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चंडीगढ़ में जून के आखिर में आएगा मानसून, अभी 40 तक जाएगा तापमान, आगे ऐसा रहेगा मौसम
Sat, 30 May 2020 10:12 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 30 May 2020 10:12 AM IST
सार
- बारिश ने तोड़ा तीन साल का रिकार्ड
- साल 2014 के बाद बनी ऐसी स्थिति
- मानसून पर नहीं असर, तय समय पर आएगा
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चंडीगढ़ में भारी बारिश
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मई की पहचान झुलसा देनी वाली गर्मी से होती है, मगर इस बार हालात कुछ बदले हुए हैं। महीने की शुरुआत सुहावने मौसम से हुई थी। बीच में जबरदस्त गर्मी पड़ी तो आखिरी में ठंडी हवाओं ने गर्मी को छू मंतर कर दिया।
मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ का असर 31 मई तक रहने के आसार हैं। शनिवार 30 मई को अच्छी बारिश और तेज हवाएं चलने के आसार हैं। रविवार से पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ने लगेगा। रविवार को एक दो इलाके में छिटपुट बारिश हो सकती है। एक जून से मौसम साफ होने लगेगा और तापमान में फिर से गर्मी बढ़ेगी। तापमान एक बार फिर से 40 के नजदीक पहुंच सकता है।
हरियाणा के 6 जिलों में 50 किमी. प्रति घंटा से आई आंधी, पेड़-खंभे गिरे, बदला मौसम छाई ठंडक
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मानसून पर असर नहीं, जून के आखिरी पहुंचेगा
मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि इस पश्चिमी विक्षोभ का मानसून पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अभी जो स्थितियां बनी हुई हैं, उसके मुताबिक मानसून तय समय पर आएगा। यदि बीच में कोई परिवर्तन आया है तो थोड़ा ऊपर नीचे हो सकता है।
चंडीगढ़ में मानसून आने की तारीख 27 जून तय है। स्काईमेट के मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून केरल के काफी करीब पहुंच चुका है। यदि हालात ऐसे बने रहे तो 30 मई को मानसून केरल में एंट्री कर जाएगा।
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मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ का असर 31 मई तक रहने के आसार हैं। शनिवार 30 मई को अच्छी बारिश और तेज हवाएं चलने के आसार हैं। रविवार से पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ने लगेगा। रविवार को एक दो इलाके में छिटपुट बारिश हो सकती है। एक जून से मौसम साफ होने लगेगा और तापमान में फिर से गर्मी बढ़ेगी। तापमान एक बार फिर से 40 के नजदीक पहुंच सकता है।
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मानसून पर असर नहीं, जून के आखिरी पहुंचेगा
मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि इस पश्चिमी विक्षोभ का मानसून पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अभी जो स्थितियां बनी हुई हैं, उसके मुताबिक मानसून तय समय पर आएगा। यदि बीच में कोई परिवर्तन आया है तो थोड़ा ऊपर नीचे हो सकता है।
चंडीगढ़ में मानसून आने की तारीख 27 जून तय है। स्काईमेट के मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून केरल के काफी करीब पहुंच चुका है। यदि हालात ऐसे बने रहे तो 30 मई को मानसून केरल में एंट्री कर जाएगा।
बारिश ने पिछले तीन साल का रिकार्ड तोड़ दिया साल
शुक्रवार को हुई झमाझम बारिश से ऐसा महसूस हुआ कि पूरे उत्तर भारत में मानसून आ गया हो। ठंडी हवाओं और बारिश से अधिकतम तापमान में सात डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। बीते 24 घंटे में हुई बारिश ने पिछले तीन साल का रिकार्ड तोड़ दिया है। 24 घंटे में करीब 20.2 एमएम बारिश दर्ज की गई है, जबकि पिछले साल 2019 में 24 घंटे में 10 एमएम, साल 2018 में 4.4 और साल 2017 में 4.0 एमएम दर्ज हुई थी।
बारिश से लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली है। बीते मंगलवार को चंडीगढ़ का अधिकतम तापमान 43.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो इस सीजन का अब तक का सबसे गर्म दिन था। इन दिनों बारिश की वजह एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और राजस्थान के आसपास के भागों में बने चक्रवाती हवाएं बनीं।
52 मिनट में दो बार भूकंप के झटकों से हिला दिल्ली एनसीआर, हरियाणा का रोहतक रहा केंद्र
इन मौसमी सिस्टम की वजह से मौसम ने करवट बदली है। मौसम में आए बदलाव से अधिकतम तापमान में सामान्य से सात डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 25.2 डिग्री सेल्सियस, जो सामान्य से एक डिग्री ज्यादा था।
2014 के बाद बनी ऐसी स्थिति
चंडीगढ़ मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि मई के महीने में छह साल बाद ऐसा मौसम देखने को मिला है। मई में पश्चिमी विक्षोभ आते हैं, लेकिन कमजोर होते थे। बारिश भी बहुत कम हुआ करती थी। काफी साल बाद मई में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ देखने को मिला है। जनवरी से लेकर अब तक एक दर्जन से ज्यादा पश्चिमी विक्षोभ आ चुके हैं। मानसून से पहले पश्चिमी विक्षोभ की वजह से उत्तर भारत में बारिश होती है।
बारिश से लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली है। बीते मंगलवार को चंडीगढ़ का अधिकतम तापमान 43.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो इस सीजन का अब तक का सबसे गर्म दिन था। इन दिनों बारिश की वजह एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और राजस्थान के आसपास के भागों में बने चक्रवाती हवाएं बनीं।
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इन मौसमी सिस्टम की वजह से मौसम ने करवट बदली है। मौसम में आए बदलाव से अधिकतम तापमान में सामान्य से सात डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 25.2 डिग्री सेल्सियस, जो सामान्य से एक डिग्री ज्यादा था।
2014 के बाद बनी ऐसी स्थिति
चंडीगढ़ मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि मई के महीने में छह साल बाद ऐसा मौसम देखने को मिला है। मई में पश्चिमी विक्षोभ आते हैं, लेकिन कमजोर होते थे। बारिश भी बहुत कम हुआ करती थी। काफी साल बाद मई में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ देखने को मिला है। जनवरी से लेकर अब तक एक दर्जन से ज्यादा पश्चिमी विक्षोभ आ चुके हैं। मानसून से पहले पश्चिमी विक्षोभ की वजह से उत्तर भारत में बारिश होती है।