Amritsar: रावी नदी की बदलती धारा बड़ी चुनौती, पाकिस्तान से घुसपैठ का बना खतरा, BSF जवान मुस्तैद
मानसून सीजन में रावी नदी उफान पर होती है। इस वजह से भारत-पाकिस्तान सीमा पर कई स्थानों पर उसकी धारा बदल जाती है। कई बार सीमा पर लगी बाड़ भी नदी में समा जाती है। सीमा पर उफान में रावी नदी सुरक्षा बलों के सामने किसी चुनौती से कम नहीं है। मगर तब भी मुस्तैद जवान दिन-रात देश के प्रहरी बने हैं।
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भारत-पाकिस्तान सीमा पर रावी नदी की बदलती धारा देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकती है। पठानकोट, गुरदासपुर, डेरा बाबा नानक, अमृतसर के अजनाला और रमदास के साथ-साथ तरनतारन और फिरोजपुर के साथ लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कई बार ऐसे हालात बन जाते हैं कि वहां, सीमा पर तारबंदी रावी नदी में बह जाती है।
रावी नदी में जलस्तर का बढ़ने का कारण जम्मू-कश्मीर के उज्ज नदी से पानी का छोड़ा जाना है। पंजाब की इंटेलिजेंस ने आशंका जताई है कि तारबंदी के ऊपर और रावी नदी के रास्ते पाकिस्तानी घुसपैठिए और तस्कर देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे सकते हैं। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), इंटेलिजेंस और केंद्रीय एजेंसियां इसे खतरा तो मान रहीं हैं, मगर इस प्राकृतिक चुनौती का कोई हल नहीं निकल पा रहा।
इससे निपटने के लिए बीएसएफ ने निगरानी चौकियों में अतिरिक्त बल तैनात करते हुए उनकी हर जरूरत का सामान पहले से उपलब्ध करवा दिया है। बीएसएफ पंजाब फ्रंटिअर के आईजी आसिफ जलाल कहते हैं कि फोर्स पूरी तरह से अलर्ट पर हैं और इस तरह के मौसम में सीमा की निगरानी के लिए बल के आला अधिकारी लगातार बार्डर का दौरा कर रहे हैं।
पंजाब से राजस्थान तक एक सा खतरा
पंजाब के सीमांत इलाकों में ड्रोन की गतिविधियां बढ़ने और हेरोइन और हथियारों की तस्करी की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। राजस्थान में श्रीगंगानगर सेक्टर से कुछ दिन पहले भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर एक पाकिस्तानी घुसपैठिए रिजवान अशरफ (24) को पकड़ा, जो नूपुर शर्मा को मारने आया था।
पंजाब की सीमा से भी इसकी आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए पंजाब से राजस्थान तक एक सा खतरा बना हुआ है। पंजाब सीमा में कई बार ड्रोन के जरिये हेरोइन और हथियार गिराए जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से पूछताछ में भी यह सामने आया है।
वाइस मैसेज देकर किया अलर्ट
बाढ़ कंट्रोल यूनिट के नोडल अधिकारी-कम-जिला माल अधिकारी संजीव शर्मा ने बताया कि उज्ज नदी में रविवार को सुबह करीब 8:30 बजे 131747 क्यूसिक पानी का लेवल था, जो रावी नदी में आता है। वैसे तो उज्ज नदी के पानी का तेज बहाव रावी नदी तक आते-आते काफी कम हो जाता है। बावजूद इसके डिप्टी कमिश्नर हरप्रीत सिंह सूधन ने इसे लेकर सुबह अधिकारियों को एक वाइस मैसेज देकर अलर्ट किया है।
सब डिवीजन अजनाला के एसडीएम अमनप्रीत सिंह ने बताया कि धुस्सी बांध के बाद 10 गांव चिह्नित किए हैं। पानी का स्तर बढ़ने पर वहां से लोगों और पशुओं को हटाए जाने को लेकर सभी प्रबंध कर लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि अब तक रावी नदी में बाढ़ का कोई खतरा नहीं लेकिन सुबह जम्मू-कश्मीर के उज्ज नदी में बड़ी मात्रा में छोड़ा गया पानी देर रात तक इस क्षेत्र में पहुंचेगा, जिससे रावी नदी में जलस्तर बढ़ जाएगा। एसडीएम ने बताया कि इसे लेकर प्रशासन ने हर प्रबंध कर रखे हैं। बाढ़ आने की सूरत में तुरंत अलग-अलग विभागों के अधिकारी एक्शन में आ जाएंगे।