चंडीगढ़ में मानसून की धमाकेदार दस्तक: सुबह तीन घंटे में 68.2 एमएम बरसात, सुखना का जलस्तर 1157 फुट पर पहुंचा
चंडीगढ़ प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग ने मानसून के मौसम के दौरान किसी भी आपात स्थिति के मामले में जलभराव, पेड़ों की कटाई और बिजली की शिकायतों को दूर करने के लिए एक हेल्पलाइन नंबर 0172-4639999 की स्थापना की है।
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चंडीगढ़ में गुरुवार को मानसून ने धमाकेदार एंट्री ली। सुबह साढ़े आठ से 11.30 बजे तक जोरदार बारिश हुई और 68.2 एमएम पानी गिरा। इससे पूरे शहर में जलभराव हो गया। सड़कों पर कई फुट तक पानी भर गया। इसके बाद शाम साढ़े बजे तक रुक-रुक कर बारिश होती रही। मौसम विभाग के मुताबिक, गुरुवार को कुल 72.9 एमएम पानी बरसा। विभाग ने मानसून के आने की पुष्टि करते हुए बताया कि अगले तीन से पांच दिन तक बारिश होगी और मौसम ऐसा ही रहेगा।
शहर में गुरुवार को सुबह से ही बादल छाए रहे और बारिश होती रही। सुबह से समय लगातार करीब तीन घंटे तक बारिश हुई। इसके बाद भी पूरे दिन रुक-रुक कर बारिश होती रही। मौसम विभाग के निदेशक मनमोहन सिंह ने बताया कि चंडीगढ़ के साथ पंजाब और हरियाणा के भी कई इलाकों में मानसून ने दस्तक दे दी है।
पंजाब और हरियाणा के जिन इलाकों में अभी तक मानसून नहीं पहुंचा है, वहां शुक्रवार को पहुंच जाएगा। मनमोहन सिंह ने बताया कि चंडीगढ़ में गुरुवार को काफी बारिश हुई है। शुक्रवार को भी बारिश की संभावना है लेकिन कम होगी। इसके बाद दो, तीन और चार जुलाई को फिर तेज बारिश की संभावना है। उन्होंने कहा कि केंद्र की तरफ से संबंधित विभागों को बारिश को लेकर जरूरी सूचना दे दी गई है।
बारिश से 9 डिग्री गिरा पारा
बारिश की वजह से चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 26.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और औसत से 9 डिग्री कम रहा और न्यूनतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस ज्यादा है। इसके अलावा पंचकूला में अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और मोहाली में 26.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। विभाग के अनुसार शुक्रवार को भी बारिश होगी। इस दौरान अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान है।
अगले पांच दिन का मौसम (डिग्री सेल्सियस)
- दिन अधिकतम तापमान न्यूनतम
- एक जुलाई 30 26
- दो जुलाई 31 27
- तीन जुलाई 33 27
- चार जुलाई 33 28
- पांच जुलाई 34 26
बारिश से सुखना का जलस्तर 1157 फुट पर पहुंचा, निगरानी शुरू
सुखना झील का जलस्तर 1157 फुट पहुंच गया। हालांकि ये खतरे के निशान 1163 से अभी दूर है लेकिन बारिश के मौसम के चलते अधिकारियों ने लेक पर निगरानी बढ़ा दी है। अगर कैचमेंट एरिया में बारिश होती है तो सुखना लेक का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है। यही कारण है कि लेक पर अधिकारियों की तैनाती के साथ हर घंटे के बाद जलस्तर बढ़ने की जानकारी ली जा रही है।
यूटी प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि झील के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए विभाग के कर्मचारियों की पहले ही तैनाती कर दी गई है। पंजाब को भी इसे लेकर जानकारी दी जा रही है ताकि सुखना से पानी छोड़ना पड़ा तो वहां पर पहले ही उचित इंतजाम हों। इससे पहले वर्ष 2020 में जलस्तर 1163.40 फुट पर पहुंचने के बाद ही गेट खोले गए थे, जिसके चलते सुखना चो भी ओवरफ्लो हो गया था।
सुखना वाइल्ड लाइफ सेंचुरी तीन महीने के लिए बंद
यूटी प्रशासन के वन विभाग ने तीन महीने के लिए सुखना वाइल्ड लाइफ सेंचुरी को बंद कर दिया है। उप वन संरक्षक (डब्ल्यूएल) और उप मुख्य वन्यजीव वार्डन डॉ. अब्दुल कयूम की तरफ से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। कहा गया है कि एक जुलाई से एक अक्तूबर के बीच सुखना वाइल्ड लाइफ सेंचुरी को बंद रखा जाएगा क्योंकि बारिश का मौसम है और वन्यजीवों के लिए प्रजनन का मौसम है। दो अक्तूबर से सुखना वाइल्ड लाइफ सेंचुरी को दोबारा लोगों के लिए खोला जाएगा।