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बदलाव : न्यूनतम मजदूरी 11 रुपये बढ़ी, अब मिलेंगे 458 रुपये
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चंडीगढ़। महंगाई की मार कम होने का नाम नहीं ले रही। देशभर में खुदरा महंगाई ने कई वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अप्रैल महीने में थोक महंगाई दर 15.08 फीसदी रही लेकिन प्रशासन ने वीरवार को मजदूरों के न्यूनतम वेतन में महज 2.3 फीसदी का ही इजाफा किया। इससे दैनिक वेतन में महज 11 रुपये तो मासिक वेतन में 273 रुपये की वृद्धि होगी। अब शहर में न्यूनतम मासिक वेतन 11895 और दैनिक मजदूरी 458 रुपये होगी। बढ़ी दरें एक अप्रैल 2022 से लागू होकर 30 सितंबर 2022 तक लागू रहेंगी।
यूटी प्रशासन के श्रम विभाग ने चंडीगढ़ में काम कर रहे मजदूरों के लिए न्यूनतम वेतन दर लागू की है। सहायक श्रम आयुक्त चंडीगढ़ की ओर से जारी आदेश के अनुसार न्यूनतम वेतन कई पैमानों को देखने के बाद बढ़ाया गया है। आदेश के अनुसार जीवित सूचकांक संख्या (लिविंग इंडेक्स) में 39 प्वाइंट्स की बढ़ोतरी हुई है। 30 सितंबर 2021 तक ये इडेक्स नंबर 1825 था, जो मार्च 2022 में बढ़कर 1864 हो गया है। इसके प्रत्येक प्वाइंट के लिए सात रुपये तय किए गए हैं इसलिए विभाग ने मासिक न्यूनतम मजदूरी में महीने के कुल 273 रुपये की बढ़ोतरी की है। अभी तक शहर के अकुशल मजदूरों के लिए न्यूनतम मासिक वेतन 11622 और दैनिक वेतन 447 रुपये तय किया गया था जो एक अप्रैल से बढ़कर न्यूनतम मासिक वेतन 11895 और दैनिक वेतन 458 रुपये हो जाएगा।
इनके न्यूनतम दर में भी बढ़ोतरी
अर्ध कुशल श्रमिक-2 का मासिक न्यूनतम वेतन 12045 और दैनिक वेतन 463 रुपये होगा। अर्ध कुशल श्रमिक-1 का मासिक वेतन 12145 और दैनिक वेतन 467 रुपये होगा। इसी प्रकार, कुशल-2 के लिए 12345, कुशल-1 के लिए 12570, अधिक कुशल के लिए 12970, क्लास-3 (स्टाफ) के लिए 12170, क्लास-2 (स्टाफ) के लिए 12320, क्लास-1 (स्टाफ) के लिए मासिक न्यूनतम वेतन 12680 रुपये तय किया है।
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कई मजदूरों को न्यूनतम दरें भी नहीं मिलतीं
प्रशासन भले हर छह महीने में न्यूनतम दरों को संशोधित करता है लेकिन चंडीगढ़ में कई मजदूरों को न्यूनतम वेतन भी नहीं मिलता है। शहर के विभिन्न दुकानों, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा व अन्य जगहों पर काम करने वाले मजदूरों को बहुत कम पैसा दिया जाता है। फैक्ट्रियों में महिलाओं को 10 हजार रुपये से भी कम का वेतन मिलता है। अगर चंडीगढ़ की बात करें तो यहां देश के कई राज्यों से मजदूर आकर अपनी रोजी-रोटी कमाते हैं। यह लोग न सिर्फ इंडस्ट्रीज में काम करते हैं, बल्कि तमाम भवन निर्माण कार्यों में इनकी जरूरत होती है। लेबर चौक पर रोजाना सैकड़ों मजदूरों को काम की तलाश में खड़े देखा जा सकता है।
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यूटी प्रशासन के श्रम विभाग ने चंडीगढ़ में काम कर रहे मजदूरों के लिए न्यूनतम वेतन दर लागू की है। सहायक श्रम आयुक्त चंडीगढ़ की ओर से जारी आदेश के अनुसार न्यूनतम वेतन कई पैमानों को देखने के बाद बढ़ाया गया है। आदेश के अनुसार जीवित सूचकांक संख्या (लिविंग इंडेक्स) में 39 प्वाइंट्स की बढ़ोतरी हुई है। 30 सितंबर 2021 तक ये इडेक्स नंबर 1825 था, जो मार्च 2022 में बढ़कर 1864 हो गया है। इसके प्रत्येक प्वाइंट के लिए सात रुपये तय किए गए हैं इसलिए विभाग ने मासिक न्यूनतम मजदूरी में महीने के कुल 273 रुपये की बढ़ोतरी की है। अभी तक शहर के अकुशल मजदूरों के लिए न्यूनतम मासिक वेतन 11622 और दैनिक वेतन 447 रुपये तय किया गया था जो एक अप्रैल से बढ़कर न्यूनतम मासिक वेतन 11895 और दैनिक वेतन 458 रुपये हो जाएगा।
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इनके न्यूनतम दर में भी बढ़ोतरी
अर्ध कुशल श्रमिक-2 का मासिक न्यूनतम वेतन 12045 और दैनिक वेतन 463 रुपये होगा। अर्ध कुशल श्रमिक-1 का मासिक वेतन 12145 और दैनिक वेतन 467 रुपये होगा। इसी प्रकार, कुशल-2 के लिए 12345, कुशल-1 के लिए 12570, अधिक कुशल के लिए 12970, क्लास-3 (स्टाफ) के लिए 12170, क्लास-2 (स्टाफ) के लिए 12320, क्लास-1 (स्टाफ) के लिए मासिक न्यूनतम वेतन 12680 रुपये तय किया है।
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कई मजदूरों को न्यूनतम दरें भी नहीं मिलतीं
प्रशासन भले हर छह महीने में न्यूनतम दरों को संशोधित करता है लेकिन चंडीगढ़ में कई मजदूरों को न्यूनतम वेतन भी नहीं मिलता है। शहर के विभिन्न दुकानों, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा व अन्य जगहों पर काम करने वाले मजदूरों को बहुत कम पैसा दिया जाता है। फैक्ट्रियों में महिलाओं को 10 हजार रुपये से भी कम का वेतन मिलता है। अगर चंडीगढ़ की बात करें तो यहां देश के कई राज्यों से मजदूर आकर अपनी रोजी-रोटी कमाते हैं। यह लोग न सिर्फ इंडस्ट्रीज में काम करते हैं, बल्कि तमाम भवन निर्माण कार्यों में इनकी जरूरत होती है। लेबर चौक पर रोजाना सैकड़ों मजदूरों को काम की तलाश में खड़े देखा जा सकता है।