टेशन अगर प्रशासन अपनी मर्जी से लगा देगा तो आरडब्ल्यूए और एमडब्ल्यूए के साथ विवाद बढ़ेंगे और शिकायतें नगर निगम के पास आएंगी इसलिए निगम की ओर से ही साइट्स तय की जानी चाहिए। 17 अक्तूबर के इस फैसले को निगम ने प्रशासन को 23 अक्तूबर को भेज दिया, जिसे लेकर बुधवार को प्रशासक के साथ हुई बैठक में लाया गया। प्रशासन ने निगम के तर्क को सही माना लेकिन साथ ही यह भी कहा कि कमेटी के सर्वे का काम अनिश्चितकाल के नहीं होना चाहिए। वह तुरंत सर्वे करे और सात दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपे। सूत्रों के अनुसार अगर निगम रिपोर्ट नहीं देता है तो प्रशासन खुद ही स्टेशन स्थापित करने के लिए क्रेस्ट को एनओसी दे देगा।
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इन अधिकारियों की बनेगी कमेटी
निगम ने बीते दिनों जो जवाब प्रशासन को भेजा था, उसमें कमेटी के सदस्यों का जिक्र किया गया था। बताया था कि सदन में सर्वसम्मति से फैसला किया है कि एसई (बीएंडआर), तीन पार्षद समेत स्थानीय पार्षद, मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन, क्रेस्ट के नुमाइंदों की एक कमेटी बनेगी। यह विभिन्न इलाकों का दौरा करेगी और साइट को लेकर एक रिपोर्ट देंगे।
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सेक्शन 406 का हवाला देकर खुद फैसला लेने की बात कर चुका है प्रशासन
निगम की सदन ने जब पहली बार चार्जिंग स्टेशन के प्रस्ताव को खारिज किया था तो प्रशासन ने पंजाब म्युनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट 1976 (एक्सटेंडेड टू चंडीगढ़) के सेक्शन 405 का हवाला देकर नोटिस जारी किया और 10 दिन में चार्जिंग स्टेशन लगाने को लेकर जवाब मांगा। साथ ही कहा कि अगर 10 दिन में जवाब नहीं आएगा तो वह सेक्शन 406 के तहत खुद फैसला ले लेंगे। प्रशासन अभी भी अपनी इस बात पर कायम है और निगम ने जल्द सर्वे की रिपोर्ट नहीं सौंपी तो वह खुद फैसला लेने को तैयार हैं।
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चार्जिंग स्टेशन लगाना जरूरी है। साइट्स के चयन के लिए नगर निगम की तरफ से ही एक कमेटी बनाने का सुझाव दिया गया था। इसलिए निगम की कमेटी को सात में अपनी रिपोर्ट सौंपने का आग्रह किया गया है।
- नितिन यादव, गृह सचिव, यूटी प्रशासन
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