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महिला कोच यौन शोषण मामला: हरियाणा के पूर्व खेल मंत्री संदीप सिंह के खिलाफ आरोप तय, अब चलेगा केस
Mon, 29 Jul 2024 04:19 PM IST
अंकेश ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Mon, 29 Jul 2024 04:19 PM IST
सार
जूनियर कोच यौन शोषण मामले में हरियाणा के पूर्व खेल मंत्री संदीप सिंह के खिलाफ चंडीगढ़ जिला अदालत में आरोप तय कर दिए गए हैं। अब मामले में संदीप सिंह के खिलाफ केस चलेगा।
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संदीप सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जूनियर कोच यौन शोषण मामले में फंसे हरियाणा के पूर्व खेल मंत्री व भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान संदीप सिंह के खिलाफ चंडीगढ़ जिला अदालत में केस चल रहा है। सोमवार को अदालत में आरोपी पूर्व मंत्री संदीप सिंह के खिलाफ आरोप तय कर दिए गए हैं। संदीप सिंह के खिलाफ आरोप तय करने की कार्रवाई में ही लगभग डेढ़ वर्ष से ज्यादा समय लगा है। अब इस मामले में संदीप सिंह के खिलाफ केस चलेगा।
डीगढ़ जिला अदालत ने जूनियर महिला कोच यौन शोषण केस में सुनवाई करते हुए पूर्व खेल मंत्री खिलाफ यौन शोषण समेत विभिन्न धाराओं तहत आरोप तय किए है। पूर्व खेल मंत्री पर कोर्ट ने आईपीसी की धारा 354 ए, 354 बी, 509 और 506 के तहत आरोप दर्ज किए है। वहीं, आईपीसी की धारा 342 को हटा दी गई है। इसके साथ महिला कोच की ओर से आईपीसी की धारा 511 और 376 जोड कर केस चलाने की अर्जी को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। अब कोर्ट में 17 अगस्त से मामले में गवाहों की पेशी होना शुरू होगी।
गौरतलब है कि 26 दिसंबर 2022 को जूनियर महिला कोच ने हरियाणा के मंत्री संदीप सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न सहित अन्य आरोप लगाते हुए चंडीगढ़ पुलिस में शिकायत दी थी। जांच के बाद 31 दिसंबर की रात 11 बजे सेक्टर-26 थाने में संदीप सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 342, 354, 354ए, 354बी, 506 के तहत पुलिस ने केस दर्ज किया था।
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इसके बाद डीएसपी (पूर्व) पलक गोयल के सुपरविजन में मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गई थी। इसमें साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रंजीत सिंह, महिला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर उषा और एक महिला एसआई को शामिल किया गया था। एसआईटी की जांच के बाद संदीप सिंह के खिलाफ पुलिस ने आईपीसी की धारा 509 भी जोड़ी थी।
सोफे पर बैठाकर छेड़खानी करने का है आरोप
पूर्व खेल मंत्री के चंडीगढ़ सेक्टर-7 स्थित सरकारी आवास में यह घटना घटी थी। महिला कोच के मुताबिक, मंत्री संदीप सिंह जुलाई 2022 से पहले से स्नैपचैट और इंस्टाग्राम पर उसे मैसेज भेजा करते थे। इसके बाद एक जुलाई को स्नैपचैट पर मैसेज व कॉल कर उन्होंने उसे सेक्टर-7 स्थित अपने आवास पर बुलाया। कोच के मुताबिक, पहले भी वह उसे मिलने का दबाव बनाते थे और नौकरी से संबंधित कोच के दस्तावेजों की वैधता जांचने के लिए उसे घर बुलाया। वहीं कोच को स्पांसर करने का भी प्रलोभन दिया। पीड़िता कैब से मंत्री के आवास पर गई, जहां मंत्री उसे अपनी कोठी में एक कैबिन में ले गए और सोफे पर बैठाकर दस्तावेजों के सत्यापन के बहाने उसे गलत ढंग से छुआ और कहा कि वह उसे पसंद करते हैं। आरोप है कि मंत्री ने इस दौरान कहा कि ‘यह भागना-कूदना बंद करो, मैं तुम्हें स्पांसर करवा दूंगा, इंस्टाग्राम वेरिफाई करवा दूंगा। मुझे खुश रखो तो मैं तुम्हारा भी ख्याल रखूंगा।’
करियर खराब करने की कोशिश की
