हरियाणा में मंत्रियों के विभाग बदले: कंवरपाल अब पावरफुल बने, विज के दो विभाग घटे, खेल सीएम के पास
विभागों के पुनर्गठन के बाद हरियाणा में अब मंत्रियों के मंत्रालय में फेरबदल किया गया है। छेड़छाड़ के आरोप में घिरे मंत्री संदीप सिंह के पास अब केवल छपाई और स्टेशनरी विभाग बचा है। पहले वे खेल मंत्री थे। मगर अब खेल विभाग सीएम के पास रहेगा। गृह और स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी अनिल विज के पास रहेगी।
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विस्तार
विभागों के विलय के बाद हरियाणा सरकार ने अब मंत्रियों के विभागों में भी फेरबदल किया है। नए बदलाव के अनुसार, मुख्यमंत्री मनोहर लाल के पास सबसे अधिक 14 विभाग रहेंगे और छेड़छाड़ के आरोप में घिरे मंत्री संदीप सिंह के पास अब केवल प्रिंटिंग और स्टेशनरी विभाग बचा है। पहले खेल विभाग भी उनके पास था। अब वह मुख्यमंत्री के खाते में जुड़ गया है। खास बात ये है कि अनिल विज के पास से दो विभाग चले गए हैं और कंवरपाल पहले के मुकाबले पावरफुल हुए हैं। उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के विभागों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, उनके पास सात विभागों की जिम्मेदारी रहेगी।
मंत्रियों के विभाग में बदलाव को लेकर मंगलवार को हरियाणा के मुख्य सचिव संजीव कौशल ने अधिसूचना जारी की। अनिल विज के पास पहले छह विभागों की जिम्मेदारी थी। उनके पास से तकनीकी शिक्षा और विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग चले गए हैं। विज के पास अब गृह, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान और आयुष विभाग की जिम्मेदारी रहेगी। वहीं, कंवरपाल गुर्जर पहले के मुकाबले और पावरफुल हुए हैं। उनके पास मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के बाद सबसे अधिक पांच विभाग रहेंगे। इनमें विद्यालय शिक्षा, संसदीय कार्य, सत्कार, पर्यावरण, वन और वन्यजीव, विरासत और पर्यटन विभाग शामिल हैं। पहले उनके पास छह विभाग थे। उनसे कला एवं सांस्कृतिक मामले विभाग लिया गया है।
इसके अलावा, मूलचंद शर्मा को नए विभाग उच्च शिक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। उनके पास परिवहन, खनन, चुनाव विभाग भी रहेंगे। उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला पर भी फेरबदल में कोई असर नहीं पड़ा है। पहले उनके पास आठ विभागों की जिम्मेदारी थी, अब सात विभाग रहेंगे। चकबंदी विभाग को राजस्व में विलय किया गया है, ऐसे में यह भी उनके पास ही रहेगा। सहकारिता मंत्री बनवारी लाल को जन स्वास्थ्य विभाग की नई जिम्मेदारी मिली है। उनसे अनुसूचित जातियां एवं पिछड़े वर्ग कल्याण का विभाग ओमप्रकाश यादव को दिया गया है।
बबली और संदीप सिंह के पास एक-एक विभाग, रणजीत सिंह, दलाल, गुप्ता और ढांडा के विभागों में बदलाव नहीं
नए सिरे से आवंटित किए गए विभागों में विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली के पास से पुरातत्व एवं संग्रहालय चला गया है। इसी प्रकार संदीप सिंह से पहले ही खेल विभाग लिया जा चुका है, उनके पास अब केवल एक विभाग प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी रह गया है। वहीं, बिजली मंत्री रणजीत सिंह चौटाला, शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता, कृषि मंत्री जेपी दलाल और महिला बाल विकास मंत्री कमलेश ढांडा और अनूप धानक सुरक्षित रहे। उनसे कोई विभाग नहीं लिया गया है और न ही इन्हें कोई नया विभाग दिया गया है।
