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देश में सबसे कम रेट पर बिजली खरीदेगा चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 15 Apr 2014 10:55 AM IST
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यूटी का बिजली विभाग अब चंडीगढ़ रिन्यूअल एनर्जी साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी (क्रेस्ट) से 1.13 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली खरीद पाएगा। यूटी के बिजली विभाग की ओर से सोलर पॉवर फोटोवोल्टिक प्लांट से बिजली बेचने के मामले में ज्वाइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (जेईआरसी) ने रेट निर्धारित कर दिए हैं।
हालांकि, जेईआरसी की ओर से तय रेट क्रेस्ट को मंजूर नहीं हैं और अब क्रेस्ट जेईआरसी के इस आदेश को चुनौती देगा। बिजली खरीद के लिए यह देश में सबसे कम रेट हैं। कई राज्यों में सोलर पॉवर फोटोवोल्टिक प्लांट से पैदा हुई बिजली 8 रुपये प्रति यूनिट तक बेची जाती है।
बिजली विभाग ने जताई थी अपत्ति
क्रेस्ट के सौर उर्जा बेचने के प्रस्ताव पर बिजली विभाग ने कुछ माह पहले आपत्ति जताई थी। अपनी आपत्ति में बिजली विभाग ने कहा था कि बिजली विभाग उन्हीं शर्तों पर बिजली खरीदेगा जिन शर्तों पर अन्य स्रोतों से बिजली खरीदी जाती है। क्रेस्ट के प्रस्ताव में कुछ कामर्शियल शर्तें ऐसी हैं जो कि बिजली विभाग को स्वीकार नहीं हैं।
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क्रेस्ट ने सौर उर्जा बेचने के लिए 8.75 प्रति यूनिट के हिसाब के रेट लेने की शर्त भी रखी थी और इस पर भी बिजली विभाग ने आपत्ति जताई थी। क्रेस्ट की याचिका को स्वीकार करते हुए जेईआरसी ने यह निर्देश दिया था कि क्रेस्ट जेईआरसी की ओर से निर्धारित रेट पर ही बिजली बेच पाएगा।
चंडीगढ़ मॉडल सोलर सिटी
ध्यान रहे कि चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर में बिजली बचाने के लिए अब सौर ऊर्जा से बिजली पैदा करनी शुरू कर दी है। यूटी सचिवालय सहित शहर की कई सरकारी इमारतों में अलग-अलग किलोवाट के सोलर फोटोवोल्टिक पॉवर प्लांट लगाए गए हैं, जहां से बिजली का उत्पादन होता है।
केंद्र ने चंडीगढ़ को मॉडल सोलर सिटी के लिए चुना है और इस प्लांट को लगाने के लिए सरकार 30 प्रतिशत सब्सिडी देने के साथ-साथ टैक्स में भी 80 फीसदी छूट देगी।
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हालांकि, जेईआरसी की ओर से तय रेट क्रेस्ट को मंजूर नहीं हैं और अब क्रेस्ट जेईआरसी के इस आदेश को चुनौती देगा। बिजली खरीद के लिए यह देश में सबसे कम रेट हैं। कई राज्यों में सोलर पॉवर फोटोवोल्टिक प्लांट से पैदा हुई बिजली 8 रुपये प्रति यूनिट तक बेची जाती है।
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बिजली विभाग ने जताई थी अपत्ति
क्रेस्ट के सौर उर्जा बेचने के प्रस्ताव पर बिजली विभाग ने कुछ माह पहले आपत्ति जताई थी। अपनी आपत्ति में बिजली विभाग ने कहा था कि बिजली विभाग उन्हीं शर्तों पर बिजली खरीदेगा जिन शर्तों पर अन्य स्रोतों से बिजली खरीदी जाती है। क्रेस्ट के प्रस्ताव में कुछ कामर्शियल शर्तें ऐसी हैं जो कि बिजली विभाग को स्वीकार नहीं हैं।
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क्रेस्ट ने सौर उर्जा बेचने के लिए 8.75 प्रति यूनिट के हिसाब के रेट लेने की शर्त भी रखी थी और इस पर भी बिजली विभाग ने आपत्ति जताई थी। क्रेस्ट की याचिका को स्वीकार करते हुए जेईआरसी ने यह निर्देश दिया था कि क्रेस्ट जेईआरसी की ओर से निर्धारित रेट पर ही बिजली बेच पाएगा।
चंडीगढ़ मॉडल सोलर सिटी
ध्यान रहे कि चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर में बिजली बचाने के लिए अब सौर ऊर्जा से बिजली पैदा करनी शुरू कर दी है। यूटी सचिवालय सहित शहर की कई सरकारी इमारतों में अलग-अलग किलोवाट के सोलर फोटोवोल्टिक पॉवर प्लांट लगाए गए हैं, जहां से बिजली का उत्पादन होता है।
केंद्र ने चंडीगढ़ को मॉडल सोलर सिटी के लिए चुना है और इस प्लांट को लगाने के लिए सरकार 30 प्रतिशत सब्सिडी देने के साथ-साथ टैक्स में भी 80 फीसदी छूट देगी।