पीड़िता के मुताबिक, आगे मंत्री ने कहा कि और भी लड़कियां हैं जो उन्हें मना नहीं करतीं। इस दौरान संदीप सिंह गलत नीयत से छूता रहा और गलत इरादे से छेड़खानी शुरू कर दी। पीड़िता ने विरोध किया मगर मंत्री बलपूर्वक शारीरिक संबंध बनाने की नीयत से चूमने का प्रयास करने लगे। कोच ने अपने बचाव में मंत्री को धक्का दिया मगर उन्होंने उसकी टी-शर्ट फाड़ दी। कोच किसी तरह कमरे से बाहर निकली। घटना की सूचना विभाग और पुलिस को देने के बावजूद शुरुआत में पुलिस ने कार्रवाई नहीं की और उसे अपना काम करने के लिए कहा गया और यह सब नजरअंदाज करने को कहा गया। कोच के मुताबिक, पंचकूला के एक स्टेडियम में उसकी सितंबर, 2022 में ज्वाइन करने के बाद से उसे मंत्री ने परेशान करना शुरू कर दिया था। वहीं, मंत्री ने बात न मानने पर उसका करियर खराब करने की कोशिश की और उसका झज्जर में तबादला तक कर दिया।
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डीगढ़ जिला अदालत ने जूनियर महिला कोच यौन शोषण केस में सुनवाई करते हुए पूर्व खेल मंत्री खिलाफ यौन शोषण समेत विभिन्न धाराओं तहत आरोप तय किए है। पूर्व खेल मंत्री पर कोर्ट ने आईपीसी की धारा 354 ए, 354 बी, 509 और 506 के तहत आरोप दर्ज किए है। वहीं, आईपीसी की धारा 342 को हटा दी गई है। इसके साथ महिला कोच की ओर से आईपीसी की धारा 511 और 376 जोड कर केस चलाने की अर्जी को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। अब कोर्ट में 17 अगस्त से मामले में गवाहों की पेशी होना शुरू होगी।
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गौरतलब है कि 26 दिसंबर 2022 को जूनियर महिला कोच ने हरियाणा के मंत्री संदीप सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न सहित अन्य आरोप लगाते हुए चंडीगढ़ पुलिस में शिकायत दी थी। जांच के बाद 31 दिसंबर की रात 11 बजे सेक्टर-26 थाने में संदीप सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 342, 354, 354ए, 354बी, 506 के तहत पुलिस ने केस दर्ज किया था।
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इसके बाद डीएसपी (पूर्व) पलक गोयल के सुपरविजन में मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गई थी। इसमें साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रंजीत सिंह, महिला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर उषा और एक महिला एसआई को शामिल किया गया था। एसआईटी की जांच के बाद संदीप सिंह के खिलाफ पुलिस ने आईपीसी की धारा 509 भी जोड़ी थी।
सोफे पर बैठाकर छेड़खानी करने का है आरोप
पूर्व खेल मंत्री के चंडीगढ़ सेक्टर-7 स्थित सरकारी आवास में यह घटना घटी थी। महिला कोच के मुताबिक, मंत्री संदीप सिंह जुलाई 2022 से पहले से स्नैपचैट और इंस्टाग्राम पर उसे मैसेज भेजा करते थे। इसके बाद एक जुलाई को स्नैपचैट पर मैसेज व कॉल कर उन्होंने उसे सेक्टर-7 स्थित अपने आवास पर बुलाया। कोच के मुताबिक, पहले भी वह उसे मिलने का दबाव बनाते थे और नौकरी से संबंधित कोच के दस्तावेजों की वैधता जांचने के लिए उसे घर बुलाया। वहीं कोच को स्पांसर करने का भी प्रलोभन दिया। पीड़िता कैब से मंत्री के आवास पर गई, जहां मंत्री उसे अपनी कोठी में एक कैबिन में ले गए और सोफे पर बैठाकर दस्तावेजों के सत्यापन के बहाने उसे गलत ढंग से छुआ और कहा कि वह उसे पसंद करते हैं। आरोप है कि मंत्री ने इस दौरान कहा कि ‘यह भागना-कूदना बंद करो, मैं तुम्हें स्पांसर करवा दूंगा, इंस्टाग्राम वेरिफाई करवा दूंगा। मुझे खुश रखो तो मैं तुम्हारा भी ख्याल रखूंगा।’
करियर खराब करने की कोशिश की
पीड़िता के मुताबिक, आगे मंत्री ने कहा कि और भी लड़कियां हैं जो उन्हें मना नहीं करतीं। इस दौरान संदीप सिंह गलत नीयत से छूता रहा और गलत इरादे से छेड़खानी शुरू कर दी। पीड़िता ने विरोध किया मगर मंत्री बलपूर्वक शारीरिक संबंध बनाने की नीयत से चूमने का प्रयास करने लगे। कोच ने अपने बचाव में मंत्री को धक्का दिया मगर उन्होंने उसकी टी-शर्ट फाड़ दी। कोच किसी तरह कमरे से बाहर निकली। घटना की सूचना विभाग और पुलिस को देने के बावजूद शुरुआत में पुलिस ने कार्रवाई नहीं की और उसे अपना काम करने के लिए कहा गया और यह सब नजरअंदाज करने को कहा गया। कोच के मुताबिक, पंचकूला के एक स्टेडियम में उसकी सितंबर, 2022 में ज्वाइन करने के बाद से उसे मंत्री ने परेशान करना शुरू कर दिया था। वहीं, मंत्री ने बात न मानने पर उसका करियर खराब करने की कोशिश की और उसका झज्जर में तबादला तक कर दिया।