Rain in Chandigarh: छह घंटे में 52.4 एमएम बरसात, चौक लबालब, घरों में घुसा पानी
बारिश के कारण पंजाब विश्वविद्यालय में सड़कों पर काफी पानी भर गया। परीक्षा देने पहुंचे विद्यार्थियों को गंदे पानी से होकर ही निकलना पड़ा। वहीं, जेडब्ल्यू मैरियट चौक और सेक्टर-17 बस अड्डे के सामने काफी पानी भर गया था।
विस्तार
चंडीगढ़ में रविवार सुबह साढ़े आठ बजे से शुरू हुई बारिश दोपहर ढाई बजे तक जारी रही। छह घंटे में 52.4 मिमी पानी बरसा। मूसलाधार बारिश से शहर के सभी चौक पर एकबार फिर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई, जिससे वाहन चालकों को परेशानी झेलनी पड़ी। उधर, बारिश से सुखना लेक का जलस्तर एक बार फिर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया। इसके बाद अधिकारियों ने एहतियात बरतते हुए सुखना का एक फ्लड गेट खोल दिया। इस सीजन में दूसरी बार सुखना के फ्लड गेट खोला गया है।
बता दें कि इस बार मानसून शहर पर मेहरबान है और अब तक 523.2 मिमी पानी बरस चुका है, जो सामान्य से 22 एमएम ज्यादा है। मौसम विभाग के अनुसार इससे पहले मानसून सीजन में 319.4 एमएम पानी बरसा था। विभाग के मुताबिक, शनिवार रात साढ़े 8 बजे से सुबह साढ़े आठ बजे तक मात्र 0.7 एमएम बारिश हुई। उसके बाद झमाझम बारिश ने छह घंटे में सड़कें लबालब कर दीं।
वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में घरों में पानी घुस गया। मानसून सीजन में गर्मी से तो लोगों को राहत मिल रही है लेकिन जलभराव की समस्या से भी जूझना पड़ रहा है। प्रशासन और नगर निगम कितने ही रोड गलियों की सफाई के दावे कर ले लेकिन बारिश हर बार दावों की पोल खोल देती है। जैसे ही अधिकारियों को लगता है कि मानसून खत्म, वैसे ही बारिश आकर उनकी परीक्षा ले लेती है। यही कारण है कि रविवार को हुई बारिश ने सफाई व्यवस्था की पोल एक बार फिर से खोल दी।
पीयू में भरा पानी, सेक्टर-34 व 17 के चौक भरा पानी
बारिश के कारण पंजाब विश्वविद्यालय में सड़कों पर काफी पानी भर गया। परीक्षा देने पहुंचे विद्यार्थियों को गंदे पानी से होकर ही निकलना पड़ा। वहीं, जेडब्ल्यू मैरियट चौक और सेक्टर-17 बस अड्डे के सामने काफी पानी भर गया था। ड्डूमाजरा कॉलोनी में बारिश के कारण घरों में पानी भर गया। दड़वा और हल्लोमाजरा में जलभराव के कारण लोगों का सड़क से निकलना मुश्किल हो गया।
इससे पहले 17 जुलाई को खोला गया था सुखना का फ्लड गेट
कैचमेंट एरिया व शहर में रविवार सुबह से हुई तेज बारिश के कारण सुखना लेक का जलस्तर एक बार फिर से खतरे के निशान के करीब 1162.70 फुट पर पहुंच गया। इसके बाद दोपहर लगभग तीन बजे लेक का एक फ्लड गेट खोल कर मोहाली व पटियाला के अधिकारियों को भी इस संबंध में सूचित कर दिया गया।

इससे पहले 17 जुलाई को भी सुखना लेक का एक फ्लड गेट खोला गया था। तब जलस्तर 1162.45 फुट पर पहुंच गया था। बता दें कि वर्ष 2020 में लेक का जलस्तर 1163.40 फुट पर पहुंचने के बाद फ्लड गेट खोले गए थे, जिसके चलते सुखना चो भी ओवरफ्लो हो गई है। इस कारण बलटाना के एरिया में भी पानी घुस गया था। यही कारण है कि पिछले साल प्रशासन ने डेंजर मार्क पर पहुंचने से पहले ही फ्लड गेट खोलने शुरू कर दिए हैं।
फैदा में पुल टूटा, अधिकारी सुनने को तैयार नहीं
बारिश के कारण सुखना के फ्लड गेट खोल दिए गए। इस कारण फैदा पुल के नीचे काफी तेजी से पानी आ गया। पुल के साथ में डली पाइप लाइन पानी के बहाव में बह गई और पुल भी टूट गया। चंडीगढ़ व पंजाब को जोड़ने वाले इस पुल को अधिकारी ठीक नहीं कर रहे हैं क्योंकि यह लाल डोरे के बाहर आता है। ऐसे में लोग जान जोखिम में डालकर यहां से निकल रहे हैं।
मौसम हुआ सुहाना, आगे भी हल्की बारिश के आसार
बारिश के बाद शहर में मौसम सुहाना हो गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले पांच दिन चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली में अधिकतम तापमान क्रमश: 31, 32, 34, 33, 32 डिग्री सेल्सियस रहेगा, वहीं न्यूनतम तापमान 25, 25, 26, 26, 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में हल्की बारिश और बादल छाए रहने का अनुमान है।