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जल्द बताएंगे, चंडीकोटला में कितना हुआ नुकसान
अमर उजाला, पंचकूला
Updated Wed, 04 Dec 2013 01:19 AM IST
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चंडीकोटला में हुए नुकसान का आकलन के लिए गठित कमेटी जल्द ही इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपेगी। इसके लिए नगर निगम, बीएंडआर सहित अन्य विभागों के अधिकारी जुट गए हैं।
अगले सप्ताह तक यह रिपोर्ट प्रशासन को सौंपे जाने की उम्मीद है। चंडीकोटला वासियों की मांग है कि उन्हें राहत देने की बजाय उनके रहने के लिए वैकल्पिक इंतजाम किए जाएं।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल नुकसान का आकलन किया जा रहा है। पिछले करीब डेढ़ वर्षों के दौरान चंडीकोटला में मकानों में दरार आने के बाद नगर निगम ने 56 मकानों को खतरनाक घोषित कर दिया था।
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ऐसे में वहां के लोगों के लिए रहने की समस्या बनी हुई है। कुछ महीने पहले प्रशासन की ओर से अस्थायी टेंट बनवाए गए थे, लेकिन चोरों ने टेंट ही चुरा लिया।
नतीजतन अब लोगों के पास टेंट में भी रहने लायक इंतजाम नहीं है। सर्दियों की शुरुआत होने के कारण लोगों के सामने समस्या यह हो गई है कि घर के अंदर उन्हें मकान के टूटकर गिरने का खतरा सता रहा है तो सर्दियों में रहना ही मुश्किल है।
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अगले सप्ताह तक यह रिपोर्ट प्रशासन को सौंपे जाने की उम्मीद है। चंडीकोटला वासियों की मांग है कि उन्हें राहत देने की बजाय उनके रहने के लिए वैकल्पिक इंतजाम किए जाएं।
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विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल नुकसान का आकलन किया जा रहा है। पिछले करीब डेढ़ वर्षों के दौरान चंडीकोटला में मकानों में दरार आने के बाद नगर निगम ने 56 मकानों को खतरनाक घोषित कर दिया था।
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ऐसे में वहां के लोगों के लिए रहने की समस्या बनी हुई है। कुछ महीने पहले प्रशासन की ओर से अस्थायी टेंट बनवाए गए थे, लेकिन चोरों ने टेंट ही चुरा लिया।
नतीजतन अब लोगों के पास टेंट में भी रहने लायक इंतजाम नहीं है। सर्दियों की शुरुआत होने के कारण लोगों के सामने समस्या यह हो गई है कि घर के अंदर उन्हें मकान के टूटकर गिरने का खतरा सता रहा है तो सर्दियों में रहना ही मुश्किल है।