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वर्णिका कुंडू छेड़छाड़: कोर्ट ने कहा- आरोपियों को कॉल डिटेल नहीं दी जा सकती
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 10 Oct 2017 09:24 AM IST
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Varnika Kundu and Vikas Barala
- फोटो : File Photo
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आईएएस की बेटी वर्णिका से छेड़छाड़ और अपहरण के आरोपी विकास बराला व आशीष के वकील की ओर से दायर याचिका जिला अदालत ने सुनवाई के बाद खारिज कर दी। याचिका में बचाव पक्ष ने अभियोजन पक्ष से पुलिस थाने की सीसीटीवी फुटेज और पीड़िता व उसके पिता के बीच की घटना के वक्त का कॉल रिकार्ड मांगा था।
याचिका पर सोमवार को बहस के बाद एसीजेएम कोर्ट ने याचिका को इस स्टेज पर मेंटेनेबल नहीं बताते हुए खारिज कर दिया। वहीं अदालत ने दोनों के खिलाफ आरोप तय करने के लिए 11 अक्तूबर की तिथि तय की है। सोमवार को मामले में शिकायतकर्ता और पीड़िता आईएएस की बेटी पिता के साथ मौजूद रही।
इससे पहले सुबह अदालत में विकास बराला और आशीष की ओर से उनके वकील ने याचिका पर बहस की। बचाव पक्ष की ओर से 6 अक्तूबर को दायर याचिका में उन्होंने एफआईआर दर्ज करते वक्त की पुलिस थाने की सीसीटीवी फुटेज मांगी थी। साथ ही घटना के वक्त की पीड़िता और उसके पिता के बीच की कॉल डिटेल भी मांगी थी। याचिका पर सरकारी वकील ने दलील दी कि, थाने की सीसीटीवी फुटेज ओवरराइट हो चुकी है।
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यह बात पुलिस पहले ही अदालत में बता चुकी है। रही बात कॉल डिटेल की तो केस अभी अंडर ट्रायल है और वह पुलिस की ओर से बतौर सुबूत है। वह सुबूत को बचाव पक्ष को नहीं सौंप सकते। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद याचिका पर दोपहर में फैसला सुनाया और बचाव पक्ष की याचिका को खारिज कर दिया।
बता दें कि 21 सितंबर को थाना पुलिस ने दोनों के खिलाफ 300 पेज का चालान दाखिल किया था। इसमें दोनों के खिलाफ 341, 354डी, 365, 511, 34 आईपीसी और 185 एमवी एक्ट के तहत आरोप पत्र दायर किया गया है। पुलिस ने केस में 40 गवाह बनाए हैं।
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याचिका पर सोमवार को बहस के बाद एसीजेएम कोर्ट ने याचिका को इस स्टेज पर मेंटेनेबल नहीं बताते हुए खारिज कर दिया। वहीं अदालत ने दोनों के खिलाफ आरोप तय करने के लिए 11 अक्तूबर की तिथि तय की है। सोमवार को मामले में शिकायतकर्ता और पीड़िता आईएएस की बेटी पिता के साथ मौजूद रही।
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इससे पहले सुबह अदालत में विकास बराला और आशीष की ओर से उनके वकील ने याचिका पर बहस की। बचाव पक्ष की ओर से 6 अक्तूबर को दायर याचिका में उन्होंने एफआईआर दर्ज करते वक्त की पुलिस थाने की सीसीटीवी फुटेज मांगी थी। साथ ही घटना के वक्त की पीड़िता और उसके पिता के बीच की कॉल डिटेल भी मांगी थी। याचिका पर सरकारी वकील ने दलील दी कि, थाने की सीसीटीवी फुटेज ओवरराइट हो चुकी है।
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यह बात पुलिस पहले ही अदालत में बता चुकी है। रही बात कॉल डिटेल की तो केस अभी अंडर ट्रायल है और वह पुलिस की ओर से बतौर सुबूत है। वह सुबूत को बचाव पक्ष को नहीं सौंप सकते। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद याचिका पर दोपहर में फैसला सुनाया और बचाव पक्ष की याचिका को खारिज कर दिया।
बता दें कि 21 सितंबर को थाना पुलिस ने दोनों के खिलाफ 300 पेज का चालान दाखिल किया था। इसमें दोनों के खिलाफ 341, 354डी, 365, 511, 34 आईपीसी और 185 एमवी एक्ट के तहत आरोप पत्र दायर किया गया है। पुलिस ने केस में 40 गवाह बनाए हैं।
ये है मामला
Vikas Barala Arrested
ये है मामला
4 अगस्त की रात 12 बजे पुलिस कंट्रोल रूम में पीड़िता ने कॉल कर सूचना दी कि कार सवार दो युवक सेक्टर-7 से उसकी गाड़ी का पीछा कर रहे हैं। पीड़िता के बताए अनुसार मौके से कुछ दूरी हाउसिंग बोर्ड चौक पर थाना पुलिस और पीसीआर ने दोनों आरोपी युवकों को गिरफ्तार कर लिया। वारदात के समय पीड़िता अकेली कार ड्राइव कर रही थी, जबकि दोनों आरोपियों की कार आशीष ड्राइव कर रहा था।
आरोपियों ने तीन बार पीड़िता की गाड़ी ओवरटेक करके भी रोकने की कोशिश की थी। पुलिस ने कॉल के बाद दोनों को हाउसिंग बोर्ड चौक के लाइट प्वाइंट से गिरफ्तार कर लिया था। शुरुआत में केस में धारा 354डी (छेड़छाड़), 341 (पीछा करना) व 185 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत जमानती धारा के तहत केस दर्ज कर किया था।
साथ ही दोनों को थाने से ही जमानत दे दी थी। लेकिन, बाद में चौतरफा पुलिस की किरकिरी के बाद पुलिस ने केस में विकास बराला और आशीष कुमार के खिलाफ धारा 365, 511 (किड़नैपिंग की कोशिश) की धारा जोड़ी और दोनों को जांच के लिए बुलाकर गिरफ्तार कर लिया था।
4 अगस्त की रात 12 बजे पुलिस कंट्रोल रूम में पीड़िता ने कॉल कर सूचना दी कि कार सवार दो युवक सेक्टर-7 से उसकी गाड़ी का पीछा कर रहे हैं। पीड़िता के बताए अनुसार मौके से कुछ दूरी हाउसिंग बोर्ड चौक पर थाना पुलिस और पीसीआर ने दोनों आरोपी युवकों को गिरफ्तार कर लिया। वारदात के समय पीड़िता अकेली कार ड्राइव कर रही थी, जबकि दोनों आरोपियों की कार आशीष ड्राइव कर रहा था।
आरोपियों ने तीन बार पीड़िता की गाड़ी ओवरटेक करके भी रोकने की कोशिश की थी। पुलिस ने कॉल के बाद दोनों को हाउसिंग बोर्ड चौक के लाइट प्वाइंट से गिरफ्तार कर लिया था। शुरुआत में केस में धारा 354डी (छेड़छाड़), 341 (पीछा करना) व 185 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत जमानती धारा के तहत केस दर्ज कर किया था।
साथ ही दोनों को थाने से ही जमानत दे दी थी। लेकिन, बाद में चौतरफा पुलिस की किरकिरी के बाद पुलिस ने केस में विकास बराला और आशीष कुमार के खिलाफ धारा 365, 511 (किड़नैपिंग की कोशिश) की धारा जोड़ी और दोनों को जांच के लिए बुलाकर गिरफ्तार कर लिया था।