दो हिस्सों में बंटा शिक्षा विभाग
विभागों के विलय के बाद शिक्षा विभाग दो हिस्सों में बंट गया है। कंवर पाल गुर्जर को स्कूल शिक्षा की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि उच्च शिक्षा विभाग मूलचंद शर्मा को सौंपा है। उच्च शिक्षा में तकनीकी और प्रौद्योगिकी शिक्षा भी शामिल है। इससे पहले, कंवर पाल के पास तकनीकी और कौशल शिक्षा को छोड़कर कॉलेज शिक्षा भी थी।
एक जनवरी को राज्यपाल ने लगाई थी मुहर
हरियाणा में एक ही प्रकृति के 25 विभागों को विलय कर 10 नए विभाग बनाने पर राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने एर जनवरी को मुहर लगाई थी। इससे पहले, 14 दिसंबर को मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में एक प्रकृति के विभागों के विलय को मंजूरी दे दी गई थी। सरकार का कहना है कि विभिन्न विभागों के कामकाज में बेहतर तालमेल और कार्यप्रणाली सुधारने के लिए विभागों के विलय एवं पुनर्गठन का निर्णय लिया गया है।
विभागों के विलय के बाद मंत्रियों को विभाग आवंटित किए गए हैं। किसी मंत्री को कम विभाग मिले हैं तो किसी को ज्यादा। यह सामान्य प्रक्रिया है। एक जैसी प्रकृति के विभागों का विलय किया गया है, ताकि विभागों में समानता रहे और काम और तेज गति से हो सके। - मनोहर लाल, मुख्यमंत्री।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल
- वित्त, संस्थागत वित्त और ऋण नियंत्रण
- टाउन एंड कंट्री प्लानिंग और अर्बन एस्टेट
- सिंचाई और जल संसाधन
- योजना
- न्याय प्रशासन
- वास्तुकला
- सामान्य प्रशासन
- आपराधिक जांच
- कार्मिक और प्रशिक्षण
- राजभवन मामले
- सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग कल्याण और अंत्योदय (सेवा)
- युवा अधिकारिता और उद्यमिता
- सूचना, जनसंपर्क, भाषा और संस्कृति
- खेल
- कोई भी विभाग जो विशेष रूप से किसी मंत्री को आवंटित नहीं किया गया हो
- राजस्व और आपदा प्रबंधन
- उत्पाद शुल्क और कराधान
- उद्योग और वाणिज्य
- लोक निर्माण (बी एंड आर)
- खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले
- नागरिक उड्डयन
- पुनर्वास
- गृह
- स्वास्थ्य
- चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान
- आयुष
- विद्यालय शिक्षा
- संसदीय कार्य
- सत्कार
- पर्यावरण, वन और वन्यजीव
- विरासत और पर्यटन
- यातायात
- खान और भूविज्ञान
- चुनाव
- उच्च शिक्षा
- ऊर्जा
- जेल
- कृषि और किसान कल्याण
- पशुपालन और डेयरी
- मत्स्य पालन
- कानून और विधायी
- सहयोग
- लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी
- शहरी स्थानीय निकाय
- आवास
- विकास और पंचायत
ओमप्रकाश यादव (राज्य मंत्री)
- सैनिक और अर्ध सैनिक कल्याण (स्वतंत्र प्रभार)
- सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग कल्याण और अंत्योदय (मुख्यमंत्री के साथ संलग्न)
- महिला बाल विकास (स्वतंत्र प्रभार)
- अभिलेखागार (स्वतंत्र प्रभार)
- श्रम (स्वतंत्र प्रभार)
- राजस्व और आपदा प्रबंधन (उप मुख्यमंत्री के साथ संलग्न)
- उद्योग और वाणिज्य (उ पमुख्यमंत्री के साथ संलग्न)
- खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले (उ पमुख्यमंत्री के साथ संलग्न)
- छपाई और स्टेशनरी (स्वतंत्र प्रभार)