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पूर्व सीएम हुड्डा के सलाहकार रहे प्रो. वीरेंद्र सिंह सहित तीन के खिलाफ देशद्रोह की चार्जशीट दाखिल

Tue, 21 May 2019 05:19 PM IST
ajay kumar विजेंद्र कौशिक, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
विजेंद्र कौशिक, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Tue, 21 May 2019 05:19 PM IST
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Charge sheet filed against three including professor virendra singh
प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह - फोटो : अमर उजाला

तीन साल तीन माह पहले जाट आरक्षण आंदोलन में भड़की हिंसा के मामले में पुलिस ने सीजेएम आशीष कुमार की अदालत में सोमवार को करीब एक हजार पेज की चार्जशीट दाखिल की है।

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इसमें पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के राजनीतिक सलाहकार रहे प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह पर देशद्रोह, आगजनी, तोड़फोड़ और अन्य धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। मामले में दलाल खाप के तत्कालीन प्रवक्ता मानसिंह दलाल व कांग्रेस की ग्रामीण इकाई के पूर्व जिला अध्यक्ष जयदीप धनखड़ को भी आरोपी बनाया गया है। 
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दाखिल आरोपपत्र पर पहली सुनवाई 29 मई को होगी। आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 148, 149, 427, 435, 436, 395, 124ए, 120बी, 153ए, 109, प्रॉपर्टी डेमैज एक्ट 3 और नेशनल हाईवे आथॉरिटी एक्ट 8 बी के तहत पुलिस ने आरोप लगाए हैं। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने करीब एक हजार पेज की चार्जशीट दाखिल की है। इसमें जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान वायरल हुई एक मिनट 23 सेकंड की ऑडियो को सबूत के तौर पर शामिल किया गया है। मामले में फरवरी 2016 में केस दर्ज किया गया था।
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बता दें कि फरवरी 2016 में प्रदेश में जाट आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन चल रहा था। 14 फरवरी को आंदोलनकारियों ने सांपला में नेशनल हाईवे जाम कर दिया। इसके बाद रोहतक, सोनीपत, झज्जर, भिवानी, कैथल, जींद और दूसरे जिलों भी लोग सड़कों पर आ गए। 19 फरवरी को रोहतक में कोर्ट परिसर के बाहर झड़प के बाद आंदोलन हिंसक हो गया।

Charge sheet filed against three including professor virendra singh
सांकेतिक तस्वीर

रोहतक सहित दूसरे जिलों में आगजनी, तोड़फोड़, लूटपाट की वारदात हुईं। तीन-चार दिनों में हिंसा का दौर थमा। भिवानी निवासी कैप्टन पवन कुमार ने सिविल लाइन थाने में केस दर्ज करवाया कि जाट आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में प्रदेश में पब्लिक प्रॉपर्टी में आगजनी, लूटपाट सहित रोड जाम किए गए।

एक ऑडियो टेप आया था सामने
आंदोलन के दौरान एक ऑडियो टेप सामने आया था। दावा किया गया था कि ऑडियो में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के राजनीतिक सलाहकार रहे प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह फोन पर दलाल खाप के तत्कालीन प्रवक्ता मानसिंह दलाल से बातचीत कर रहे हैं। ऑडियो में प्रोफेसर कह रहे हैं कि कप्तान साहब देशवाली बेल्ट में तो बहुत अच्छा चल रहा है। 

इनसो के लड़कों को कहो, समर्थन का तो तुम ड्रामा करते हो, सिरसा में एक कीड़ी तक नहीं रोक रखी। पुलिस वीरेंद्र व मानसिंह दलाल के खिलाफ देशद्रोह और दूसरी धाराओं में केस दर्ज किया था। जांच में कांग्रेस नेता रहे जयदीप धनखड़ को भी आरोपी बनाया गया। आरोप था कि प्रोफेसर ने जयदीप के मोबाइल फोन से मानसिंह दलाल से बातचीत की थी।

प्रोफेसर ने कहा था-ऑडियो का गलत मतलब निकाला गया
पुलिस ने केस दर्ज कर प्रोफेसर वीरेंद्र को गिरफ्तार किया था। बाद में वह जमानत पर बाहर आ गए। मीडिया से बातचीत में प्रोफेसर वीरेंद्र ने कहा था कि उनकी और कैप्टन की फोन पर हुई बातचीत का ऑडियो है, लेकिन उसमें पूरी बातचीत नहीं है और वह पुराना होने के साथ अधूरा भी है। यह उस समय का ऑडियो है, जब केवल रोहतक या आसपास जाम लगा था। 

इस ऑडियो का मतलब भी गलत निकाला जा रहा है। उनके अनुसार वह किसी भी जगह भड़काऊ बात नहीं कर रहे हैं। वह केवल यह कह रहे हैं कि इनेलो की छात्र विंग इनसो वाले जाम का समर्थन कर रहे हैं और उसका स्वाद ले रहे हैं।

वे दूसरी जगहों पर जाम का समर्थन न करें और अपने यहां सिरसा में जाकर जाम लगाएं। प्रोफेसर के अनुसार उन्होंने जिस कप्तान और मान सिंह से यह बात कही, उनके यहां बहादुरगढ़ और सिरसा के लिए कही थी। वहां पूरे आंदोलन के दौरान शांति बनी रही।

अभी पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया है। अदालत की तरफ से आरोप तय होने बाकी हैं। पहली सुनवाई 29 मई को होगी। अब अदालत में अपना पक्ष रखेंगे।  - सुनील कुमार, वकील बचाव पक्ष

अब आगे क्या
अदालत में 29 मई को दाखिल चार्जशीट पर सुनवाई होगी। कोर्ट की तरफ से तीनों आरोपियों को दाखिल चार्जशीट की कॉपी दी जाएगी। साथ ही कोर्ट में पेशी के दौरान पूछा जाएगा कि वे आरोप स्वीकार करते हैं या उनका अदालत में सामना करेंगे।

अगर आरोपों का सामना करते हैं तो पहले केस में पुलिस द्वारा तय किए गए लोगों की गवाही होगी। गवाही के बाद दोनों पक्षों के वकील अपना-अपना पक्ष रखेंगे। इसके बाद अदालत फैसला लेगी। अगर फैसला आरोपियों के खिलाफ आता है तो वे हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं।

जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा मामले में वीरेंद्र सहित तीन लोगों के खिलाफ पुलिस ने जांच पूरी करके चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है। मामले में 124ए सहित अन्य धाराओं के तहत आरोपपत्र दाखिल किए गए हैं। अब अदालत में आरोप तय होने की कार्रवाई शुरू होगी। - जशनदीप सिंह रंधावा, पुलिस अधीक्षक

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