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पृथ्वी थियेटर के तर्ज पर सजेगा टैगोर थियेटर
रूबी सिंह/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 04 Sep 2014 04:19 PM IST
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पृथ्वी थियेटर मुंबई के ओपन एयर कैफे के तर्ज पर सिटी ब्यूटीफुल के टैगोर थियेटर-18 में जल्द ऐसे ही कैफीटेरिया बनेगा। जहां थियेटर के बाहर खूबसूरत कैफे होगा और अंदर रंगमंच के शौकीन दर्शक और कलाकार को फुर्सरत के पलों को रोचक किताबें पढ़कर बिताने का मौका मिलेगा।
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यह कैफीटेरिया सुबह दस बजे से रात नौ बजे खुला रहेगा, जहां आर्टिस्ट अपने ग्रुप के साथ आ सकते हैं और रंगमंच, नाटककार की जीवनी और अन्य किताबों को पढ़ने के शौकीन यहां किताबें पढ़ सकते हैं। सिटी के दर्शकों और कलाकारों के लिए यह पहल टैगोर थियेटर के निदेशक कुलदीप शर्मा ने की।
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उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट को यूटी प्रशासक के सलाहकार केके शर्मा से हरी झंडी मिल चुकी है और इसका नक्शा भी चीफ आर्किटेक्चर विभाग को सौंप दिया गया है।
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मुख्य गेट के पास बाहर होगा ओपन एयर कैफे
कैफीटेरिया के नक्शे के अनुसार टैगोर थियेटर के मुख्य गेट के पास वाले कोने में बाहर एक ओपन एयर कैफे होगा। इसके लिए उन्होंने शहर के तमाम बडे़ रेस्टोरेंट से संपर्क किया है, उन्होंने इसके लिए कैफे कॉफी डे (सीसीडी), सिंधी स्वीट्स और अन्य रेस्टोरेंट से आवेदन मांगे है।
अंदर होंगी सोफा की सीटें और आठ बुक शॉप
थियेटर के अंदर कैंटीन की जगह को बदलकर यहां बैठने की व्यवस्था की जाएगी। इसमें आठ बुक शॉप होगी, जिसके लिए उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा दिल्ली से संपर्क किया है, जो उन्हें रंगमंच और लेखकों की किताबें उपलब्ध करवाएंगे। साथ ही यहां चंडीगढ़ ललित कला अकादमी सेक्टर-34 की ओर से एक शॉप लगाई जाएगी, जो सिटी के सोविनेयर को पेश करेंगे। अंदर में सोफा सीट की व्यवस्था की जाएगी।
दर्शकों के लिए टैगोर थियेटर खास
निदेशक कुलदीप शर्मा ने बताया कि शहर के आर्टिस्ट और दर्शक के लिए टैगोर थियेटर की खास जगह है। यहां लोग नाटक देखने तो आते हैं, लेकिन कहीं से कहीं यहां कैफीटेरिया को मिस करते थे। अब मुंबई के पृथ्वी थियेटर और नेशनल स्कूल आफ ड्रामा दिल्ली की तरह यहां भी दर्शक और आर्टिस्ट एक साथ बैठकर रंगमंच से जुड़ी रोचक किताबें पढ़ सकते हैं।
यह कैफे आर्टिस्ट और दर्शक दोनों के लिहाज से बेहद ही अद्भुत होगा। शहर के कलाकारों और दर्शकों को यूटी प्रशासन और टैगोर थियेटर सोसायटी हर संभव सुविधाएं देने की सराहनीय कोशिश कर रही हैं।
गुरचरण सिंह चन्नी, चेयरमैन, चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी-34
यह कैफीटेरिया शहर के दर्शकों और कलाकारों के लिए बेहद अच्छा होगा। यहां आकर दर्शक रंगमंच के ओर करीब आएंगे। यह पहल सराहनीय है।
रानी बलबीर कौर, रंगमंच निदेशिका