{"_id":"b4528d06420c24a938c66cb1f5e61012","slug":"chargesheet-against-bank-manager","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैक कर्मी समेत 4 पर भ्रष्टाचार के आरोप तय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैक कर्मी समेत 4 पर भ्रष्टाचार के आरोप तय
ब्यूरो, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 02 Apr 2014 09:03 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बैंक से साढ़े तीन करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में सीबीआई जज विमल कुमार की अदालत ने आकृति कंस्ट्रक्शन कंपनी, उसके संचालक तरसेम लाल, पंजाब एंड सिंध बैंक के सीनियर मैनेजर इंद्रजीत सिंह और असिस्टेंट मैनेजर जीएस बत्रा के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश रचने और भ्रष्टाचार की धाराओं के तहत आरोप तय कर दिए। अगली सुनवाई पांच जून को होगी।
दिल्ली सीबीआई की बैंक सिक्योरिटी एंड फ्रॉड सेल को आकृति कंस्ट्रक्शन कंपनी और पंजाब एंड सिंध बैंक के अधिकारियों द्वारा घपला किए जाने की शिकायत मिली थी।
सीबीआई ने जांच में पाया कि आकृति कंस्ट्रक्शन कंपनी के संचालक तरसेम लाल ने बद्दी में अस्पताल बनाने के लिए सेक्टर-22 और 47 की पंजाब एंड सिंध बैक की ब्रांच से 35 करोड़ रुपये का लोन लोन करवाया था।
विज्ञापन
सीबीआई ने पाया कि संचालक और बैंक अधिकारी ने मिलकर 35 करोड़ के लोन पर साढ़े तीन करोड़ की बैंक गारंटी फीस का घपला किया। बैंक कर्मचारियों ने लोन जारी करते समय कोई मार्जिन या कमीशन भी नहीं लिया था और न ही बैंक गारंटी इंश्योरेंस की रिकार्ड में एंट्री भी नहीं की। सीबीआई ने 10 जून 2013 को सभी के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
एक ओर मामले सीबीआई कर रही है जांच
जांच अधिकारी राठी ने बताया कि उनके खिलाफ 28 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की अन्य जांच भी चल रही है। इसे लेकर इसी वर्ष 18 मई को चंडीगढ़ में रेड की थी। तरसेम लाल ने बैंक की सेक्टर-47 स्थित इकाई से इन दो प्रबंधकों की मदद से बैंक के सस्पेंडेड अकाउंट से 28 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए थे।
बैंक ऑडिटर रकम को ऑडिट से पहले जमा करवा देने के चलते धोखाधड़ी नहीं जान पाए थे। दोनों प्रबंधक करीब डेढ़ माह तक निलंबित रहे थे। यह फ्रॉड 2009 से 2013 के बीच हुआ था। तरसेम लाल और उनकी पत्नी का सेक्टर 46 इकाई में ज्वाइंट अकाउंट था।
आर्थिक अपराध शाखा पुलिस ने किया है गिरफ्तार
आर्थिक अपराध शाख पुलिस ने तरसेम लाल और बेटा सुमित के खिलाफ सेक्टर-35 में दूसरे की कोठी को खुद की बताकर 70 लाख की ठगी करने का मामला दर्ज किया है। आर्थिक अपराध शाखा पुलिस ने 18 नवंबर को तरसेम लाल को सेक्टर 43 जिला अदालत से दबोच था।
विज्ञापन
दिल्ली सीबीआई की बैंक सिक्योरिटी एंड फ्रॉड सेल को आकृति कंस्ट्रक्शन कंपनी और पंजाब एंड सिंध बैंक के अधिकारियों द्वारा घपला किए जाने की शिकायत मिली थी।
विज्ञापन
सीबीआई ने जांच में पाया कि आकृति कंस्ट्रक्शन कंपनी के संचालक तरसेम लाल ने बद्दी में अस्पताल बनाने के लिए सेक्टर-22 और 47 की पंजाब एंड सिंध बैक की ब्रांच से 35 करोड़ रुपये का लोन लोन करवाया था।
विज्ञापन
सीबीआई ने पाया कि संचालक और बैंक अधिकारी ने मिलकर 35 करोड़ के लोन पर साढ़े तीन करोड़ की बैंक गारंटी फीस का घपला किया। बैंक कर्मचारियों ने लोन जारी करते समय कोई मार्जिन या कमीशन भी नहीं लिया था और न ही बैंक गारंटी इंश्योरेंस की रिकार्ड में एंट्री भी नहीं की। सीबीआई ने 10 जून 2013 को सभी के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
एक ओर मामले सीबीआई कर रही है जांच
जांच अधिकारी राठी ने बताया कि उनके खिलाफ 28 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की अन्य जांच भी चल रही है। इसे लेकर इसी वर्ष 18 मई को चंडीगढ़ में रेड की थी। तरसेम लाल ने बैंक की सेक्टर-47 स्थित इकाई से इन दो प्रबंधकों की मदद से बैंक के सस्पेंडेड अकाउंट से 28 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए थे।
बैंक ऑडिटर रकम को ऑडिट से पहले जमा करवा देने के चलते धोखाधड़ी नहीं जान पाए थे। दोनों प्रबंधक करीब डेढ़ माह तक निलंबित रहे थे। यह फ्रॉड 2009 से 2013 के बीच हुआ था। तरसेम लाल और उनकी पत्नी का सेक्टर 46 इकाई में ज्वाइंट अकाउंट था।
आर्थिक अपराध शाखा पुलिस ने किया है गिरफ्तार
आर्थिक अपराध शाख पुलिस ने तरसेम लाल और बेटा सुमित के खिलाफ सेक्टर-35 में दूसरे की कोठी को खुद की बताकर 70 लाख की ठगी करने का मामला दर्ज किया है। आर्थिक अपराध शाखा पुलिस ने 18 नवंबर को तरसेम लाल को सेक्टर 43 जिला अदालत से दबोच था।